AIN NEWS 1: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों बड़े विवाद में घिरी हुई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार फ्लाइट्स रद्द होने की वजह से हजारों यात्री परेशान हैं। कभी एयरपोर्ट पर घंटों इंतज़ार करना पड़ रहा है, तो कभी टिकट के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे माहौल में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस पूरे संकट पर सख्त रुख अपनाया है और सरकार से सीधे सवाल पूछे हैं।

🔵 हाई कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि इंडिगो की यह समस्या सिर्फ यात्रियों की असुविधा भर नहीं है, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। अदालत ने कहा कि रोजाना फ्लाइट रद्द होने से:
व्यापारियों का टाइम और पैसा बर्बाद हो रहा है
टूरिज्म सेक्टर को झटका लग रहा है
जरूरी मेडिकल, बिजनेस और इमरजेंसी यात्राएं प्रभावित हो रही हैं
कोर्ट ने हैरानी जताई कि जब संकट इतना बड़ा है, तो सरकार ने समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए?
🔵 “₹40 हजार का टिकट कैसे?” – कोर्ट का तीखा सवाल
सुनवाई के दौरान सबसे बड़ा सवाल टिकट की कीमतों को लेकर उठाया गया। कोर्ट ने पूछा:
“ऐसी स्थिति में टिकट ₹40,000 तक कैसे बिक सकते हैं? यह किसकी निगरानी में हो रहा है?”
कई यात्रियों ने कोर्ट को बताया कि सामान्य दिनों में 7–10 हजार में मिलने वाले टिकट अब अचानक 30–40 हजार तक पहुंच गए। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या यह ‘क्राइसिस प्राइसिंग’ रोकी नहीं जा सकती?
🔵 सरकार की तरफ से क्या कहा गया?
सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा (ASG) ने कोर्ट को बताया कि:
सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है
इंडिगो के COO को सस्पेंड कर दिया गया है
DGCA लगातार मामले की जांच कर रहा है
लेकिन कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुआ और कहा कि सिर्फ COO को सस्पेंड कर देना काफी नहीं है, बल्कि असली समस्या क्या है और जिम्मेदार कौन है—इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
🔵 इंडिगो फ्लाइट्स में इतनी गड़बड़ी क्यों हो रही है?
हाल के दिनों में इंडिगो ने कई कारणों से फ्लाइट रद्द की हैं:
पायलटों और क्रू की भारी कमी
अचानक ओवरवर्किंग और शेड्यूल गड़बड़ी
तकनीकी समस्याएं
स्टाफ के बीच असंतोष
इन सब वजहों से विभिन्न एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का पूरा सिस्टम बिगड़ गया है। इससे यात्रियों का भरोसा भी प्रभावित हुआ है।
🔵 यात्री परेशानियों से त्रस्त
फ्लाइट कैंसिलेशन का सबसे ज्यादा असर यात्रियों पर पड़ा है। लगातार रिपोर्ट्स आ रही हैं कि:
लोग एयरपोर्ट पर 8–10 घंटे तक फंसे रहे
अंतिम समय में फ्लाइट रद्द होने से परिवारों की योजना बिगड़ गई
टिकट महंगे होने से कई यात्रियों की यात्रा असंभव हो गई
कुछ यात्रियों को होटल और अन्य खर्चों की वजह से ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा
कोर्ट ने इन सब समस्याओं को बहुत गंभीर माना।
🔵 अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
हाई कोर्ट ने अपने बयान में साफ कहा कि यह संकट सिर्फ एक एयरलाइन का नहीं, बल्कि पूरे देश के एयर ट्रैवल सिस्टम का है।
बिजनेस ट्रिप्स रद्द होने से कंपनियां प्रभावित
विदेश से आने-जाने वाले यात्रियों के कारण व्यापारिक गतिविधियां धीमी
एयरपोर्ट सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर
कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर इसे तुरंत नहीं संभाला गया तो हवाई यात्रा भरोसेमंद नहीं रह जाएगी।
🔵 कोर्ट की सरकार को नसीहत
अदालत ने कहा कि सरकार को चाहिए कि:
1. एयरलाइंस की प्राइसिंग नीति को रेगुलेट करे
2. फ्लाइट कैंसिलेशन के लिए सख्त नियम बनाए
3. यात्रियों के लिए मुआवजा व्यवस्था मजबूत करे
4. इंडिगो से विस्तृत रिपोर्ट मांगे
5. हवाई यात्रा को विश्वसनीय और सुलभ बनाए
कोर्ट ने कहा कि सिर्फ बयान देकर या किसी अधिकारी को सस्पेंड करके समस्या खत्म नहीं होती।
🔵 अगली सुनवाई में क्या हो सकता है?
संभावना है कि कोर्ट इंडिगो से:
विस्तृत ऑपरेशन रिपोर्ट
रद्द की गई उड़ानों की संख्या
स्टाफिंग समस्या की स्थिति
यात्रियों को दिए गए मुआवजे
जैसी जानकारी मांगेगा।
सरकार से भी पूछा जा सकता है कि क्या वह टिकट की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई आपातकालीन नीति बना रही है।
The IndiGo flight cancellation crisis has raised major concerns about India’s aviation sector, prompting the Delhi High Court to question the government over skyrocketing ticket prices, COO suspension, and massive passenger harassment. This incident highlights the urgent need for stricter regulations, improved airline accountability, and better crisis management in India’s air travel system. Keywords: IndiGo crisis, flight cancellations, Delhi High Court, overpriced tickets, aviation regulation, passenger rights, India air travel disruption.


















