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फरीदाबाद के लाकरपुर में ज़हरीली हवा: AQI 300 के पार, सांस लेना बन गया खतरा!

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AIN NEWS 1: फरीदाबाद के लाकरपुर गांव की हवा इस समय लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुकी है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के करीब पहुंच चुका है, जिसे ‘Severe’ यानी अत्यंत गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। यह स्थिति न केवल बच्चों और बुजुर्गों, बल्कि पूरी आबादी के लिए खतरे की घंटी है।

🔴 AQI क्या कहता है लाकरपुर की हवा के बारे में?

लाकरपुर गांव में दर्ज AQI 292 से 301 के बीच रहा, जो सीधे तौर पर यह संकेत देता है कि यहां सांस लेना अब सुरक्षित नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, 300 से ऊपर का AQI स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति माना जाता है।

AQI के मुख्य प्रदूषक तत्वों में शामिल हैं:

PM2.5: 217 µg/m³

PM10: 296 µg/m³

ये दोनों ही मानक तय सुरक्षित सीमा से कई गुना ज्यादा हैं।

🧪 PM2.5 और PM10 क्यों हैं खतरनाक?

PM2.5 बेहद बारीक कण होते हैं, जो सीधे फेफड़ों में जाकर खून में मिल सकते हैं। इससे:

सांस की बीमारियां

अस्थमा

हृदय रोग

स्ट्रोक

आंखों और गले में जलन

जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। PM10 भी नाक और फेफड़ों में जाकर गंभीर परेशानी पैदा करता है।

🚬 रोज़ 13 सिगरेट पीने जितना ज़हर

Berkeley Earth के आंकड़ों के मुताबिक, लाकरपुर में एक दिन की हवा में सांस लेना 13.5 सिगरेट पीने के बराबर है।

हफ्ते में: 94.5 सिगरेट

महीने में: 405 सिगरेट

यह तुलना साफ बताती है कि बिना धूम्रपान किए भी लोग धीरे-धीरे बीमार हो रहे हैं।

🌫️ मौसम ने बढ़ाई परेशानी

लाकरपुर में इस समय:

तापमान: 12°C

नमी: 88%

हवा की रफ्तार: 7 km/hr

मौसम: घना कोहरा

कम हवा और अधिक नमी के कारण प्रदूषक कण हवा में ही फंसे रहते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

🌍 वैश्विक स्तर पर भी खराब स्थिति

फरीदाबाद इस समय दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में 41वें स्थान पर है। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि NCR क्षेत्र में प्रदूषण अब सिर्फ स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चिंता बन चुका है।

🏠 घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं

प्रदूषण का असर सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि घरों के अंदर भी महसूस किया जा रहा है।

TVOC और शोर स्तर भी सामान्य से अधिक दर्ज किए गए हैं, जिससे:

सिरदर्द

बेचैनी

नींद की समस्या

जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं।

⚠️ स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

डॉक्टरों और पर्यावरण विशेषज्ञों की सलाह है कि:

बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें

N95 मास्क का इस्तेमाल करें

एयर प्यूरीफायर ज़रूर चलाएं

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखें

🚗 वाहनों और उद्योगों की बड़ी भूमिका

फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण के पीछे:

भारी ट्रैफिक

डीज़ल वाहन

औद्योगिक इकाइयां

निर्माण कार्य

कचरा जलाना

मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

📅 दिसंबर में हालात और बिगड़े

दिसंबर 2025 के आंकड़े बताते हैं कि:

22 दिसंबर: AQI 794

29 दिसंबर: AQI 471

31 दिसंबर: AQI 773

यानी कई दिन ऐसे रहे जब हवा ‘Hazardous’ स्तर पर पहुंच गई।

🏛️ प्रशासन से सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि:

प्रदूषण नियंत्रण के दावे ज़मीन पर नजर नहीं आते

निगरानी तो है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं

इंडस्ट्री और वाहनों पर सख्ती न के बराबर है

🌱 समाधान क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार:

निर्माण स्थलों पर कड़ी निगरानी

पुराने वाहनों पर प्रतिबंध

ग्रीन बेल्ट विकसित करना

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा

प्रदूषण फैलाने वालों पर जुर्माना

जैसे कदम तुरंत उठाने होंगे।

📢 आम जनता की जिम्मेदारी

हर नागरिक को भी चाहिए कि:

कचरा न जलाएं

निजी वाहन कम इस्तेमाल करें

पेड़ लगाएं

प्रदूषण के प्रति जागरूक बनें

क्योंकि साफ हवा सिर्फ सरकार नहीं, हम सबकी ज़िम्मेदारी है।

Faridabad’s Lakarpur village is facing severe air pollution as the AQI crosses 300, placing it in the hazardous category. High PM2.5 and PM10 levels have made breathing equivalent to smoking over 13 cigarettes a day. The rising Faridabad AQI highlights the urgent need for pollution control measures across NCR India to protect public health.

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