AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। असमोली थाना क्षेत्र के गांव राया बुजुर्ग में मस्जिद और मौलाना के परिवार से जुड़े तीन मकानों पर बुलडोजर एक्शन चलाया गया। मौके पर एक साथ तीन बुलडोजर अवैध निर्माणों को तोड़ने में लगाए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और पूरे इलाके पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है।

यह कार्रवाई उस जमीन को मुक्त कराने के लिए की जा रही है, जिस पर वर्षों पहले कब्जा कर धार्मिक स्थल और आवासीय मकान बना लिए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, गांव में करीब 880 वर्ग मीटर तालाब की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर मस्जिद के साथ तीन पक्के मकान खड़े कर दिए गए थे। ये मकान मस्जिद के मुतवल्ली यानी मौलाना और उनके दो भाइयों के नाम पर दर्ज बताए गए हैं।
शनिवार सुबह लगभग 9 बजे जब प्रशासन की टीम गांव पहुंची तो कब्जेदार परिवार ने खुद ही निर्माण हटाने के लिए समय देने का अनुरोध किया। मौलाना और उनके भाइयों ने प्रशासन से कहा कि वे बुलडोजर कार्रवाई से पहले अपने मकान स्वयं तोड़ना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने हथौड़ी और अन्य औजारों की मदद से अवैध हिस्सों को गिराने की कोशिश भी शुरू की। लेकिन पक्के निर्माण होने के कारण वे अपने स्तर पर इन्हें हटाने में सफल नहीं हो सके। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तय प्रक्रिया के तहत बुलडोजर चलाने का आदेश दे दिया।
अधिकारियों का कहना है कि इस जमीन पर अवैध कब्जे को सबसे पहले 5 नवंबर 2022 को चिन्हित किया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि तालाब की जगह पर नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्माण किया गया है। इसके बाद संबंधित लोगों—अबरार, असरार, बाबू और मस्जिद कमेटी—को कई बार नोटिस जारी किए गए और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
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परिवार ने इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाया। 14 नवंबर 2024 को मस्जिद कमेटी और मौलाना के तीनों भाइयों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। लेकिन अदालत ने तथ्यों और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर उनकी याचिका को अस्वीकार कर दिया। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद तहसील प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी।
इसी क्रम में तहसीलदार द्वारा 4 फरवरी 2025 को सरकारी जमीन से कब्जा खाली कराने का औपचारिक आदेश पारित किया गया। बावजूद इसके, कब्जेदारों ने निर्माण हटाने में लगातार देरी की। वे कई बार जिलाधिकारी के पास पहुंचकर अतिरिक्त समय की मांग करते रहे। प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें अवसर भी दिया, लेकिन अवैध निर्माण जस का तस बना रहा।
प्रशासनिक टीम 2 अक्टूबर 2025 को भी बुलडोजर चलाने के लिए गांव पहुंची थी। उस समय भी मौलाना पक्ष ने स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का वक्त मांगा था। उनकी बात मान ली गई, मगर तय अवधि बीतने के बाद भी न तो मकान तोड़े गए और न मस्जिद का अवैध हिस्सा हटाया गया।
इसके बाद 4 जनवरी 2026 को प्रशासन एक बार फिर चार बुलडोजर लेकर राया बुजुर्ग गांव पहुंचा। हालांकि उस दिन कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया था कि जल्द ही अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा। उसी दिन असमोली थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव में मस्जिद और मदरसे पर बुलडोजर एक्शन किया गया था, जिससे संकेत मिल गया था कि अतिक्रमण के मामलों में अब और ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जिस जमीन पर यह निर्माण हुआ वह मूल रूप से तालाब के लिए आरक्षित थी। सरकारी भूमि पर कब्जा कर किसी भी तरह का निर्माण करना पूरी तरह गैरकानूनी है। तालाब की जमीन पर्यावरणीय और सामुदायिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी वजह से प्रशासन ने अदालत के आदेश के बाद सख्त कदम उठाने का फैसला लिया।
गांव में कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन भारी पुलिस बल के कारण किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हो सका। ड्रोन निगरानी और बैरिकेडिंग के चलते पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति को अवैध कब्जे से मुक्त कराना है।
जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि भविष्य में भी तालाब, चारागाह, सड़क और अन्य सार्वजनिक जमीनों पर किए गए कब्जों को चिन्हित कर हटाया जाएगा। इस मामले में लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार तालाब की जमीन को मूल स्वरूप में वापस लाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
फिलहाल बुलडोजर एक्शन जारी है और प्रशासनिक अधिकारी पूरे अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि शाम तक सभी अवैध निर्माण पूरी तरह हटा दिए जाएंगे। इस कार्रवाई को संभल जिले में अतिक्रमण विरोधी मुहिम का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।
This news report covers the important incident of illegal encroachment removal in Sambhal district, Uttar Pradesh, where the administration initiated strict bulldozer action in Raya Bujurg village under Asmoli police station. The action was taken after Allahabad High Court rejected the petition filed by the occupants and confirmed that the mosque and three houses were built on illegally occupied pond land. Heavy police deployment, drone monitoring, and official supervision made this UP administration action a significant step toward freeing government property from illegal encroachments.



















