धनतेरस पर गोल्ड की डिमांड में इजाफा, छोटे शहरों में बढ़ी सोने-चांदी की मांग

धनतेरस पर गोल्ड की बिक्री में बंपर उछाल आने का अनुमान है. इसकी सबसे बड़ी वजह सोने की कीमतों में हाल के पीक से आई गिरावट को माना जा रहा है. सर्राफा बाजार के मुताबिक इस साल सोने की बिक्री में 20 से 25 परसेंट तक की तेजी आ सकती है.

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AIN NEWS 1: इस बार धनतेरस पर गोल्ड की बिक्री में बंपर उछाल आने का अनुमान है. इसकी सबसे बड़ी वजह सोने की कीमतों में हाल के पीक से आई गिरावट को माना जा रहा है. सर्राफा बाजार के मुताबिक इस साल सोने की बिक्री में 20 से 25 परसेंट तक की तेजी आ सकती है. हालांकि ये तेजी इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल के मुकाबले इस बार सोना फिलहाल 4 हज़ार रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा मिल रहा है. पिछले साल धनतेरस के दिन 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव 47,904 रुपये प्रति 10 ग्राम था. जबकि 21 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का भाव 51,754 रुपये है. लेकिन इस महंगाई के बावजूद लोग अगर बाजारों में आ रहे हैं तो इसकी वजह है कि दो साल में ये पहली धनतेरस है जब कोरोना की किसी लहर के बिना लोग बाजारों में खुलकर शॉपिंग कर रहे हैं और सभी तरह के मार्केट में अलग ही रौनक नजर आ रही है.

 

कितने टन सोना बिकने का है अनुमान?

कोरोना से प्रभावित 2020 की धनतेरस पर करीब 20 टन सोने के गहनों की बिक्री हुई थी. इसके अगले साल यानी 2021 में धनतेरस पर करीब 50 टन सोना बिका था. लेकिन इस बार उम्मीद है कि सोने की खरीदारी 55 से 60 टन तक पहुंच सकती है. अगर इसको रुपए में कनवर्ट करके देखें तो कीमतों के अंतर की वजह से बिक्री 30 परसेंट तक बढ़ सकती है. पिछले साल धनतेरस पर 23 हजार करोड़ रुपये कीमत के सोने की बिक्री हुई थी जबकि इस बार ये आंकड़ा 30 हजार करोड़ रुपये के पार निकल सकता है. इस भरोसे की बड़ी वजह है कि इस साल करवाचौथ पर सोने की बिक्री में करीब 800 करोड़ रुपये का उछाल आया था. इस साल करवाचौथ पर करीब 3,000 करोड़ रुपये का सोना बिका था जबकि पिछले साल के करवाचौथ पर 2,200 करोड़ के सोने की बिक्री हुई थी.

छोटे शहरों में बढ़ी सोने-चांदी की बिक्री

इस बार सोने-चांदी की बिक्री में छोटे शहर बाजी मारते नजर आ रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक छोटे शहरों की वजह से इस बार सोने-चांदी की पूछताछ करीब 42 परसेंट बढ़ गई है. कुल डिमांड में सोने की पूछताछ का हिस्सा 75 फीसदी है. अलग अलग देखें तो जहां 45 परसेंट लोग छोटे शहरों में सोने-चांदी की पूछताछ कर रहे हैं. वहीं बड़े शहरों में ये आंकड़ा 35 फीसदी है.

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल को सोने की बिक्री में कमी की आशंका

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक इस बार ज्वैलर्स की दुकानों पर पिछले साल की तरह भीड़ नहीं है. ऐसे में WGC ने त्योहारों और शादी-ब्याह की वजह से गोल्ड की भारी भरकम बिक्री की हमेशा से गवाह बनने वाली अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कम बिक्री की आशंका जताई है. WGC के मुताबिक पिछले साल के 800 टन के मुकाबले इस साल भारत में सोने की बिक्री का आंकड़ा 750 टन रह सकता है. इस बार के त्योहारों में पिछले साल के 344 टन से कम सोने की बिक्री का अनुमान है. इसकी वजह है कि लोग मंदी के बावजूद सुरक्षित निवेश माने जाने वाले गोल्ड की खरीद से परहेज कर रहे हैं. इसके बावजूद वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का मानना है कि त्योहारों में सोने की खरीदारी पर महंगाई का असर नहीं देखने को मिल रहा है.

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