AIN NEWS 1: भारत का रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर मजबूती के साथ आगे बढ़ता दिख रहा है। बीते कुछ वर्षों में कोरोना महामारी के बाद जिस तरह से बाजार में सुस्ती आई थी, अब वह धीरे-धीरे खत्म हो रही है। साल 2026 की शुरुआत में प्रॉपर्टी मार्केट में स्थिरता, भरोसा और निवेश—तीनों चीज़ें साफ तौर पर दिखाई दे रही हैं।
आज लोग घर को सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक सुरक्षित निवेश के रूप में भी देख रहे हैं। यही वजह है कि बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक प्रॉपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है।
🏠 घरों की कीमतों में क्या बदलाव आया है?
देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में बीते एक साल में 6 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
मिडिल क्लास और अपर-मिडिल क्लास सेगमेंट में डिमांड सबसे ज़्यादा है
2BHK और 3BHK फ्लैट्स सबसे ज्यादा बिक रहे हैं
जिन इलाकों में मेट्रो, एक्सप्रेसवे या नई सड़क परियोजनाएं हैं, वहां कीमतें तेजी से बढ़ी हैं
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🏗️ रेडी-टू-मूव बनाम अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी
अब खरीदार पहले से ज्यादा समझदार हो गया है। लोग:
रेडी-टू-मूव फ्लैट्स को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं
लंबे समय तक इंतज़ार और प्रोजेक्ट फंसने के डर से बचना चाहते हैं
हालांकि, अच्छे बिल्डर के RERA-अप्रूव्ड अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में भी निवेश जारी है, खासकर वहां जहां भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की संभावना है।
🌆 टियर-2 और टियर-3 शहर क्यों बन रहे हैं पसंद?
अब रियल एस्टेट सिर्फ मेट्रो सिटी तक सीमित नहीं रहा।
लखनऊ, इंदौर, जयपुर, देहरादून, कोयंबटूर और भुवनेश्वर जैसे शहर तेजी से उभर रहे हैं।
इसके पीछे कारण हैं:
मेट्रो शहरों की तुलना में कम कीमत
बेहतर जीवनशैली
सरकारी और प्राइवेट नौकरियों के नए अवसर
रिमोट वर्क और हाइब्रिड वर्क कल्चर
💰 होम लोन और EMI का मौजूदा हाल
होम लोन की ब्याज दरें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, जिससे खरीदारों को राहत मिली है।
बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां:
कम प्रोसेसिंग फीस
लंबे लोन टेन्योर
फेस्टिव और स्पेशल ऑफर्स
जैसी सुविधाएं दे रही हैं। इसका सीधा असर प्रॉपर्टी सेल पर पड़ा है।
🏢 कमर्शियल प्रॉपर्टी मार्केट की स्थिति
रेजिडेंशियल के साथ-साथ कमर्शियल रियल एस्टेट भी तेज़ी पकड़ रहा है।
खास तौर पर:
IT और टेक्नोलॉजी हब्स में ऑफिस स्पेस की मांग
वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ
मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और रिटेल स्पेस में निवेश की वापसी
निवेशक अब सिर्फ किराए की कमाई नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म रिटर्न पर भी फोकस कर रहे हैं।
👨👩👧 आज का खरीदार क्या चाहता है?
आज का होम बायर सिर्फ चार दीवारें नहीं देखता। वह चाहता है:
गेटेड सोसाइटी
24×7 सिक्योरिटी
पार्किंग और ग्रीन एरिया
स्कूल, हॉस्पिटल और मेट्रो की नजदीकी
अच्छी कनेक्टिविटी
यही वजह है कि प्लान्ड टाउनशिप और इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं।
⚠️ प्रॉपर्टी खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
घर खरीदते समय भावनाओं के बजाय समझदारी ज़रूरी है:
बिल्डर का RERA रजिस्ट्रेशन जरूर जांचें
प्रोजेक्ट की लीगल क्लियरेंस देखें
एग्रीमेंट में पज़ेशन डेट और पेनाल्टी क्लॉज पढ़ें
सिर्फ डिस्काउंट या ऑफर देखकर फैसला न लें
🔮 आगे का रियल एस्टेट आउटलुक
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में:
अफोर्डेबल और मिड-सेगमेंट हाउसिंग मजबूत रहेगी
इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के पास प्रॉपर्टी में अच्छा रिटर्न मिलेगा
रियल एस्टेट निवेशकों के लिए फिर से भरोसेमंद सेक्टर बनेगा
The India property market in 2026 is showing strong growth with rising demand for residential and commercial real estate. House prices in major cities like Delhi NCR, Mumbai, Bengaluru and emerging Tier-2 cities are increasing due to better infrastructure, stable home loan rates and growing investor confidence. Real estate investment in India continues to remain a safe and profitable long-term option for home buyers and investors.



