Saturday, July 13, 2024

पश्चिम बंगाल : संदेशखली में महिलाओं के उत्पीड़न का क्या है पूरा सच,जानिए इस ख़बर मे!

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AIN NEWS 1 पश्चिम बंगाल : संदेशखली में महिलाओं के उत्पीड़न पर लोगो ने बताया कि हमारे पूर्वज 100 वर्षों से भी अधिक समय से यहां पर रह रहे हैं, लेकिन ऐसा अत्याचार और ऐसी घिनौनी राजनीति हमने अभी तक नहीं देखी। हम वैसे तो आदिवासी हैं। लेकीन आज अपनी ही जमीन पर मजदूर बन कर रह गए। खाने के भी लाले पड़ गए। क्या हमको कभी न्याय भी मिलेगा। संदेशखाली में नूतन पाड़ा के बुजुर्ग बहादुर आसमान की ओर हाथ जोड़कर फफक पड़ते हैं। कहते हैं, कि राजनीतिक रसूख, पुलिस और प्रशासन के साथ मे गठजोड़ ने हमको यहां पर भीख मांगने पर मजबूर कर दिया। कहीं भी कोई सुनवाई ही नहीं है। रोते हुए ही बहादुर कहते हैं, हमारे ही एक गांव की करीब 225 बीघा जमीन पर लीज के नाम पर कब्जा कर लिया। जब भी अपना पैसा मांगों तो लाठी-डंडों से उन्हे पीटा जाता। न्याय मांगों तो गांव से बाहर ही निकाल देने की धमकी मिलती है। किसानों के मुताबिक, शेख शाहजहां ने यहां पर अकेले ही पूरे संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र में आठ से 10 हजार बीघा जमीन पर इस समय अवैद्य कब्जा कर रखा है। अगर उत्तम सरदार और शिबू हाजरा को मिलाकर भी तीनों की बात करें तो भी लगभग 12 से 15 हजार बीघा जमीन पर अब तक कब्जा किया हुआ है।

वो कहते है जहां जाना है जाओ, क्या कर लोगे

इस पूरे प्रकरण में किसान सुकांत कहते हैं, यहां पर किसान की कोई भी सुनावाई नहीं। ऊपर से लेकर नीचे तक ही तृणमूल कांग्रेस का पूरी बोलबाला है। इसके साथ ही सांसद तृणमूल का, विधायक तृणमूल का, ब्लॉक अध्यक्ष तृणमूल का। कृषि योग्य भूमि छीन कर उस पर तालाब बना लिए। राजनीतिक ताकत, रसूख का यहां पर ऐसा तांडव और घमंड देखिए, कहते जहां जाना हो आप जाओ।

यहां पर 225 किसान बन गए हैं मजदूर

इस दौरान महिला ने बताया कि पहले हम इन खेतोें पर जो धान उगाते थे। इन तीनों ने पहले तो किसानों को जमीन देने का दबाव बनाया। लेकीन जब आदिवासी किसान नहीं माने तो खेतों में नुना जल (नमकीन पानी) भी डाल देते। इससे किसानों की पूरी फसल नष्ट हो जाती। इसके बाद जोर-जबरदस्ती से इसे लीज के नाम कब्जा लिया गया। जब से (भेड़ी) तालाब बन गए तो उन्होंने किसानों को उनके पैसे भी नहीं लौटाए। यहां पर 225 किसान अब तक मजदूर बन गए हैं। पीड़ित महिला ने बताया कि पहले हम इन खेतोें पर अपना धान उगाते थे।

यहां पर पुलिस, प्रशासन का मतलब है शेख

इस पूरे प्रकरण में किसान हरिपद सरदार कहते हैं, यहां पुलिस या फिर यहां का प्रशासन कुछ सुनते ही नहीं है। यहां का सब कुछ ही है शेख शाहजहां। वह जो भी बोलेगा वही होगा। इसके अलावा जब भी हम पुलिस और प्रशासन के पास जाते, वे हमें शेख शाहजहां, उत्तम सरदार और शिबू हाजरा के पास जाने की ही सलाह देते।

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सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
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