AIN NEWS 1: पिछले कुछ दिनों से देश के कई बड़े हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानों में भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। अचानक फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी और यात्रियों की लंबी कतारों ने एयरपोर्ट्स को अव्यवस्थित कर दिया है। जिन लोगों ने महीनों पहले टिकट बुक किए थे, वे भी घंटों से लेकर पूरे दिन तक वहीं फंसे रह गए। कई विमान ऐसे थे जिनके बोर्डिंग शुरू होने के बाद भी उड़ान रद्द कर दी गई। ऐसे में यात्रियों की नाराज़गी लगातार बढ़ रही है और एयरलाइंस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इंडिगो, जो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है और हजारों यात्रियों की रोजाना यात्रा का भरोसा संभालती है, इन दिनों सबसे बड़ी संकट से गुजर रही है। कंपनी की कई फ्लाइट्स बिना किसी सही स्पष्टीकरण के कैंसिल की जा रही हैं, जिससे लोगों के काम, शादी-ब्याह, मेडिकल अपॉइंटमेंट और जरूरी यात्राओं पर भारी असर पड़ा है।
यात्रियों की बेबसी: घंटों इंतजार के बाद भी समाधान नहीं
एयरपोर्ट्स पर हजारों लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी स्पष्ट जानकारी न मिलने से परेशान हैं। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें कई-कई बार गेट बदला गया लेकिन इसके बाद भी फ्लाइट टेकऑफ नहीं हुई।
किसी ने नौकरी के इंटरव्यू मिस कर दिए,
किसी का कीमती सामान दूसरे शहर में फंसा रह गया,
कोई अपने परिवार के साथ पूरी रात एयरपोर्ट पर बैठा रहा।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए जिसमें यात्री चिल्ला रहे थे कि एयरलाइंस न तो मदद कर रही है, न ही कोई अधिकारी सामने आ रहा है।
संकट की असली वजह क्या?
इंडिगो ने आधिकारिक रूप से इस संकट की पूरी वजह नहीं बताई है। लेकिन उड़ानों की संख्या में भारी कटौती और स्टाफिंग से जुड़ी चुनौतियों को संकट की मुख्य वजह माना जा रहा है।
एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक—
पायलट की अचानक कमी,
टेक्निकल स्टाफिंग में गड़बड़ी,
ग्राउंड ऑपरेशंस में कुप्रबंधन
इस तरह की समस्या का कारण बन सकते हैं।
कुछ रिपोर्ट में कहा गया कि इंडिगो के आंतरिक शेड्यूलिंग सिस्टम में समस्या आई, जिससे कई क्रू मेंबर अपनी ड्यूटी टाइमिंग को लेकर उपलब्ध नहीं थे। अगर ऐसा है तो यह एयरलाइन के प्रबंधन की बड़ी नाकामी मानी जाएगी।
सरकार का सख्त रुख: DGCA ने CEO से जवाब मांगा
लगातार बढ़ती अव्यवस्था को देखते हुए, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के CEO को तलब किया है और पूरा विवरण मांगा है।
सरकार ने स्पष्ट कहा है कि
यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा
और
एयरलाइन को जल्द से जल्द स्थिति सुधारनी होगी।
DGCA ने इंडिगो को 10 दिसंबर तक परिचालन सामान्य करने का निर्देश दिया है। यानी सरकार चाहती है कि उतने दिनों में फ्लाइट ऑपरेशंस वापस सामान्य पटरी पर आ जाएं।
लेकिन क्या यह संभव है?
एविएशन क्षेत्र के जानकार इस समय सीमा को लेकर आशंकित हैं।
उनका कहना है:
यदि समस्या स्टाफिंग या आंतरिक सिस्टम से जुड़ी है तो इसे ठीक करने में समय लग सकता है।
एयरलाइन के पास इतने बड़े पैमाने पर क्रू की कमी है तो 7–10 दिनों में स्थिति सामान्य कर पाना मुश्किल हो सकता है।
यही कारण है कि यात्रियों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि “इंडिगो संकट और कितने दिन चलेगा?”
सिस्टम की नाकामी: किसकी जिम्मेदारी तय होगी?
भारत में अक्सर देखा जाता है कि एयरलाइंस फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बावजूद यात्रियों की सही सहायता नहीं करतीं। यात्रियों का कहना है कि इंडिगो का यह रवैया संकट को और बढ़ाता है।
कई लोग पूछ रहे हैं कि—
क्या एयरलाइन को यात्रियों की असुविधा के लिए जुर्माना देना चाहिए?
क्या फ्लाइट कैंसिल होने पर मुआवज़ा नियम और कठोर होने चाहिए?
क्या DGCA एयरलाइंस पर सख्त एक्शन ले पाएगा?
फिलहाल एयरलाइन ने केवल यह कहा है कि वह संकट को दूर करने की कोशिश कर रही है। लेकिन यात्रियों का धैर्य अब टूटता दिख रहा है।
मौजूद विकल्प: यात्री क्या करें?
इंडिगो संकट के कारण यात्रियों के पास सीमित विकल्प बचे हैं।
टिकट रद्द कराने पर पूरा रिफंड लेना चाहिए।
यदि यात्रा बहुत जरूरी है, तो दूसरी एयरलाइंस की उपलब्धता चेक की जा सकती है।
DGCA की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी मौजूद है।
हालांकि, दूसरी एयरलाइंस में भी टिकट महंगे हो चुके हैं और यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान पाना मुश्किल हो रहा है।
क्या ऐसी स्थिति दोबारा रोकी जा सकती है?
इस संकट ने भारत के एविएशन सिस्टम की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है—
एयरलाइंस की पाबंदी
प्रशासन की तैयारी
यात्रियों के अधिकार
तीनों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
सरकार को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी एयरलाइन की गड़बड़ी का खामियाजा यात्रियों को न भुगतना पड़े।
इंडिगो फ्लाइट संकट ने देश के हवाई यात्रा तंत्र को हिला दिया है। लाखों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा है। DGCA की चेतावनी और सरकार के दबाव के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य कब होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में व्यवस्था सुधरेगी और इस तरह की परेशानी फिर दोबारा देखने को नहीं मिलेगी।
The ongoing IndiGo flight crisis has caused widespread flight cancellations, severe passenger inconvenience, and raised major questions about India’s aviation management system. As the DGCA issues strict directives and demands a clear explanation from IndiGo’s CEO, the situation highlights critical gaps in airline operations, staffing, and accountability. With thousands of travelers stranded across major airports, this crisis reflects the urgent need for stronger aviation regulations, improved airline coordination, and better crisis management to prevent such large-scale disruptions in the future.


















