पड़ोसी बनिये की दुकान में ऐसा क्या है जो अमेज़न और फ़्लिपकार्ट भी हो गई फेल?

डिजिटलाइजेशन के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। शॉपिंग करने के तरीके के लिहाज से भी देखा जाए तो घर बैठे-बैठे अपनी पसंदीदा सामान ऑर्डर करना, घर बैठे ही सामान की डिलीवरी हो जाना, बाजार जाने के झंझट से छुटकारा और सबसे बड़ी बात कम दाम में सामान मिल जाने की वजह से लोग इसे अपनाते जा रहे हैं।

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राशन के लिए किराना दुकान पहली पसंद

ऑनलाइन शॉपिंग में नहीं आया मजा

10 में से 9 को पसंद है दुकान से ख़रीदारी

AIN NEWS 1: डिजिटलाइजेशन के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। शॉपिंग करने के तरीके के लिहाज से भी देखा जाए तो घर बैठे-बैठे अपनी पसंदीदा सामान ऑर्डर करना, घर बैठे ही सामान की डिलीवरी हो जाना, बाजार जाने के झंझट से छुटकारा और सबसे बड़ी बात कम दाम में सामान मिल जाने की वजह से लोग इसे अपनाते जा रहे हैं। लेकिन जहां बात आती है
राशन और किराना सामान खरीदने की तो अभी भी 86 फीसदी लोग अपनी नजदीकी दुकान को ही सही मानते हैं।
केवल 2 फीसदी लोग किराना खरीदने के लिए के लिए ऐप का इस्तेमाल करते हैं

एक्सिस माई इंडिया का सर्वे

रिसर्च एजेंसी एक्सिस माई इंडिया के ताजा कंज्यूमर सेंटिमेंट सर्वे के मुताबिक, ऑनलाइन किराना खरीदने वाले 17 फीसदी ग्राहक अमेजन का जबकि 15 फीसदी फ्लिपकार्ट का इस्तेमाल करते हैं। 8 फीसदी लोग जियो मार्ट से खरीदारी करते हैं। वहीं 60 फीसदी लोग अभी भी किराना का सामान नजदीकी दुकान से लेना पसंद करते हैं।

 

त्योहारी सीजन में ख़रीदारी का हाल

वहीं अगर बात करें त्योहारी सीजन में खरीदारी की तो अक्टूबर में तयोहारों के दौरान 11 फीसदी परिवारों का टीवी, फ्रिज जैसे गैर-जरूरी सामान पर खर्च बढ़ गया। इस दौरान 29 फीसदी ग्राहकों ने जरूरत से ज्यादा खरीदारी की। 37 फीसदी ने कपड़े, 23 फीसदी ने किराना और 14 फीसदी ने खाने-पीने के सामान पर ज्यादा खर्च किया। 11 फ़ीसदी ने ज्वेलरी ख़रीदी। इसमें से 13 फीसदी खरीदारों ने अपने फैमिली ज्वेलर या स्थानीय ज्वेलर से ज्वेलरी खरीदी। वहीं 4 फीसदी ने ब्रांडेड या हॉलमार्क ज्वेलरी शॉप्स से खरीदारी की।

बदल गया शॉपिंग का अन्दाज़

इसके साथ ही घरेलू खर्च के मामले में भी लोगों की आदतों में बदलाव हुआ है। सर्वे में शामिल लोगों के मुताबिक 59 फीसदी लोगों का घरेलू खर्च पिछले महीने बढ़ा है। वहीं 8 फीसदी लोगों ने खर्च घटने और 33 फीसदी लोगों ने पिछले साल के बराबर ही खर्च रहने की बात मानी है। 46 फीसदी परिवारों के लिए जरूरी सामान पर खर्च बढ़ गया है। 39 फीसदी परिवारों के लिए हेल्थ से जुड़ा खर्च बढ़ा है।
जिससे त्योहारी सीजन के ग्राहकों की खरीदारी से कंज्यूमर कॉन्फिडेंस में सुधार आया है। वहीं आकंड़ें जाहिर करते हैं कि भले ही ऑनलाइन शापिंग का ऑप्शन कितना सहूलियत भरा क्यों न हो बाजार में जाकर सामान खरीदना लोगों की पहली पसंद रहेगा।

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