AIN NEWS 1: लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में रहने वाले वार्ड 35 के सभासद गुलजार अल्वी एक नए विवाद में फंस गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रध्वज का अपमान किया, जिसके बाद उनके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उनके घर पर फर्नीचर पर तिरंगा बिछाकर पुताई करते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, यह बात भी स्पष्ट कर दी गई है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला
मंगलवार शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया। वीडियो में दिखाया गया कि किसी मकान में पुताई का काम चल रहा है और फर्नीचर को ढकने के लिए राष्ट्रध्वज का इस्तेमाल किया गया है। पोस्ट करने वाले यूजर्स ने दावा किया कि यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है और इसे जानबूझकर किया गया है।
वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और देखते ही देखते मामला चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने इसे राष्ट्रध्वज का अपमान बताया और सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की।
पुलिस ने की जांच, निकला सभासद का नाम
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, पुलिस सक्रिय हुई और वीडियो की जांच शुरू कर दी। जांच में पता चला कि वीडियो लोनी नगर पालिका परिषद के वार्ड 35 के सभासद गुलजार अल्वी के मोहल्ला आर्यनगर स्थित मकान का है। इतना ही नहीं, वीडियो में मकान के बाहर सभासद का नाम लिखा बोर्ड भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
इस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दारोगा आशीष कुमार की शिकायत पर सभासद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दारोगा के मुताबिक, वीडियो और जांच के आधार पर यह पाया गया कि सभासद गुलजार अल्वी ने राष्ट्रध्वज का अनुचित इस्तेमाल करवाया, जो कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।
एफआईआर और आरोप
एफआईआर में उल्लेख किया गया कि सभासद ने तिरंगे का गैरकानूनी तरीके से उपयोग किया और यह कृत्य राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम का उल्लंघन है। दारोगा का कहना है कि यह कार्य जानबूझकर और लापरवाही से किया गया। घटना सामने आने के बाद लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिससे स्थानीय माहौल में तनाव जैसा माहौल बन गया।
एसीपी का बयान
एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वीडियो असली पाया जाता है, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा और इसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
वीडियो के वायरल होने के बाद से इलाके में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। राष्ट्रीय ध्वज भारत के सम्मान और गौरव का प्रतीक है, ऐसे में उसके गलत उपयोग को लेकर लोगों की भावनाएं आहत होना स्वाभाविक है। कई लोगों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कई यूजर्स ने इसे “तिरंगे का अपमान” बताया और सभासद से जवाब देने की मांग की।
सभासद की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले पर अभी तक सभासद गुलजार अल्वी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो सच है तो सभासद को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी चाहिए, क्योंकि वह एक जनप्रतिनिधि हैं और उनका हर कदम जनता के भरोसे से जुड़ा है।
कानूनी पहलू क्या कहते हैं?
भारत में राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। ‘राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम, 1971’ के तहत तिरंगे के गलत उपयोग, अपमान या अनादर को गंभीर अपराध माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति पर ध्वज के अपमान का आरोप साबित हो जाता है, तो उसे जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
मामले की आगे की दिशा
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि वीडियो में दिखाया गया दृश्य सही है, तो सभासद के लिए यह मामला और गंभीर हो सकता है।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि देश की अस्मिता का प्रतीक है। इसके सम्मान की जिम्मेदारी हर नागरिक की है, चाहे आम हो या जनप्रतिनिधि।
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