Wednesday, July 24, 2024

दुनिया भर मे कोरोना का फिर आतंक,5.86 लाख नए केस:चीन में दर्द-बुखार की दवाओं के लिए फैक्ट्रियों तक कतारें, भारत में इनके दाम घटे

चीन के जुहाई शहर का ये वीडिया सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रहा है। इसमें लोग बुखार और दर्द जैसी मामूली दवाईयां खरीदने के लिए दवा...

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AIN NEWS 1: बता दें चीन के जुहाई शहर का ये वीडिया सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रहा है। इसमें लोग बुखार और दर्द जैसी मामूली दवाईयां खरीदने के लिए दवा फैक्ट्रियों के बाहर ही लाइनें लगाकर खड़े हैं।चीन में कोरोना से लगातार हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। लोग दवा कंपनियों की फैक्ट्रियों के बाहर ही लाइनें लगाकर खड़े हैं। जुहाई शहर का एक वीडिया सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है। इसमें लोग बुखार और दर्द जैसी मामूली दवाईयां खरीदने के लंबी कतारों में खड़े हुए देखे जा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के सभी मेडिकल स्टोर से ब्रुफेन और बुखार की कई और दवाईयों की बहुत कमी हो गई है।

इसी बीच भारत ने कोरोना के इलाज में काम आने वाली पैरासीटामॉल, एमोक्सीसिलिन और रेबेपैराजोल जैसी दवाओं की कीमतों को अब कम करने का फैसला किया है। कोरोना का खतरा अब सिर्फ चीन तक ही सीमित नहीं है। बल्कि दुनियाभर में ही इसके मामले बढ़ रहे हैं। Worldometers.info के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में पूरी दुनिया में कोरोना के लगभग 5,86,296 नए मामले सामने आए हैं।

जाने दुनिया भर में कोरोना से जुड़े अपडेट्स

चीन के अस्पतालों में खून की भी काफ़ी कमी भी देखी जा रही है। ग्वांगझोउ शहर इस कमी को पूरा करने के लिए एक दिन में 1,200 ब्लड डोनर्स की जरूरत पड़ रही है।

कोरोना वर्ल्ड स्पीडोमीटर के आंकड़ों के मुताबिक, US में बीते 24 घंटे में 326, फ्रांस में 127, ब्राजील में 197, साउथ कोरिया में 59, जापान में 296, रूस में 59 मौतें दर्ज की गई हैं।

जर्मनी ने बुधवार को बर्लिन से बायोएनटेक कोविड वैक्सीन की पहली खेप भी चीन भेजी है। ये वैक्सीन पहले चीन में रह रहे 20 हजार जर्मन प्रवासियों को ही लगाई जाएगी।

अब जापान, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में कोरोना का खतरा काफ़ी बढ़ रहा है। Worldometers.info के डेटा के मुताबिक, इन देशों में मरीजों की संख्या 10 लाख 65 हजार, 4 लाख 61 हजार और 3 लाख 58 हजार है।

एक हफ्ते में दुनिया में कोरोना के 34 लाख 84 हजार नए मामले सामने आए हैं। 9 हजार 928 लोगों की मौत भी हुई है। और भारत में 7 दिन में 1,081 मामले सामने आए हैं।

बता दें कोरोना के अंत की घोषणा अभी करना होगी जल्दबाजी

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) का कहना है कि कोरोना के वैश्विक अंत की घोषणा करना फिलहाल बहुत जल्दबाजी होगी। यानी कोरोना अब भी ग्लोबल इमरजेंसी बना रहेगा। WHO ने ये बात चीन में लॉकडाउन हटने के बाद बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए कही है। WHO के चीफ टेड्रोस एडहानॉम ने कहा- चीन में स्थिति बहुत ही ज्यादा चिंताजनक है। चीन को वैक्सीनेशन की रफ्तार और बढ़ानी चाहिए।

WHO के चीफ टेड्रोस एडहानॉम ने कहा कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन कोरोना संकट के बीच चीन की हर तरह से मदद करेगा।

