AIN NEWS 1: रामपुर में एसआईआर फॉर्म से जुड़ी एक FIR ने पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक माहौल को गर्म कर रखा है। इसी मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह रविवार को रामपुर पहुंचे। वह उस परिवार से मिलने आए थे, जिस पर एसआईआर फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने FIR दर्ज की है। परिवार की परेशानी को सुनने के बाद संजय सिंह ने न केवल प्रशासन पर सवाल उठाए, बल्कि रामपुर के डीएम को लेकर एक विवादित टिप्पणी भी कर दी, जो अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
🔹 क्या है पूरा मामला?
रामपुर जिले के एक परिवार — नूरजहां और उनके विदेश में रहने वाले बेटों — पर आरोप है कि उन्होंने एसआईआर फॉर्म भरते समय जानकारी सही तरीके से नहीं दी। इस आधार पर पुलिस ने उन पर FIR दर्ज कर दी। परिवार का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर कोई गलत जानकारी नहीं दी, और उनसे कोई स्पष्ट मार्गदर्शन भी नहीं मिला। परिवार इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती बताते हुए कह रहा है कि उनसे बिना वजह अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
यही समस्या सुनने के लिए संजय सिंह रामपुर पहुंचे। उनके साथ स्थानीय AAP कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
🔹 परिवार से मुलाकात और संजय सिंह की प्रतिक्रिया
नूरजहां के घर पहुंचकर संजय सिंह ने परिवार की बात ध्यान से सुनी। परिवार ने बताया कि उनके बेटे विदेश में रहते हैं और फॉर्म की प्रक्रिया समझने में दिक्कत हुई। ऐसे में प्रशासन ने सीधे FIR दर्ज कर दी, जिससे उनके लिए कानूनी और सामाजिक दोनों तरह की मुश्किलें खड़ी हो गईं।
संजय सिंह ने कहा कि किसी भी सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं होता, बल्कि उन्हें मदद करना होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आम लोगों में कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं थी, लेकिन जिम्मेदारी तय करने के बजाय प्रशासन ने सीधे FIR कर दी।
🔹 डीएम पर तीखी टिप्पणी
मीडिया से बात करते हुए AAP सांसद ने रामपुर के जिलाधिकारी (DM) पर बेहद कड़ी टिप्पणी की। अपने बयान में उन्होंने कहा:
“यहाँ का डीएम एक नंबर का मूर्ख है… क्या उसको अकल पाँच पैसे की भी नहीं है?”
उनकी इस बात ने पूरे प्रदेश में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल AAP के अंदाज़ को आक्रामक राजनीति बता रहे हैं, जबकि AAP समर्थक इसे आम लोगों की आवाज़ उठाने वाला कदम कह रहे हैं।
🔹 संजय सिंह ने क्या सवाल उठाए?
संजय सिंह ने कई बिंदुओं पर प्रशासन और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए:
1. एसआईआर फॉर्म को लेकर स्पष्ट निर्देश क्यों नहीं दिए गए?
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को जानकारी मिले बिना उनसे गलती होने पर FIR कर देना कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है।
2. क्या FIR बनाना अंतिम विकल्प था?
उन्होंने कहा कि पहले नोटिस देना चाहिए था, या लोगों को समझाना चाहिए था।
3. क्या यह राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई है?
संजय सिंह ने संकेत दिया कि रामपुर में अक्सर प्रशासन विपक्ष के समर्थकों या असहमत लोगों पर कठोर कदम उठाता है।
🔹 परिवार की क्या मांग है?
परिवार ने संजय सिंह से मुलाकात के दौरान कहा:
FIR वापस ली जाए
प्रशासन स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे
परिवार के विदेशी सदस्य ऑनलाइन प्रक्रिया को ठीक से समझ नहीं पाए, इसलिए इसे अपराध न माना जाए
नूरजहां ने कहा कि वह एक सामान्य परिवार हैं और फॉर्म भरने के दौरान उनसे कोई धोखाधड़ी नहीं हुई। FIR के कारण उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से काफी परेशानी हो रही है।
🔹 संजय सिंह ने क्या आश्वासन दिया?
संजय सिंह ने कहा कि:
वह इस मामले को संसद में उठा सकते हैं
प्रशासनिक दुरुपयोग के खिलाफ जनता का साथ देंगे
परिवार को कानूनी सहायता भी दिलाई जाएगी
उन्होंने कहा कि यदि सरकार लोगों पर दबाव डालकर डर फैलाने की कोशिश करती है, तो AAP इसका विरोध करेगी।
🔹 राजनीतिक माहौल में आग
संजय सिंह की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
BJP समर्थक इसे “अनुशासनहीनता” बता रहे हैं, जबकि AAP समर्थक इसे “जनता की आवाज़ उठाना” कह रहे हैं।
रामपुर प्रशासन अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाया है। लेकिन सूत्रों के अनुसार डीएम इसे व्यक्तिगत टिप्पणी मानकर कानूनी कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।
🔹 एसआईआर फॉर्म—क्या है और क्यों विवाद में है?
हाल ही में लागू किया गया SIR (Sensitive Information Record) फॉर्म नागरिकों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया से जुड़ा है।
लोगों का कहना है:
प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है
तकनीकी जानकारी आम लोगों से छुपाई गई है
गलत जानकारी पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी ने डर फैला दिया है
इसी भ्रम के कारण कई परिवार समस्याओं में फँस रहे हैं।
रामपुर में एसआईआर फॉर्म पर दर्ज हुई FIR और उस पर संजय सिंह की प्रतिक्रिया ने इस पूरे मामले को बड़े राजनीतिक विवाद में बदल दिया है।
जहाँ एक तरफ परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से पेश कर रहे हैं।
देखना होगा कि प्रशासन इस FIR की समीक्षा करेगा या माहौल और अधिक तनावपूर्ण होगा।
AAP MP Sanjay Singh visited Rampur to meet a family facing an FIR for allegedly submitting incorrect information in the SIR form, sparking a major political controversy in Uttar Pradesh. During his visit, Sanjay Singh sharply criticized the Rampur District Magistrate, accusing the administration of misuse of power and creating unnecessary harassment for citizens. This incident has triggered strong political reactions, making it a highlighted topic in UP politics and national news. Keywords: Sanjay Singh, Rampur FIR, SIR form case, AAP MP, UP politics, District Magistrate controversy.


















