spot_imgspot_img

चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर वोटर डिलीशन के आरोप खारिज किए, SIR प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: चुनाव आयोग ने हाल ही में देशभर में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों और बड़े पैमाने पर वोटर सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों का मजबूती से जवाब दिया है। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा कि ये आरोप पूरी तरह “राजनीतिक स्वार्थ” से प्रेरित हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। आयोग ने पुनः दोहराया कि SIR एक पूरी तरह संवैधानिक, नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसका मकसद मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन रखना है।

SIR क्या है और क्यों जरूरी है?

हर चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में सुधार, गलतियों को ठीक करने और नए मतदाताओं को शामिल करने के लिए खास अभियान चलाता है। इस अभियान को ही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कहा जाता है। देश में जनसंख्या बढ़ने, स्थानांतरण, मृत्यु या दस्तावेज़ों की गड़बड़ी जैसी वजहों से समय-समय पर मतदाता सूची को अपडेट करना ज़रूरी होता है। इसी आवश्यकता को देखते हुए SIR अभियान चलाया जाता है ताकि हर योग्य नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके और फर्जी या गलत प्रविष्टियों को हटाया जा सके।

99.77% मतदाताओं तक पहुंचा SIR का फॉर्म

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस साल SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग सभी योग्य मतदाताओं तक पहुंच बनाई गई। आयोग के आंकड़ों के अनुसार:

99.77% मतदाताओं को SIR फॉर्म वितरित किए गए।

इनमें से 70.14% फॉर्म भरकर वापस आए, जो किसी भी सरकारी प्रक्रिया में बेहद उच्च रिटर्न रेट माना जाता है।

आयोग का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर फॉर्म का वितरण और उसकी वापसी यह साबित करती है कि प्रक्रिया बिना किसी भेदभाव या दबाव के संचालित हुई है।

वोटर डिलीशन के आरोप क्यों उठे?

कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों ने दावा किया था कि SIR के बहाने लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने कहा कि यह कार्रवाई “टारगेटेड” है और खास समुदायों या इलाकों को प्रभावित किया जा रहा है। इन आरोपों ने कई मतदाताओं में चिंता भी पैदा कर दी कि कहीं उनका नाम गलती से डिलीट न हो जाए।

लेकिन चुनाव आयोग ने इन आरोपों को “तथ्यहीन” बताते हुए कहा कि पूरा अभियान पारदर्शी तरीके से, नियमों के अनुसार और सभी के लिए समान रूप से किया जा रहा है।

वृद्ध, दिव्यांग और संवेदनशील मतदाताओं के लिए विशेष पहल

निर्वाचन आयोग ने यह भी बताया कि SIR अभियान के दौरान सबसे अधिक ध्यान उन मतदाताओं पर दिया जा रहा है जिन्हें मतदान प्रक्रिया में अधिक सहायता की आवश्यकता होती है। इनमें शामिल हैं:

वरिष्ठ नागरिक

दिव्यांगजन

बिस्तर पर रहने वाले या गंभीर बीमार लोग

संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोग

इन मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने, उसे भरवाने और जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर समीक्षा करने का विशेष निर्देश सभी बूथ स्तर अधिकारियों को दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

SIR की प्रक्रिया कैसे काम करती है?

SIR कई चरणों में पूरा होता है। आयोग के अनुसार, प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और जमीनी निगरानी की व्यवस्था की जाती है:

1. फॉर्म वितरण और जानकारी देना

बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म देते हैं और उसमें आवश्यक जानकारियाँ समझाते हैं।

2. फॉर्म वापसी और दस्तावेज़ों की जांच

मतदाताओं से प्राप्त फॉर्म की सत्यापन प्रक्रिया की जाती है। जरूरी दस्तावेज़ जांचे जाते हैं।

3. फिजिकल वेरिफिकेशन

जहां ज़रूरत होती है, BLO खुद मौके पर जाकर स्थिति की पुष्टि करते हैं।

4. सार्वजनिक दावे और आपत्तियाँ

प्रारंभिक ड्राफ्ट सूची सार्वजनिक की जाती है ताकि कोई भी व्यक्ति आपत्ति दर्ज करा सके।

5. अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

सभी आपत्तियों और संशोधनों के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होती है।

चुनाव आयोग ने पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की?

