मेरठ में पहुंच जायेगी तीन चरण मे रैपिड रेल, कुल 82 किमी लंबा बनेगा कारिडोर।

मेरठ,देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कारिडोर पर काम लगातार जारी है। बता दें मार्च-2023 में...

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AIN NEWS 1: मेरठ,देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कारिडोर पर काम लगातार जारी है। बता दें मार्च-2023 में साहिबाबाद से दुहाई तक ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद मे इसे मेरठ तक लाया जाएगा। खुश होने की बात यह है कि दिसंबर-2023 में साहिबाबाद से दुहाई तक चलने वाली ट्रेन को आगे बढ़ाकर मेरठ साउथ (भूड़बराल) स्टेशन तक भी पहुंचाया जाएगा। यह स्टेशन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज के समीप है।

मार्च-2024 में ट्रेन शताब्दीनगर स्टेशन (दैनिक जागरण चौक) तक आराम से पहुंच जाएगी। इन वर्षों में मेरठ और आनंद विहार, दिल्ली में सुरंग और भूमिगत स्टेशन का काम लगभग पूरा हो जाएगा। 2024 के अंत या मार्च-2025 तक दिल्ली के सरायकाले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक पूरे 82 किमी लंबे कारिडोर पर यह ट्रेन दौड़ने लगेगी। मेरठ में फुटबाल चौक, भैंसाली व बेगम पुल पर जबकि दिल्ली में आनंद विहार में भूमिगत स्टेशन तेज़ी से बन रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक ने हाल में यह उम्मीद जताई है कि दिसंबर-2023 से मेरठ जिले में स्थित मेरठ साउथ तक ट्रेन का संचालन लगभग शुरू हो जाएगा।आरआरटीएस ऐसी परियोजना है।

जिसका लक्ष्य एक बार तय होने के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया। 2019 में शिलान्यास के बाद इसका काम शुरू हुआ था। कभी प्रदूषण के चलते तो कभी कोरोना लाकडाउन के चलते काम रुकवाया भी गया। असमय बरसात ने भी खूब काम को परेशान किया। इन कारणों से सरकार की ओर से सभी परियोजनाओं को लक्ष्य बढ़ाने की छूट मिली, लेकिन एनसीआरटीसी ने अपनी प्रबंधन शैली से लक्ष्य बढ़ाने की नौबत अभी तक नहीं आने दी। इसने अपने अभियंताओं को लगातार निगरानी व नवोन्मेष अपनाकर लक्ष्य से पहले ट्रेन संचालन के प्रयास में लगाया।

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