Thursday, July 25, 2024

उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद में एक बार फिर जनरल वीके सिंह की नैया होगी पार, इस बार भी चुनाव में जान लगाएंगे भरपूर ताक़त?

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AIN NEWS 1 Ghaziabad : जैसा कि आप जानते हैं लोकतंत्र के महापर्व की रणभेरी अब बज चुकी है। इस बार आम चुनाव में भी भाजपा ने अपनी 400 सीट जीतने का लक्ष्य रख हुआ है। भाजपा की रणनीति भी अब इसी लक्ष्य के इर्द-गिर्द घूम रही है। वैसे तो गाजियाबाद में दूसरे चरण में मतदान होना है लेकिन भाजपा ने अभी तक भी अपने सभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। लेकिन यहां पर माना जा रहा है की भाजपा की तीसरी सूची में जनरल वीके सिंह के नाम पर मुहर लग सकती है। इस दौरान तस्वीर साफ होती दिखने लगी है। पार्टी हाईकमान सांसद वीके सिंह और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के नाम को लेकर के चल रहे मंथन पर अब विराम लग चुका है।

इस दौरान वीके सिंह को तीसरी बार भी हरी झंडी मिलने का है इंतजार 

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के दो बार से लगातार सांसद बन रहे जनरल वीके सिंह को तीसरी बार भी पार्टी की तरफ से हरी झंडी मिलने जा रही है। गाजियाबाद से इस बार प्रत्याशी की दौड़ में वीके सिंह और अरुण सिंह के नाम पर काफ़ी चर्चा चल रही थी। गुरुवार को इन चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगाते हुए भाजपा पार्टी की तरफ से अरुण सिंह को आंध्र प्रदेश का चुनाव प्रभारी बना दिया गया है। इसके बाद से ही अब गाजियाबाद में प्रत्याशी को लेकर बहुत हद तक टिकट को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है। इससे यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि तीसरी बार भी पार्टी हाईकमान जनरल पर ही दांव लगाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जनरल पर पूरा विश्वास है। वीके सिंह इस कार्यकाल के दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने में मोदी सरकार के विश्वास पात्र रहे है। कई मौकों पर उन्होंने अपनी उपयोगिता के प्रमाण भी दिए है।

अभी तक की बड़ी उपलब्धियां

यहां हम आपको बता दें वीके सिंह विदेशों में ऑपरेशन राहत के तहत करीब 48 देश से भारतीयों को विपरीत परिस्थितियों में सुरक्षित निकालने का कार्य करने वाले इकलौते सांसद रहे है। विदेशों में किए गए कई सारे सफल ऑपरेशन के बाद देश के प्रधानमंत्री की तरफ से उनको संकट मोचन भी कहा जाने लगा।

उनका ऑपरेशन राहत यमन

वर्ष 2015 में यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच में छिड़ी हुई जंग से लगभग चार हजार भारतीय फंस गए थे। उस समय यमन में चारों तरफ बमबारी हो रही थी। वहां से भारतीयों को सुरक्षित निकलने की एक बहुत बड़ी चुनौती थी। उस समय जनरल वीके सिंह पर अपना भरोसा जताते हुए मोदी सरकार ने उनके कंधों पर यह जिम्मेदारी सौंपी और उन्हें जिबूती भेजा था। यमन में ऑपरेशन राहत चलाकर भारतीय वायुसेना और नौसेना के द्वारा वहा से 4600 से अधिक भारतीयों को भारत वापस लाने में वो कामयाब रहे।

उनके द्वारा ऑपरेशन संकट मोचन

यहां हम आपको बता दें दक्षिण सूडान में वर्ष 2016 में गृह युद्ध छिड़ गया। जहां पर भी लगभग 600 भारतीय फंस गए। मोदी सरकार ने एक बार फिर से वीके सिंह पर ही भरोसा जताते हुए 600 भारतीयों को निकालने की उन्हे जिम्मेदारी सौंप। जनरल ने ऑपरेशन संकट मोचन चलाकर दक्षिण सूडान से सभी भारतीयों को सकुशल निकाल लिया। इस ऑपरेशन के लिए वे स्वयं दक्षिण सूडान तक गए थे।

ऑपरेशन इराक

वर्ष 2018 में इस्लामिक आतंकवादी संगठन आईएसआईएस द्वारा मारे गए कुल 39 भारतीयों को इराक से वापस लाने में जनरल वीके सिंह ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस ऑपरेशन के दौरान जनरल वीके सिंह 2018 में ही स्वयं वायु सेवा के विशेष विमान द्वारा इराक पहुंच गए थे।

उन्ही का ऑपरेशन गंगा यूक्रेन

वर्ष 2022 में भी रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान बड़ी संख्या में ही भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे थे, जिन्हें निकालने के लिए भी ऑपरेशन गंगा शुरू किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से जनरल पर भरोसा जताया और उन्हें इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी। जनरल वीके सिंह ने इस समय भी काफ़ी विपरीत परिस्थितियों के बाद ऑपरेशन गंगा शुरू किया। इस दौरान वीके सिंह पोलैंड गए और युद्धग्रस्त क्षेत्र से ही छात्रों को बाहर निकल गया।

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सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
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