गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल मे बुधवार को उमड़ी मरीजो की भीड़, छह घंटे 3087 मरीज पहुंचे अस्पताल!

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गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल मे बुधवार को उमड़ी मरीजो की भीड़, छह घंटे 3087 मरीज पहुंचे अस्पताल!

आपको बता दे कि गाजियाबाद के  एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में बुधवार को छह घंटे मे 3087 मरीज पहुंचे। बता दें कि गर्मी और बारिश के चक्रर में काफी लोग बीमार हो गये है रोजआना मौसम बदलने के  चक्कर में आये दिन पर दिन पर बीमारीया बढ़ रही है दिल्ली में डेंगू का भी खतरा काफी ज्यादा देखने को  मिल रहा है और वही मंगलवार को और बुधवार को अस्पताल में मरीजो की सख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है ।
इसमें उमस और तेज गर्मी से सबसे अधिक बुखार, उल्टी-दस्त और आई फ्लू के मरीजो की संख्या बढ़ रही है बता दे कि 10  दिन के बाद आई फ्लू के मरीजों की संख्या में कमी आई है जबकि बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं।
एमएमजी अस्पताल के डॉक्टर ने दी जानकारी
 बता  दे कि एमएमजी अस्पताल के डॉक्टर सीएमएस डाॅ. मनोज चतुर्वेदी बता कि तीन दिन से तेज बुखार से बीमार हैं। मंगलवार को उन्होंने स्टॉफ की तनख्वाह जारी करने के लिए प्रशासनिक कार्य किया। मंगलवार को एमएमजी अस्पताल में 2237 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें से 920 महिलाएं और 905 पुरुष मरीज थे। उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित 392 बच्चों का बाल रोग ओपीडी में इलाज हुआ। फिजिशियन की ओपीडी में आए 274 मरीजों को तेज और 251 को सामान्य बुखार था। उल्टी दस्त और पेट दर्द के 600 मरीजों को ओपीडी से दवा उपलब्ध कराई गई। इमरजेंसी में 112 मरीजों को भर्ती किया गया। संयुक्त अस्पताल में 850 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 23 मरीज भर्ती किए गए। 12 को बुखार और 11 मरीज उल्टी-दस्त वाले थे।
दिन पर दिन आई फ्लू के मरीजों में हुई कटौती
एमएमजी अस्पताल के आखों के डॉक्टर  डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को ओपीडी में इलाज के लिए आने मरीजों में 20 फीसदी आई फ्लू के मामले कम आए थे। उन्होंने बताया कि दस दिन में अधिकांश लोगों की आंखों में आई फ्लू हो चुका है। इस कारण से अब मरीजों में कमी आएगी, लेकिन अगस्त तक आई फ्लू का संक्रमण रह सकता है। डॉ. नरेंद्र का कहना था कि संक्रमण होने पर घबराने नहीं बल्कि साफ-सफाई का ध्यान रखें। लापरवाही करने पर स्थिति बिगड़ सकती है।
और वही एमएमजी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन ने बताया कि मंगलवार को 20 बच्चों को डिस्चार्ज किया गया, जबकि 42 बच्चों को भर्ती किया गया। उन्होंने बताया कि भर्ती और ओपीडी में अधिकांश बच्चे बुखार, उल्टी-दस्त और निमोनिया से बीमार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है, इसलिए जल्दी भर्ती करने की जरूरत होती है। उल्टी और दस्त के चक्कर में एक महीला अस्पताल में ऐसी भी आयी थी जिसको सांप ने काटा था बता दे कि मोरटी निवासी शर्मिला को घर में सांप ने डस लिया था। दोपहर में तेज गर्मी और उमस होने शर्मीला बाहर के आने के बाद बिस्तर पर लेट गई। गर्मी अधिक होने से कूलर चलाने के लिए स्विच पर हाथ लगाया, इसी दौरान सांप उछलकर शर्मीला के पैर में लपेट लिया। वह सांप को छुड़ा पाती, उसके पहले जांघ में डस लिया। परिजनों ने संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया। अभी महिला की जांच चल रही है और अस्पताल में छह घटें में 3087 मरीजो की सख्या पहुचं चुकी है और डॉक्टर अनुमान लग रही है कि सख्या बढ़ सकती है

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