Wednesday, July 17, 2024

फर्जी मुकदमो में पुलिस ने ऐसे तबाह कर दी बेगुनाह परिवार की पूरी जिंदगी, जिसमे निरीक्षक से लेकर सिपाही तक भी रहे शामिल?

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AIN NEWS 1: जैसा कि आप सभी जानते है पुलिस अगर अपनी पर आए तो क्या नहीं कर सकती ऐसा ही आगरा में कई करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा कराने की साजिश में पुलिस की खाकी और देश की खादी और बिल्डर संग आबकारी निरीक्षक व सिपाहियों तक का गठजोड़ था। इस फर्जी मुकदमे में जगदीशपुरा का तत्कालीन थानाध्यक्ष अब सलाखों के पीछे है। लेकिन, आबकारी निरीक्षक त्रिभुवन सिंह व छह सिपाहियों के विरुद्ध पुलिस व प्रशासन ने कोई एफआईआर तक नहीं कराई। यहां आपकों बता दें पांच निर्दोषों को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की पूरी पटकथा में पहले मुकदमे में तो पुलिस ने पुरुषों को जेल भेजा, तो दूसरे मुकदमे में आबकारी निरीक्षक त्रिभुवन सिंह ने महिलाओं को भी जेल भिजवाया। पुलिस आयुक्त की जांच में तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार व बिल्डर कमल चौधरी सहित कुल 18 लोगों पर डकैती की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। परंतु, आबकारी अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई भी पूरी तरह से फर्जी निकली। आबकारी आयुक्त ने निरीक्षक त्रिभुवन सिंह को भी निलंबित किया है।आबकारी प्रधान आरक्षी अजीत सिंह, जितेंद्र कुमार और राहुल कुमार के अलावा इसमें महिला आरक्षी डॉली कुमारी, रचना पाठक को भी निलंबित किया, लेकिन किसी के विरुद्ध कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।आबकारी निरीक्षक की बरामद दिखाई गई 51 बोतल चंढीगढ़ मार्का की अंग्रेजी शराब और विभिन्न ब्रांड्स के ढक्कन कहां से आए इसकी कोई जांच तक भी नहीं की गई। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी की विस्तृत रिपोर्ट के बाद भी शराब के खेल में शामिल विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध मे कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इस पूरे प्रकरण में मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी का साफ़ कहना है कि भविष्य में इस तरह का कोई मामला सामने आया तो एफआईआर कराई जाएगी।

 

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सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
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