भू माफिया के खिलाफ ब्राह्मण एकता दल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस !

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भू माफिया के खिलाफ ब्राह्मण एकता दल ने  की प्रेस कॉन्फ्रेंस !

महोदय आपको अवगत कराना चाहता हूं विजय शर्मा ने उपरोक्त प्लॉट सन 67 में लिया था। प्लाट उपरोक्त में दाखिल खारिज हो चुका है। आप इंटरनेट पर भी डालोगे तो भी विजय शर्मा का ही नाम आएगा, क्योंकि यह प्लॉट इन्हीं का है। इस प्लाट की कई बार शासन के निर्देश पर गठित सरका री टीम द्वारा नपाई भी करायी जा चुकी है। उस समय सरकारी टीम ने उपरोक्त प्लाट को विजय शर्मा का टीम बताया था। टीम ने नपाई तुलाई की पूरी वीडियो ग्राफी भी करायी थी। अब कहानी यह है कि इसमें एक प्लॉट और है जिसका खसरा नंबर भी अलग है। वह सतपाल वाल्मीकि का है। अशोक गुप्ता दोनों प्लॉट पर कब्जा करना चाहता है। अशोक गुप्ता भूमाफिया किस्म का आदमी है। उसने विजय शर्मा के प्लॉट की एक / दो बार दीवार भी तोड़ी और कब्जा करने की कोशिश की।

इस दौरान अशोक गुप्ता और उसके लोगों ने विजय शर्मा के साथ मारपीट भी की थी। मारपीट और गाली गलोच करने के मामले में वह जेल भी जा चुका है। जेल से आने के बाद अशोक गुप्ता बहुत दिनों तक प्लाट की तरफ नहीं आया। फिर अशोक गुप्ता ने तहसीलदार शिव नरेश, कानूनगो राकेश, कानूनगो आलोक गुप्ता, लेखपाल विनोद कुमार और संजीव कुमार आदि को मोटी रकम देकर मैनेज किया, और भाड़े के गुंडों की व्यवस्था की जिसका नाम सुशील प्रजापति है। अपने आप को हिंदू युवा वाहिनी का मुरादनगर अध्यक्ष बताता है, बोलता है आयुप त्यागी मेरे गुरु हैं वह मेरे अध्यक्ष है और इस स •शील प्रजापति ने विजय शर्मा के लड़के शुभम को जान से मारने की धमकी भी दी थी। कहा था यहू प्लाट छोड़ कर भाग जाओ नहीं तो तुम्हे शहर छोड़ कर भागना पड़ेगा। एक बार थाने के बाहर भी इसने धमकी दी थी। इन लोगों ने अधिकारियों से सांठगांठ गरीब लोगों को ठगने का काम किया है। विजय शर्मा का कहना है कि अशोक गुप्ता ने इन गुंडों को लेकर फर्जी तरीके से प्लाट की नपाई करा दी जिसमें हमें बुलाया ही (दूसरे पक्ष को ) बुलाया ही नहीं गया। (विजय शर्मा को ना ही सतपाल वाल्मीकि) नपाई तुलाई की फर्जी तरीके से रिपोर्ट बना दी गई। बताते चलें कि यह आबादी की जमीन है जिसमें तहसीलदार का कोई लेना देना नहीं है। हम गांग करते हैं कि गलत रिपोर्ट तैयार करने वाले इन अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और इन गुंडों पर एफआईआर दर्ज की जाए। अपने को हिन्दू युवा वाहिनी का अध्यक्ष बताकर गलत कार्य को संरक्षण देने आयुष त्यागी के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि सारे झगड़े की जड़ आयुष त्यागी ही है।

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