जाने चीन से कोविड डेटा भी मांगा

15 दिसंबर को WHO के चीफ टेड्रोस एडहानॉम ने कहा था कि 2023 में कोरोना ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी तो नहीं रहेगा। उन्होंने कहा था- हम उम्मीद करते हैं कि अगले साल हम ये कह सकें की कोरोना का खतरा कम हो गया है और ये हेल्थ इमरजेंसी नहीं है।

उन्होंने चीन से कोरोना वायरस को लेकर डेटा शेयर करने के लिए भी कहा था। WHO ने एक बयान में कहा- कोरोना को बेहतर ढंग से समझने के लिए और इसके ओरिजन से जुड़ी जानकारी के लिए ही चीन से डेटा मांगा गया है। चीन के वुहान में ही कोरोना का सबसे पहला मामला सामने आया था।

चीन में 7 दिन में 15 हजार 548 केस और 7 मौतें रिपोर्ट की गई हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स को आशंका है कि सही आंकड़ा अभी भी छुपाया जा रहा है। मरीजों की संख्या कई गुना ज्यादा हो सकती है।

जाने फ्रांस में हालात बिगड़े, एक दिन में 57 हजार मामले मिले 

फ्रांस में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 16 दिसंबर को यहां लगभग 57,849 मामले सामने आए थे। सरकार लोगों से मास्क लगाने की अपील कर रही है। लोगों को बूस्टर डोज लगवाने की सलाह भी दी जा रही है। इधर, साउथ कोरिया में 20 दिसंबर को 87,759 मामले सामने आए थे। 56 लोगों की मौत हुई थी।

जाने अमेरिका में नया खतरा

अमेरिका में भी एक बार फिर कोविड केस काफ़ी ज्यादा बढ़ने लगे हैं। बुधवार को कुल संक्रमितों का आंकड़ा 10 करोड़ के पार हो गया। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक स्पेशल रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन के लिए सबसे बड़ी फिक्र बुजुर्गों का वैक्सीनेशन ही है।

रिपोर्ट के मुताबिक- 65 साल या इससे ज्यादा उम्र के 94% सीनियर सिटिजन्स ने शुरुआती दो वैक्सीन डोज लिए हैं। चिंता की बात यह है कि 36% बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्होंने बूस्टर शॉट ही नहीं लगवाए और नई लहर में इन्हें खतरा ज्यादा माना जा रहा है। मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सरकार के पास इस दिक्कत से निपटने का कोई भी पुख्ता प्लान भी नहीं है। दिक्कत इसलिए भी है क्योंकि 70 साल या इससे ज्यादा उम्र के अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का आंकड़ा कम उम्र के लोगों से चार गुना ज्यादा रहा है।

मौतों के मामले में भी बुजुर्गों की तादाद कम उम्र के लोगों की तुलना में काफी ज्यादा रही है।

जानें चीन सरकार ने संक्रमितों से कहा- काम पर लौटो

चीन में गंभीर हालात को देखने के बाद भी शी जिनपिंग लॉकडाउन लगाने को बिलकुल तैयार नहीं हैं। देश को अनलॉक करने के लिए चीन 3 साल पुरानी जीरो कोविड नीति को भी छोड़ चुका है। लोगों को बताया जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट इतना खतरनाक नहीं है। ये बस एक मौसमी फ्लू जैसा ही है।

अधिकारियों का मानना है कि वायरस भले ही फैले लेकिन इकोनॉमिक ग्रोथ को रुकना नहीं चाहिए। वो चाहते है कि मैन्यूफैक्चरिंग और फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन बिलकुल न रुके। इसलिए वर्कर्स से कहा जा रहा है कि भले ही वे संक्रमित हों, उन्हें काम पर लौटना चाहिए।

सरकार एडवाइजरी जारी करते हुए कह रही है कि कोरोना का खतरा न के बराबर ही है। अगर किसी को कोरोना हो भी जाता है तो वो अपने घर में आइसोलेशन में रह सकते हैं।

जाने चीन में ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट ने बढ़ाया खतरा

चीन में ओमिक्रॉन का नया वैरिएंट BF.7 फैल रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये ओमिक्रॉन का सबसे शक्तिशाली वैरिएंट है। BF.7 वैरिएंट कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन में एक खास म्यूटेशन से बना है जिसका नाम है R346T। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसी म्यूटेशन की वजह से इस वैरिएंट पर एंटीबॉडी का भी असर नहीं होता।

