AIN NEWS 1: शाहजहांपुर में रविवार को उस समय बड़ी हलचल मच गई जब एक मैरिज हॉल में कक्षा 9 में पढ़ने वाली नाबालिग हिंदू लड़की का कथित निकाह आयोजित किया जा रहा था। जैसे ही हिंदू संगठन के सदस्यों को इस घटना की जानकारी मिली, वे तत्काल पुलिस के साथ शादी स्थल पर पहुंचे और शादी पर आपत्ति जताते हुए जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि नाबालिग लड़की का धर्म परिवर्तन करवाकर उसको जबरन निकाह के लिए तैयार किया गया है। मामला सामने आते ही पुलिस ने शादी रुकवा दी और दूल्हा-दुल्हन समेत दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी।
घटना कैसे हुई शुरू?
स्थानीय लोगों के अनुसार, लड़की कई महीनों से एक युवक के संपर्क में थी। बताया जा रहा है कि युवक मुस्लिम समुदाय से है और दोनों के बीच दोस्ती से शुरू हुई बातचीत कुछ ही समय में रिश्ते में बदल गई। परिवार को जब इस संबंध की जानकारी मिली, तो उन्होंने बेटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे जटिल होती चली गई। इसी बीच अचानक शादी की तैयारियाँ शुरू होती दिखाई दीं और लड़की का कथित तौर पर धर्म परिवर्तन करवाए जाने की चर्चा भी फैलने लगी।
हिंदू संगठन को कैसे लगी खबर?
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को स्थानीय निवासियों के माध्यम से जानकारी मिली कि एक नाबालिग हिंदू लड़की का निकाह करवाने की तैयारी हो रही है। संगठन के सदस्यों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और बताया कि मामला नाबालिग लड़की तथा धर्म परिवर्तन से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। सूचना पाते ही पुलिस टीम और संगठन के सदस्य मैरिज हॉल की ओर रवाना हो गए।
मैरिज हॉल में देखते ही बदल गया माहौल
जब पुलिस और संगठन के लोग मौके पर पहुंचे तो निकाह की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी थीं। दूल्हा-दुल्हन निकाह के लिए तैयार बैठाए गए थे और मौलवी भी मौजूद थे। लेकिन अचानक पुलिस की मौजूदगी से कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने सबसे पहले निकाह की कार्रवाई रुकवाई और लड़की की उम्र को लेकर सवाल उठाए। पूछताछ में पता चला कि लड़की अभी 9वीं कक्षा की छात्रा है, यानी नाबालिग।
मौके पर मौजूद हिंदू संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि लड़की को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाया गया है और परिवार पर दबाव बनाया गया है। हालांकि, लड़की और उसके परिवार की ओर से पुलिस को अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
पुलिस ने क्या कदम उठाए?
पुलिस ने निकाह रुकवाने के बाद दोनों पक्षों को थाने ले जाकर अलग-अलग पूछताछ की—
लड़की से उसकी उम्र, इच्छा और परिस्थितियों को लेकर सवाल पूछे गए।
दूल्हे से यह जानकारी ली गई कि उसने नाबालिग लड़की से शादी की तैयारी क्यों की।
दोनों परिवारों से धर्म परिवर्तन के आरोपों पर जवाब मांगा गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी भी पक्ष से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि धर्म परिवर्तन या जबरन निकाह कराए जाने की बात सामने आती है तो संबंधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में नाराज़गी और चिंता
यह पूरा मामला आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि बिना उम्र की पुष्टि किए और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए शादी की तैयारी करना साफ तौर पर कानून का उल्लंघन है। कई लोगों का कहना था कि नाबालिग बेटी को इस तरह के फैसले में शामिल करना उसकी सुरक्षा और भविष्य को गंभीर जोखिम में डालता है।
कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसी परिस्थितियों में परिवारों को तुरंत पुलिस और प्रशासन की मदद लेनी चाहिए, ताकि बच्ची के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
धर्म परिवर्तन के आरोप कितने गंभीर?
उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों पर कड़ा कानून लागू है। किसी भी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से, बिना किसी दबाव, लोभ या झांसे के ही मान्य माना जाता है। इसके लिए जिला प्रशासन को पूर्व सूचना देना अनिवार्य है। यदि यह साबित हो जाता है कि नाबालिग लड़की का धर्म परिवर्तन दबाव में किया जा रहा था, तो दोषियों को सख्त सजा मिल सकती है।
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि लड़की ने स्वयं धर्म परिवर्तन की इच्छा जताई थी या किसी के दबाव में यह कदम उठाया गया।
परिवारों के बीच तनाव बढ़ा
थाने में पूछताछ के दौरान दोनों परिवारों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक की स्थिति भी उत्पन्न हुई। लड़की का परिवार कहता रहा कि वह अपनी बेटी को सही दिशा में ले जाना चाहते हैं, जबकि दूसरी तरफ दूल्हे का परिवार बार-बार इस बात पर जोर देता रहा कि दोनों की इच्छा से शादी की तैयारी की गई थी।
लेकिन, चूंकि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है, इसलिए उसकी मर्जी भी कानूनी तौर पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
जांच के बाद ही तय होगा आगे का रास्ता
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। लड़की की मेडिकल उम्र-पुष्टि, बयान और धर्म परिवर्तन से जुड़ी जानकारी आधार बनेंगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि मामला आपराधिक धाराओं में जाएगा या केवल परिवारिक विवाद माना जाएगा।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
शादी रुकवाने के बाद तनाव बढ़ने की आशंका थी, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में सभी को शांत कराया गया। अभी दोनों परिवारों को समझाया जा रहा है कि बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए किसी भी तरह का कदम न उठाएं।
In Shahjahanpur, Uttar Pradesh, police and members of a Hindu organization stopped the alleged Nikah of a minor Hindu schoolgirl after claims of illegal religious conversion and underage marriage. The incident triggered a detailed UP Police investigation focusing on forced conversion, child marriage laws, and the safety of the minor girl. This Shahjahanpur minor girl illegal conversion case has raised important questions about religious conversion regulations, protection of minors, and law enforcement in Uttar Pradesh.


















