AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में लगातार दूसरे दिन पुलिस विभाग के लिए मुश्किलें बढ़ा देने वाली घटनाएँ सामने आईं। दो दिनों में दो अलग-अलग पुलिसकर्मियों के वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। इन वीडियोज़ की स्वतंत्र पुष्टि भले न हुई हो, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके तेजी से वायरल होने के चलते पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है।

पहला मामला: ट्रैफिक उपनिरीक्षक पर कार्रवाई
28 नवंबर को उन्नाव यातायात विभाग के एक उपनिरीक्षक का वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह कथित तौर पर गलत व्यवहार करते दिख रहे थे। वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई को विभाग के भीतर जिम्मेदारी और अनुशासन सुनिश्चित करने के कदम के रूप में देखा गया।
दूसरा मामला: महिला दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया
इसके अगले ही दिन, 29 नवंबर को एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्नाव सदर कोतवाली में तैनात महिला दरोगा उमा अग्रवाल दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। वायरल वीडियो में उमा अग्रवाल एक वृद्ध महिला से बेहद तीखे और अनुचित शब्दों में बात करती नजर आ रही हैं।
वीडियो में वह एक बुजुर्ग महिला से कहती हैं—
“सुनो ऐ बूढ़ा, इतने जूते लगाएंगे कि तुम अपनी शक्ल भूल जाओगी। हम तुम्हारे बाप के नौकर नहीं हैं।”
यह कथित बयान सोशल मीडिया पर लोगों को अंदर तक झकझोर गया, क्योंकि एक पुलिस अधिकारी से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।
क्या था पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, यह घटना डकोली गांव की है। जानकारी के मुताबिक, महिला दरोगा उमा अग्रवाल किसी नोटिस की तामीली (सर्विस ऑफ नोटिस) कराने गांव पहुंची थीं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बातचीत के दौरान किसी बात पर विवाद बढ़ गया। विवाद बढ़ते ही दरोगा उमा अग्रवाल ने अपना आपा खो दिया और वृद्ध महिला से अपमानजनक भाषा में बात करने लगीं।
गांव के कुछ लोगों ने यह पूरा प्रसंग मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो थोड़ी ही देर बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने यह साफ किया कि वीडियो की सत्यता पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाए गए हैं।
एसपी ने लिया संज्ञान, दरोगा हुईं लाइन हाजिर
जैसे ही यह वीडियो पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना देरी किए दरोगा उमा अग्रवाल को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंप दी गई है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो में दिख रही घटना की सत्यता, परिस्थिति और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
पुलिस अधीक्षक की इस त्वरित कार्रवाई को यह संकेत माना जा रहा है कि विभाग में अनुशासन और नागरिकों के सम्मान के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन इस बात का खास तौर पर ध्यान रख रहा है कि जनता का भरोसा पुलिस में बना रहे।
लगातार दो दिनों में विवादों की वजह से सवाल
इन दोनों घटनाओं ने उन्नाव पुलिस की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिसकर्मियों द्वारा बार-बार गलत व्यवहार के मामलों का सामने आना चिंताजनक है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि दोनों ही मामले वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए, जो बताता है कि आम लोग अब घटनाओं को तुरंत रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। इससे पुलिस की हर गतिविधि लोगों की नजर में रहती है।
यह घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि पुलिस के अंदर जवाबदेही की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। अब सिर्फ अच्छा काम करना काफी नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवहार और संवेदनशीलता भी बेहद जरूरी है।
पुलिस विभाग ने दिया संदेश
उन्नाव पुलिस की लगातार दो कार्रवाइयों से एक साफ संदेश सामने आया है —
“किसी भी तरह का अमर्यादित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे संबंधित अधिकारी कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो।”
यदि कोई पुलिसकर्मी जनता के साथ गलत व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह कदम आम लोगों का भरोसा मजबूत करने और पुलिस की छवि सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है।
समाज में क्या संदेश गया?
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि पुलिस को जनता के प्रति सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए, खासकर बुजुर्गों के साथ। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी विवाद के दौरान अधिकारी के धैर्य की असली परीक्षा होती है, और उसे अपना संयम नहीं खोना चाहिए।
जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी
फिलहाल, वीडियो की जांच चल रही है और पूरे मामले की वास्तविकता जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुई क्लिप ने एक बार फिर पुलिस व्यवहार पर चर्चा शुरू कर दी है।
The Unnao viral video involving woman Sub Inspector Uma Agrawal has led to strict action by the UP Police. After the video showed the officer allegedly abusing an elderly woman, the SP immediately transferred her to police lines and ordered an inquiry. This incident, coming just a day after another UP Police video controversy, has raised concerns about police misconduct and public accountability in Uttar Pradesh.


















