मुरादाबाद आम आदमी की तरह डीएम पहुंच गए सरकारी स्कूल, बच्चे हिंदी तक भी नहीं पढ़ पाए.. वेतन रोक देने के दिए निर्देश तो गिड़गिड़ाने लगे शिक्षक!

मुरादाबाद में डीएम मानवेंद्र सिंह ने डिलारी ब्लॉक के मानपुर मझरा स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की स्वम जांच की जिसमे कई सारी खामियां भी मिली।

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AIN NEWS 1: मुरादाबाद में डीएम मानवेंद्र सिंह ने डिलारी ब्लॉक के मानपुर मझरा स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की स्वम जांच की जिसमे कई सारी खामियां भी मिली। कक्षा पांच के बच्चे अपनी किताब देखकर भी हिंदी नहीं पढ़ पाए। डीएम ने कहा कि इन बच्चों की शिक्षा में उचित सुधार होने तक यहां पर शिक्षकों के वेतन रोके जाएंगे।डीएम मानवेंद्र सिंह डिलारी ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय मझरा मानपुर का औचक ही निरीक्षण करने के लिए यहां पहुंच गए। डीएम को स्कूल में देखते ही अध्यापक और कर्मचारी सावधान की मुद्रा में खड़े हो गए। उनसे पूछने पर पता चला कि यहां पर कुल 90 बच्चे ही पंजीकृत हैं लेकिन अध्यापकों की संख्या यहां पर पांच है।मानक से ही अधिक अध्यापक मिलने पर डीएम ने बीएसए से भी इस बारे में स्पष्टीकरण तलब किया। मौके पर ही विद्यालय की प्रभारी शाईदा खातून भी अनुपस्थित मिली। डीएम ने कहा कि इस मामले में शाईदा से भी बीएसए स्पष्टीकरण लेंगे।यहां पर मामला उस समय और ज्यादा बिगड़ गया जब डीएम ने कक्षा पांच के बच्चों को उनकी किताब लेकर उनसे हिंदी पढ़ने के आदेश दिए। तो स्कूल में बच्चे सही से हिंदी भी नहीं पढ़ सके। डीएम ने कहा कि अभी तक यहां की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठीक नहीं है। इसके लिए स्कूल के शिक्षक ही जिम्मेदार माने जाएंगे। इन बच्चों की शिक्षा में जब तक सुधार नहीं होगा, तब तक अध्यापकों के वेतन रोक देने के निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यालय के शौचालय की भी व्यवस्था ठीक नहीं थी। दिव्यांग शौचालय नहीं बना हुआ था। टंकियों से पानी भी नहीं आ रहा था। डीएम ने इस मामले में भी अपनी नाराजगी जताई।

उन्होने बताया के मानपुर में छह माह से शिक्षा मित्र भी नहीं आ रहीं

डीएम मानवेंद्र सिंह ने प्राथमिक विद्यालय मानपुर साबित विकास खंड डिलारी का भी निरीक्षण किया। यहां पर विद्यालय में 63 बच्चों के लिए पांच शिक्षक तैनात किया गया हैं जो मानक से काफ़ी अधिक हैं। डीएम ने इस मामले में बीएसए से भी स्पष्टीकरण मांगा है।विद्यालय के अध्यापकों ने भी डीएम को अवगत कराया कि शिक्षा मित्र शाइस्ता परवीन छह माह से ही विद्यालय में नहीं आ रही हैं। बगैर किसी कारण बताए ही इस विद्यालय को सेवा नहीं दे रही हैं। इस मामले में डीएम ने शिक्षा मित्र को भी उसकी सेवा से हटाने के निर्देश दिए।इस विद्यालय की छतों के प्लास्टर भी गिर रहे थे। पूछने पर पता चला कि कायाकल्प का कार्य मानक के अनुरूप हो ही नहीं पाया है। इसमें काफ़ी घटिया सामग्री का भी उपयोग किया गया है। शौचालय का भी निर्माण यहां ठीक नहीं था। डीएम ने इस मामले में भी बीएसए को तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए।

यहां पर डीएम ने सीएमओ से भी मांगा स्पष्टीकरण

डीएम मानवेंद्र सिंह स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए बुधवार को मानपुर मझरा में गए थे। इस बीच यहां हेल्थ वेलनेस सेंटर पर भी ताला लटका देखकर वह रुक गए। स्थानीय लोगों से सवाल पूछने के बाद डीएम ने इस मामले में सीएमओ से भी उनका स्पष्टीकरण तलब किया है। कारण स्पष्ट करना होगा कि वेलनेस सेंटर पर आख़िर ताला बंद क्यों किया गया है।

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