आसान शब्दों में कहें तो अगर किसी शख्स को पहले कोरोना हो चुका है या उसने वैक्सीन लगवाई है, तो उसके शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है। BF.7 वैरिएंट इस एंटीबॉडी को भी चकमा देकर शरीर में घुसने में सक्षम है।

BF.7 वैरिएंट का पहला केस चीन के इनर मंगोलिया प्रांत में मिला था। अब तक ये वायरस भारत, अमेरिका, UK, बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस, डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों में फैल चुका है। अमेरिका में 10 दिसंबर तक कोरोना के नए मामलों में BF.7 वैरिएंट के 5.7% केस थे। इसी तरह कुल कोरोना के मामलों में बेल्जियम में 25% जबकि फ्रांस और जर्मनी में 10% केस इस वैरिएंट के थे।

जाने कोरोना से जुड़ी ये अहम खबरे

1. क्या कोरोना में चीन की सख्ती सिर्फ दिखावा थी; 5 दावों की पड़ताल ताकि आज उसकी बदहाली की वजह मिले

अब चीन में संक्रमण के हालात 2020 की याद दिला रहे हैं। तब से अब तक शी जिनपिंग सरकार ने इससे निपटने के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए। जीरो कोविड पॉलिसी लाई गई। बेहद सख्त लॉकडाउन लगते रहे। तमाम दावों और वादों के बावजूद कोरोना को कंट्रोल नहीं किया जा सका।

2. चीन में BF.7 वैरिएंट की हरकत देख सहमी दुनिया

चीन में एक बार फिर अस्पताल भरने लगे हैं। दवाएं वहा पर खत्म हो रही हैं। सामूहिक अंतिम संस्कार तक किए जा रहे हैं। वजह है आग की तरह फैल रहा कोरोना वायरस। इतनी तेजी से फैल रहे संक्रमण के लिए जिम्मेदार है ओमिक्रॉन का वैरिएंट BF.7। WHO के अधिकारियों का कहना है कि ये अब तक का सबसे तेज फैलने वाला वैरिएंट है।

3. लॉकडाउन हटने के बाद चीन में कोरोना बढ़ा, डॉक्टर्स भी संक्रमित; सरकार बोली- ओमिक्रॉन खतरा नहीं इसलिए तो उन्होने ढील दी

चीन में जीरो-कोविड पॉलिसी के विरोध के बाद सरकार ने ढील दी और वहा लॉकडाउन हटा दिया, लेकिन अब यहां स्थिति खराब होती नजर आ रही है। अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का सैलाब सा आ गया है। इतना ही नहीं मेडिकल स्टाफ भी संक्रमित हो रहा है। कुछ डॉक्टर्स कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद मरीजों का इलाज कर रहे हैं।

4. चीन में कोरोना से दस लाख मौत होने का अनुमान, अमेरिकी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में किया गया दावा; अप्रैल में आएगा पीक

चीन में कोरोना से होने वाली मौतों के बारे में जारी हुई एक रिपोर्ट ने चीन की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। अमेरिका के ‘इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवेलुएशन’ (आईएचएमई) ने अनुमान लगाया है कि 2023 तक चीन में कोरोना के कारण 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत होगी। ये अनुमान चीन में कोविड प्रतिबंधों के खात्मे के बाद की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लगाए गए हैं।

5. भारत में कोरोना का खतरा:केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बोले- कोरोना खत्म नहीं हुआ

भारत में एक बार फिर कोरोना का खतरा मंडराने लगा है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार भी अलर्ट हो गई है। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सीनियर अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक की। जिनमें उन्होंने कहा कि कोरोना अभी भी खत्म नहीं हुआ है।

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को अधिकारियों और मंत्रियों की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। दूसरी तरफ, यूपी सरकार ने विदेशों से आने वाले यात्रियों की जांच करने के आदेश भी दे दिए हैं।

किम जोंग का अजीबोगरीब दावा : एलियन की वजह से फैल रहा कोरोना, एलियंस ने गुब्बारे में वायरस भरकर फेंका था।

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सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
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