अग्निवीरों को बड़ी राहत: BSF भर्ती में 50% आरक्षण, 10 साल पुराना नियम बदला!

0
127

AIN NEWS 1: केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी कर चुके युवाओं को लेकर एक बड़ा और राहत भरा फैसला किया है। लंबे समय से यह सवाल उठता रहा था कि चार साल की सेवा के बाद अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा। अब सरकार के इस नए फैसले ने उन तमाम आशंकाओं को काफी हद तक दूर कर दिया है।

सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों का आरक्षण बढ़ाकर 10 प्रतिशत से सीधे 50 प्रतिशत कर दिया है। इसके लिए लगभग 10 साल पुराने भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है। यह फैसला न केवल अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि उनकी सेवा को सम्मान और सुरक्षा भी देगा।

अग्निवीर योजना की पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निवीर योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य भारतीय सेना को युवा, आधुनिक और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना था। इसके तहत 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं को चार साल की अल्पकालिक सैन्य सेवा के लिए भर्ती किया जाता है। इन युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है।

चार साल की सेवा पूरी होने के बाद करीब 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सेवा में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा निधि पैकेज देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है।

हालांकि योजना लागू होते ही यह सवाल उठने लगे थे कि चार साल बाद बाहर होने वाले युवाओं का भविष्य क्या होगा। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर कई बार हमला भी किया। अब BSF में आरक्षण बढ़ाने के फैसले को सरकार की ओर से उसी चिंता का जवाब माना जा रहा है।

BSF भर्ती नियमों में क्या बदलाव हुआ?

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने BSF कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) कैडर भर्ती नियम 2015 में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।

इसका मतलब यह हुआ कि अब BSF में सीधी भर्ती के जरिए होने वाली कांस्टेबल नियुक्तियों में आधी सीटें उन युवाओं के लिए होंगी, जिन्होंने अग्निवीर के रूप में चार साल की सेवा पूरी की है।

आयु सीमा में भी मिली बड़ी छूट

सरकार ने सिर्फ आरक्षण ही नहीं बढ़ाया, बल्कि आयु सीमा में भी राहत दी है।

पहले बैच के अग्निवीरों को BSF भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में 5 साल तक की छूट मिलेगी

अन्य पूर्व अग्निवीरों को 3 साल तक की आयु छूट दी जाएगी

यह छूट उन युवाओं के लिए बेहद अहम है, जो चार साल की सेवा के बाद उम्र की सीमा के कारण अन्य भर्तियों से बाहर हो जाते थे।

शारीरिक परीक्षण में भी मिलेगी राहत

केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) में भी कुछ छूट दी जाएगी।

सरकार का मानना है कि अग्निवीर पहले ही सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होते हैं, इसलिए उनके लिए वही कड़े मानक दोहराने की जरूरत नहीं है।

भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि BSF में भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी।

पहला चरण:

नोडल फोर्स द्वारा

पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत रिक्तियों को भरा जाएगा

दूसरा चरण:

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा

शेष 47 प्रतिशत रिक्तियों के लिए भर्ती

इसमें 10 प्रतिशत आरक्षण पूर्व सैनिकों के लिए रहेगा

इसके अलावा, यदि पहले चरण में किसी विशेष श्रेणी की सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भी बाद में भरा जाएगा।

जून 2025 में भी हुआ था अहम संशोधन

इस फैसले से पहले केंद्र सरकार ने जून 2025 में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया था। राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से भारत सरकार (कार्य आवंटन) नियम 1961 में संशोधन किया गया।

इस संशोधन के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय को यह जिम्मेदारी दी गई कि चार साल की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों के पुनर्वास, रोजगार और आगे की प्रगति से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय किया जाए।

यह साफ संकेत था कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर दीर्घकालिक नीति बना रही है।

राजनीतिक और सामाजिक मायने

BSF में 50 प्रतिशत आरक्षण का यह फैसला राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। विपक्ष लंबे समय से अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं की नौकरी की सुरक्षा पर सवाल उठा रहा था।

सरकार का यह कदम न केवल उन आरोपों का जवाब है, बल्कि लाखों युवाओं के मन में पैदा हुई असुरक्षा की भावना को भी कम करता है।

अग्निवीरों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

स्थायी सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर

सैन्य अनुभव को प्राथमिकता

उम्र और शारीरिक मानकों में राहत

भविष्य को लेकर भरोसा और स्थिरता

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि BSF भर्ती में आरक्षण बढ़ाने का फैसला अग्निवीरों के लिए नई उम्मीद और नई दिशा लेकर आया है।

The Indian government has taken a major step to secure the future of Agniveers by increasing the BSF reservation for former Agniveers to 50 percent. This policy change in BSF recruitment offers age relaxation, physical test exemptions, and long-term career opportunities for Agniveers completing four years of service. The move strengthens confidence in the Agniveer scheme and ensures better employment prospects in India’s paramilitary forces.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here