इस बार के बजट में क्या होने वाला है इसका इशारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में मिल गया!

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AIN NEWS 1: इस बार के बजट में क्या होने वाला है इसका इशारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में मिल गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के मुताबिक सरकार 2024-25 के पूर्ण बजट में भी ग्रोथ पर फोकस रखने का काम करेगी। इसमें विकसित भारत के संकल्प को अमली जामी पहनाने से जुड़े एलान किए जा सकते हैं। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफार्म के संकल्प ने आज भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना दिया है। भारत की विकास गति को तेज किया जाएगा। ग्रोथ की निरंतरता सरकार की गारंटी है। आने वाले बजट में ऐतिहासिक कदम दिखेंगे। बजट में बड़े आर्थिक और सामाजिक निर्णयों के साथ ऐतिहासिक निर्णय भी देखने को मिलेंगे भारत के तेज विकास के लिए रिफॉर्म्स की गति और तेज की जाएगी।

सरकार अर्थव्यवस्था के तीनों पिलर्स यानी मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और कृषि को बराबर महत्व दे रही है। एक तरफ जहां PLI योजनाओं और व्यापार करने में आसानी से बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के मौके बढ़े हैं। वहीं पारंपरिक सेक्टर्स के साथ-साथ सनराइज सेक्टर्स को भी मिशन मोड पर बढ़ावा दिया जा रहा है। 2021 से 2024 तक भारत ने औसतन 8 फीसदी की रफ्तार से विकास किया जो कोविड-19 के बाद हासिल करना अपने आप में एक बड़ी बात है। इसी ने भारत को दुनिया के पटल पर नई ताकत के तौर पर स्थापित किया है। अब भारत ना केवल दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है बल्कि दुनिया के ग्रोथ में अकेले भारत का 15 फीसदी का योगदान है। इसकी वजह सरकार के चलाए गए सुधार कार्यक्रम हैं।

देश में कई दशकों तक अस्थिर सरकारों के दौर में कई सरकारें चाहते हुए भी न Reform कर पाईं और न ही आवश्यक निर्णय ले पाईं। भारत की जनता ने निर्णायक बनकर इस स्थिति को बदला है.बीते 10 वर्ष में ऐसे अनेक Reforms हुए हैं जिनका बहुत लाभ देश को आज मिल रहा है। जब ये Reforms किए जा रहे थे, तब भी इनका विरोध किया गया था, नकारात्मकता फैलाने की कोशिश की गई थी, लेकिन ये सारे Reforms समय की कसौटी पर खरे साबित हुए हैं। 10 साल पहले भारत के बैंकिंग सेक्टर को डूबने से बचाने के लिए सरकार ने बैंकिंग Reforms किए, IBC जैसे कानून बनाए.आज इन्हीं Reforms ने भारत के बैंकिंग सेक्टर को दुनिया के सबसे मजबूत बैंकिंग सेक्टर्स में से एक बना दिया है।

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा कि आज का भारत, दुनिया की चुनौतियां बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि दुनिया को समाधान देने के लिए जाना जाता है। कई वैश्विक समस्याओं के समाधान को लेकर भारत ने पहल की है जिनमें जलवायु परिवर्तन से लेकर खाद्य सुरक्षा और पोषण से लेकर सस्टेनबल एग्रीकल्चर तक कई मुद्दे शामिल हैं। अब देखना यही है कि विकसित देश बनने के लिए भारत सरकार बजट में क्या कदम उठाएगी जिससे देश की आर्थिक ग्रोथ मजबूत होने के साथ ही महंगाई और रोजगार जैसी समस्याएं भी कम की जा सकें।

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