AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज यानी 19 दिसंबर से शुरू हो रहा है। यह सत्र 24 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान राज्य की राजनीति काफी गरम रहने की संभावना है। विपक्षी दल पहले से ही सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। कफ सिरप रैकेट, SIR (स्टेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट/या सिस्टम इंटीग्रेशन रजिस्टर से जुड़ा मुद्दा), खाद संकट और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे जाने की उम्मीद है।
22 दिसंबर को पेश होगा अनुपूरक बजट
शीतकालीन सत्र के दौरान 22 दिसंबर को योगी आदित्यनाथ सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि यह बजट सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाएगा। विपक्ष इस बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और महंगाई से जुड़े प्रावधानों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में खाद की किल्लत और किसानों की समस्याएं विपक्ष का बड़ा हथियार बन सकती हैं।
कफ सिरप रैकेट बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
हाल के दिनों में सामने आए कफ सिरप रैकेट ने राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विपक्ष का आरोप है कि नकली और प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई में बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ा है। विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा होने के आसार हैं। विपक्ष यह सवाल उठा सकता है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व लोगों पर क्या कार्रवाई की गई।
SIR मुद्दे पर भी सरकार को घेरेगा विपक्ष
SIR से जुड़े मुद्दे पर भी विपक्ष सरकार से जवाब मांगने के मूड में है। विपक्ष का कहना है कि SIR से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सदन के भीतर तीखी बहस हो सकती है। विपक्ष यह भी आरोप लगा सकता है कि सरकार संवेदनशील मामलों में जानकारी साझा करने से बच रही है।
खाद संकट और किसानों की परेशानी
शीतकालीन सत्र में खाद संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठने की संभावना है। कई जिलों से खाद की कमी की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों को समय पर यूरिया और डीएपी न मिलने से रबी फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। विपक्ष सरकार से यह पूछ सकता है कि जब खेती राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, तो फिर खाद जैसी बुनियादी जरूरत की व्यवस्था क्यों नहीं हो पा रही है।
सरकार की ओर से जवाब देने की पूरी तैयारी
योगी आदित्यनाथ सरकार भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार की ओर से यह दलील दी जा सकती है कि कफ सिरप मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। वहीं खाद संकट को लेकर सरकार यह कह सकती है कि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानसभा सत्र को देखते हुए राजधानी लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा परिसर और उसके आसपास हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पुलिस और प्रशासन किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। सत्र के दौरान विपक्षी दलों के प्रदर्शन और विरोध को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
हंगामेदार रहने की संभावना
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार हो सकता है। विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा, वहीं सत्ता पक्ष अपने कामकाज और नीतियों का बचाव करेगा। ऐसे में सदन में तीखी बहस, नोकझोंक और व्यवधान की स्थिति भी बन सकती है।
राजनीतिक संदेश देने की कोशिश
यह सत्र केवल विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2024 के बाद की राजनीति को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्ष जनता को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करेंगे। विपक्ष जहां सरकार की कथित विफलताओं को उजागर करेगा, वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों को गिनाने पर जोर देगी।
नजरें रहेंगी महत्वपूर्ण फैसलों पर
शीतकालीन सत्र के दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार किन अहम प्रस्तावों और फैसलों को आगे बढ़ाती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को बैकफुट पर लाने में सफल होता है। कुल मिलाकर, यूपी विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
The Uttar Pradesh Assembly Winter Session begins on December 19 and will continue till December 24. During this crucial session, the Yogi Adityanath government is expected to face tough questions from the opposition over issues like the alleged cough syrup scam, SIR implementation concerns, and the growing food crisis in the state. The supplementary budget to be presented on December 22 will also be a key focus, making this winter session politically significant for Uttar Pradesh.



















