Wednesday, July 24, 2024

आपके लिए Exclusive: मात्र कुछ घंटे में करोड़पति बनने का सपना! ऑनलाइन जुए की जैसे आई हुई है बहार, आईडी-पासवर्ड का गेम समझिए?

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AIN NEWS 1Exclusive : जैसा कि आप सभी जानते है आज से ही कुछ साल पहले क्रिकेट मैचों के दौरान देश के हर हिस्से से ही लगभग रोजाना सट्टेबाजी और सट्टेबाजों के रंगेहाथ पकड़े जाने की काफ़ी ज्यादा खबरें आती रहती थी। उस वक्त पुलिस द्वारा की जाने वाली छापेमारी में कई-कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और नगदी के साथ कई सारे सट्टेबाज भी पकड़े जाते थे। मगर, अब ऐसी सभी खबरों का मानो जैसे कोई आकाल सा पड़ गया है। तो क्या इसका ये मतलब समझे के सट्टेबाजी जैसे अवैध धंधे पर पूरी तरह से रोक लग गई है? क्या सट्टेबाजी अब लगभग बंद हो गई है? ऐसा बिलकुल नहीं! केवल अब वो पुराना सट्टेबाजी का तरीका पूरी तरह से बदल चुका है। धीरे-धीरे यह एक बहुत बड़ा विस्फोटक रूप ले रहा है। देश मे हो रहीं संचार क्रांति का इन सट्टेबाजों ने भी भरपूर उपयोग किया। इसका अब उन्होने बड़े रूप में विस्तार करते हुए इसे एक पूरी तरह से सुरक्षित डिजिटल रूप भी दे दिया है, जिसे देश मे ऑनलाइन बेटिंग के नाम से ही अब जाना जाता है। इस ऑनलाइन बेटिंग में क्रिकेट के साथ-साथ लाइव जुआ भी बड़े आराम से खेलाया जाता है, जिसका ज्यादातर शिकार देश का युवा वर्ग है।

इसी कड़ी की महादेव बेटिंग ऐप तो एक बहुत छोटी सी मछली

यहां हम आपको बता दें कुछ महीने पहले महादेव बेटिंग ऐप के काफ़ी ज्यादा चर्चा में आने से चारों और सनसनी फैल गई थी। इस बेटिंग साइट से ही अरबों रुपए के अवैध कारोबार का मामला सामने आया था। महादेव बेटिंग साइट को जुए की ऑनलाइन साइट की एक छोटी सी मछली मात्र बताया जा रहा है। Sky Exchange, Lotus, Lexus जैसी इससे कई गुना बड़ी कई सारी विदेशी कंपनियां देशभर में अब सक्रिय हैं। इनके द्वारा रोजाना खरबों का अवैध कारोबार हमारे देशभर में हो रहा है। इस साइट में ही ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ भी लाइव खेलवाया जाता है। वैसे तो ये सभी ऑनलाइन बेटिंग साइट सालभर ही सक्रिय रहती है, किंतु अभी देश मे चल रहे आईपीएल मैचों में ये अवैध कारोबार अब अपने चरम पर है। इस जुए के शिकंजे में ही करोड़ों लोग जकड़े हुए है।

जान ले कैसे होता है यह अवैध कारोबार?

वैसे तो ऑनलाइन जुआ खेलना एक काफ़ी सरल प्रक्रिया है। ये एंड्रॉयड फोन, लैपटॉप या कंप्यूटर पर मात्र एक आईडी और पासवर्ड की मदद से आसानी से खेला जाता है। आईडी पासवर्ड ऑनलाइन बेटिंग कंपनियों के एजेंट ही सभी सट्टेबाजों को मुहैया कराते हैं। हमारे यहां देशी के साथ-साथ कई सारी विदेशी कंपनियों ने ऑनलाइन जुए का यह पूरा मकड़जाल देश भर में फैलाए हुए है। इन कंपनियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने एजेंट भी नियुक्त कर रखे हैं। यहां हम आपको बता दें इनके ज्यादातर एजेंट क्रिकेट बुकी ही होते हैं। जिस तरह से मल्टीनेशनल कंपनियां सुपर डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर, एजेंट बनाकर अपना सारा कारोबार करती है, उसी तर्ज पर यह सभी ऑनलाइन बेटिंग कंपनियां भी अपना यह अवैध कारोबार चला रही हैं। इस तरह की ऑनलाइन बेटिंग वाली कंपनियां अपने सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बनाती है। इन सुपर डिस्ट्रीब्यूटर को ही बहुत बड़ा इलाका भी दिया जाता है। लगभग दो से तीन राज्यों तक ही सुपर डिस्ट्रीब्यूटर को कारोबार की छूट रहती है।

इस पूरे प्रकरण मे हवाला से पैसे का होता है लेन-देन

इस पूरे अवैध कारोबार से जुड़े एक सूत्र के अनुसार ही पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बैठा एक सुपर डिस्ट्रीब्यूटर का कारोबार, बिहार से असम तक बड़े आराम से चल रहा है। अपने इन सूत्र की मानें तो कोलकाता के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर ने ही बिहार के किशनगंज में भी मिनी डिस्ट्रीब्यूटर बनाए हुए है, जो पूरे बिहार में ये कारोबार आसानी से चलाता है। यह लगभग सारा कारोबार ही पूरी तरह से एडवांस में होता है। सभी सटोरियों से रकम भी एडवांस ली जाती है। उसके बदले उन्हे बेटिंग साइट का लिंक, आईडी और पासवर्ड भी दिया जाता है। जिससे सटोरिए अपने एंड्रॉयड फोन या कंप्यूटर, लैपटॉप पर काफ़ी आसानी से ऑनलाइन बेटिंग लगाते रहते हैं। इस दौरान इनकी हार-जीत की रकम का लेनदेन भी एजेंट करते हैं, जो ज्यादातर कैश मे ही होता है। इसके बाद हवाला के माध्यम से ये रकम वहा से मिनी डिस्ट्रीब्यूटर के पास होती हुई सुपर डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचती है। इसमें एजेंट से लेकर सुपर डिस्ट्रीब्यूटर तक की एक ऐसी चेन बनी हुई हैं जिसको मोटा कमीशन बंधा होता है।

आने वाले समय मे ऑनलाइन बेटिंग देश के लिए बड़ी चुनौती

यहां हम आपको बता दें ऑनलाइन बेटिंग का ये बढ़ता हुआ कारोबार देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। ये अभी जिस तेज़ रफ्तार से फैल रहा है और जल्द करोड़पति बनने के चक्कर में कई सारे लोग इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं, अगर इस पर पूरी तरह से अभी रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में यह भारी समस्याएं सामने आ सकती हैं। जुआ एक सामाजिक बुराई तो है ही। इसके अलावा बड़े बुजुर्गों का मानना है कि जुए से आज तक कोई भी आबाद हुआ ही नहीं। इसके एडिक्ट भविष्य में अपराध का रास्ता भी अपना लेते हैं ऐसी पूरी संभावना बनी रहती है।

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AIN NEWS 1https://ainnews1.com
सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
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