आज कचहरी परिसर में सरकार का पुतला फूंकेगे वकील, 29 अगस्त से चल रही है हड़ताल !

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आज कचहरी परिसर में सरकार का पुतला फूंकेगे वकील, 29 अगस्त से चल रही है हड़ताल !

हापुड़ जिले में  हुऐ वकीलो पर अत्याचार को लेकर  वकीलो के द्वारा 29 अगस्त से धरना किया जा रहा  है और इस धरना को करते हुऐ 17 दिन हो गए है  बता दे कि चल रहे धरना में वकीलो का आक्रोश देखने को मिल रहा है वही अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज को लेकर न्यायिक कार्य का विरोध करते हुए आक्रोश प्रकट कर रहे अधिवक्ताओं ने 13 और 14 सितंबर को भी हड़ताल पर रहने का निर्णय किया था. स्टेट बार काउंसिल, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, शासन, प्रशासन की ओर से बार काउंसिल और अधिवक्ताओं की मांग पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और आज वकीलो के द्वारा कचहरी परिसर में सरकार का पुतला फुंकेगें । आपको बता दे कि हड़ताल के दौरान वकीलों ने तहसील में सपंत्तियों की रजिस्ट्री दो दिन से पूरी तरह बंद करा दी है। वही इस मामले को लेकर एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताय कि दो दिन से रजिस्ट्री बंद है और बंद होने का चक्कर में 10 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है वही बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर वकील गुरुवार को यानी की आज कचहरी पर पुतला दहन करेंगे। बता दे कि जब से हापुड़ मे पुलिसकर्मी के द्वारा वकीलो के ऊपर लाठीचार्ज किया है उसके दुसरे दिन से ही वकील हड़ताल पर बैठे हुऐ है।

29 अगस्त से शुरुआत हुई थी हड़ताल  की

आपको  बता दे वकीलो को हड़ताल करते हुऐ पुरे 17 दिन हो गए है 29 अगस्त से वकीलों ने हड़ताल की शुरुआत की थी लेकिन बता नही कब तक ये हड़ताल और ऐसे ही चलने वाला है अभी 17 दिन हो चुके है हड़ताल को लेकिन अभी तक वकीलो  को न्याय नहीं मिला है । इस हड़ताल के चक्कर में जनता को  काफी ज्यादा समस्य का सामना करना पड़ रहा है क्यो कि जब से वकील धरना पर बैठे है तब से कचहरी में काम नही किया जा रहा है

कौन- कौन से वकील मौजूद है धरना में

आपको बता दे कि हड़ताल से पहले जिले में सदर तहसील के अलावा लोनी और मोदीनगर में संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है। रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क से प्रतिदिन पांच करोड़ रुपये के राजस्व की आय होती है। इसके अलावा रजिस्ट्री कराने वाले बैनामा लेखकों और वकीलों को भी मोटी फीस मिलती है। पहले हड़ताल के दौरान बैनामा लेखक रजिस्ट्री करा रहे थे, जबकि वकील कामकाज से दूर थे। तहसील बार के सचिव विकास त्यागी ने बताया कि मंगलवार से निबंधन कार्यालय और कोषागार में पूरी तरह से काम बंद करा दिया गया है। सचिव ने कहा जब तक वकीलों की मांगे मानी नहीं जाएंगी रजिस्ट्री नहीं होने दी जाएगी। धरने में सचिव स्नेह त्यागी, पूर्व अध्यक्ष योंगेंद्र कौशिक, पूर्व सचिव नितिन यादव, मनोज नागवंशी मौजूद रहे। देखते है कि कब तक इन लोगो की मांग सरकार नही मानती है साथ ही वकीलो का कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगों मे पुरा नही कर देती है तब तक हम इसी तरह धरना करते रहे गए।

हड़ताल के चक्कर में दुकानदारों का हुआ  काफी नुकसान

तहसील के पास जितने भी चाय की दुकान थी जिनकी रोजीरोटी उस दुकान से चलती थी वो लोग भी काफी ज्यादा परेशान है क्योकि जब से हड़ताल चला है तब से उन लोगो का काम ठप हो गया है वही के दुकान दार ने बताया  कि चाय वकीलों के चैंबरों में जा रही है लेकिन भुगतान हड़ताल के बाद करने के लिए अधिवक्ता कह रहे हैं। काम नहीं होने से स्टांप वेंडर नोटरी और टाइपिस्ट परेशान हैं। अब ये सभी हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे है। बार एसोसिएशन ने आदेश पारित किया है कि कचहरी में टाइपिस्ट, वेंडर फोटो स्टेट और नोटेरी करने वाला कार्य करता हुआ पाया गया तो उससे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा। दुकानदारों का कहना है कि हड़ताल की वजह से पहले ही कचहरी में काम खत्म हो गया था। अगर कोई काम कराने के लिए आता भी है तो उस पर भी बार एसोसिएशन ने रोक लगा दी है। इस स्थिति में उनके सामने भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। आग ये हड़ताल इसी तरह से चालू रहा तो जल्दी ही हम हो हमारे घर वाले  भुखमरी के कारण भुखआ मर जाऐगे।

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