आयोग ने बताया कि:

पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी,

निगरानी समितियाँ,

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग,

और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम स्टेटस अपडेट जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गलती, दुरुपयोग या गलत डिलीशन न हो।

राजनीतिक आरोपों पर आयोग का जवाब

आयोग ने कहा कि मतदाता सूची को सही रखना उनका संवैधानिक कर्तव्य है और इसे राजनीतिक नजरिए से देखना गलत है। आयोग ने साफ कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। यदि किसी व्यक्ति का नाम तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्या के कारण हटता भी है, तो उसे तत्काल पुनः शामिल करने की पूरी व्यवस्था है।

आयोग की अपील – अपना नाम अवश्य जांचें

चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि:

सभी लोग NVSP पोर्टल,

मोबाइल ऐप Voter Helpline,

या अपने BLO के जरिए अपना नाम जांचें।

यदि किसी को लगता है कि उनका नाम सूची में नहीं है, तो वे तुरंत फॉर्म 6 या फॉर्म 8 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसका निपटारा प्राथमिकता आधार पर किया जाएगा।

मतदाता सूची का महत्व – लोकतंत्र की बुनियाद

मतदाता सूची केवल चुनाव का औपचारिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की असली ताकत है। एक गलती या चूक किसी व्यक्ति को अपने मताधिकार से वंचित कर सकती है। इसलिए आयोग का प्रयास है कि सूची पूरी, सटीक और निष्पक्ष हो।

SIR अभियान इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसके माध्यम से मतदाता आधार को अधिक विश्वसनीय बनाया जा रहा है।

The Election Commission of India has firmly rejected allegations of large-scale voter deletion, stating that the Special Intensive Revision (SIR) is a transparent, constitutional, and routine process designed to maintain an accurate and updated voter list. With over 99.77% voter outreach and 70.14% form returns, the ECI emphasized that the SIR process includes BLO verification, special support for senior citizens and disabled voters, and complete transparency. The Commission urged citizens to check their names in the electoral roll through the NVSP portal or the Voter Helpline app.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
24.1 ° C
24.1 °
24.1 °
19 %
1.6kmh
100 %
Mon
23 °
Tue
32 °
Wed
34 °
Thu
34 °
Fri
27 °
Video thumbnail
UP Police SI Bharti Question Paper : 'Pandit' वाले ऑप्शन पर मचा हंगामा, साजिश या कुछ और?
10:29
Video thumbnail
Rahul Gandhi पर असलियत में तो आज भड़के OM Birla, जमकर लगाई क्लास, फिर दिखाया सदन से बहार का रास्ता !
10:51
Video thumbnail
Rani Laxmi Bai Scooty Yojana 2026
00:19
Video thumbnail
संसद में PM Modi पर Rahul ने बोला हमला तो गुस्से में OM Birla ने तबीयत से धोया! Om Birla vs Rahul
10:40
Video thumbnail
''कुकर्म करो, कंडोम का इस्तेमाल..'' हरियाणवी ताऊ Ramchandra Jangra का भाषण सुनकर विपक्ष हैरान रह गए!
32:06
Video thumbnail
Amit Shah ने खोली Rahul Gandhi की पोल तो Mahua Moitra बौखला गईं, फिर देखिये क्या हुआ ?
14:20
Video thumbnail
"महात्मा गांधी की हत्या के बाद Nehru Edwina के साथ एक कमरे में बंद थे", Lok Sabha में जबरदस्त बवाल
09:09
Video thumbnail
Ghaziabad में हनुमान चालीसा चलाने पर, हिन्दू परिवार पर हमला ! | Nandgram News | Ghaziabad News
15:26
Video thumbnail
GDA का बड़ा फैसला: 2026 में गाज़ियाबाद में आएगा बड़ा बदलाव
32:16
Video thumbnail
Holi पर Delhi के Uttam Nagar के Tarun की कर दी हत्या,पिता ने लगाई गुहार | Top News | Delhi Crime
05:46

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related