AIN NEWS 1: इटली और भारत के बीच कूटनीतिक रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। इसी कड़ी में एक और अहम कदम तब देखने को मिला जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2026 में इटली आने का आधिकारिक निमंत्रण भेजा। यह निमंत्रण इटली के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी की प्रधानमंत्री मोदी से हुई मुलाकात के दौरान दिया गया।
तजानी ने इस मुलाकात को बेहद सकारात्मक करार दिया और बताया कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काफी लाभकारी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि भारत और इटली आज ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां दोनों राष्ट्र आर्थिक, तकनीकी और सामरिक साझेदारी को और मज़बूत कर सकते हैं।
मुलाकात क्यों है खास?
प्रधानमंत्री मोदी और इटली प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत केवल औपचारिक शिष्टाचार भर नहीं थी, बल्कि इसमें भविष्य के सहयोग के नए रास्ते भी खोले गए। 2026 में इटली की अध्यक्षता में होने वाले कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी वजह से मेलोनी चाहती हैं कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इटली के दौरे पर आएं और द्विपक्षीय संबंधों को अगले स्तर तक ले जाएं।
तजानी ने मुलाकात के बाद कहा,
“हमने भारत के प्रधानमंत्री को हमारी प्रधानमंत्री मेलोनी की ओर से 2026 में इटली भ्रमण के लिए निमंत्रण सौंपा है, और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे सकारात्मक भाव से स्वीकार किया।”
इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं को लेकर उत्साह और बढ़ गया है।
भारत–इटली रिश्तों में नई ऊर्जा
पिछले कुछ वर्षों में भारत और इटली के रिश्तों ने नई दिशा पकड़ी है। चाहे बात रक्षा क्षेत्र की हो, ऊर्जा सुरक्षा की, क्लीन टेक्नोलॉजी की, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की या फिर व्यापार बढ़ाने की—दोनों देश लगातार एक-दूसरे का हाथ थामते नज़र आए हैं।
इटली यूरोप के उन देशों में से एक है जो भारत को एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है। वहीं भारत भी इटली को यूरोप में एक विश्वसनीय साझेदार मानता है। दोनों देशों के बीच व्यापार हर साल तेज़ी से बढ़ रहा है। इटली की कई कंपनियां भारत में निवेश के अवसर तलाश रही हैं, खासकर ऑटोमोबाइल, मशीनरी, मेडिटेरेनियन फूड, फैशन और अवसंरचना (Infrastructure) जैसे क्षेत्रों में।
प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच भी पिछले एक साल में दो बार मुलाकात हो चुकी है। हर बार दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी देखने को मिली है, जिसका असर दोनों देशों के रिश्तों पर साफ दिखता है। सोशल मीडिया पर भी जॉर्जिया मेलोनी का “नमस्ते” कहने वाला वीडियो काफी वायरल होता रहता है, जिससे भारत में उनकी लोकप्रियता भी बढ़ी है।
कूटनीतिक हलचलें और 2026 यात्रा का महत्व
2026 का वर्ष कूटनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उस वर्ष इटली कई बड़ी बैठकों और बहुपक्षीय मंचों की मेज़बानी करेगा। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का इटली दौरा वैश्विक राजनीति और भारत की विदेश नीति के संदर्भ में बेहद अहम होगा।
इटली चाहता है कि वह भारत के साथ मिलकर वैश्विक मुद्दों—जैसे जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल डेटा सुरक्षा और आर्थिक विकास—पर मजबूत साझेदारी बनाए। वहीं भारत भी यूरोप में अपनी रणनीतिक पकड़ को मजबूत करना चाहता है।
यह निमंत्रण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दोनों देशों के बढ़ते भरोसे और पारस्परिक सम्मान को दर्शाता है। भारत ने भी इटली के इस gesture का सकारात्मक जवाब देते हुए संकेत दिया है कि वह इस साझेदारी को और गहरा बनाना चाहता है।
भविष्य के एजेंडे क्या होंगे?
प्रधानमंत्री मोदी की संभावित इटली यात्रा में इन प्रमुख विषयों पर ध्यान रहने की संभावना है—
1. डिफेंस और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना
दोनों देश रक्षा उत्पादन और तकनीक साझा करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
2. व्यापार और निवेश बढ़ाना
इटली की बड़ी कंपनियां भारत में निवेश के लिए उत्सुक हैं।
3. ग्रीन एनर्जी और क्लीन टेक्नोलॉजी
दोनों देश जलवायु परिवर्तन से निपटने पर मिलकर काम कर सकते हैं।
4. डिजिटल इकोनॉमी और साइबर सुरक्षा
डेटा सुरक्षा, डिजाइन तकनीक, AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर बड़े समझौते हो सकते हैं।
5. शिक्षा और सांस्कृतिक साझेदारी
दोनों देश छात्र विनिमय कार्यक्रमों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहेंगे।
भारत की विदेश नीति के लिए बड़ा संकेत
प्रधानमंत्री मोदी का किसी भी देश के लिए औपचारिक निमंत्रण स्वीकार करना एक बड़ी कूटनीतिक घटना माना जाता है। इससे यह साफ होता है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को लेकर कितना आत्मविश्वासी और सक्रिय है।
इटली के निमंत्रण को स्वीकार करके भारत ने दो देशों के बीच दोस्ती को और मजबूत करने का रास्ता खोल दिया है। दोनों देशों की नेतृत्व शैली में भी पारदर्शिता और ऊर्जा देखने को मिलती है, जिसकी वजह से संबंध और सहज हो रहे हैं।
इटली के डिप्टी पीएम तजानी की प्रधानमंत्री मोदी से हुई मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भविष्य की साझेदारी की नई शुरुआत है। जॉर्जिया मेलोनी का निमंत्रण और प्रधानमंत्री मोदी की सकारात्मक प्रतिक्रिया दोनों देशों को और करीब लाने वाली है। आने वाले वर्षों में भारत–इटली रिश्ते और मजबूत होते दिखाई देंगे।
Prime Minister Narendra Modi has positively responded to Italian PM Giorgia Meloni’s official invitation to visit Italy in 2026. The meeting between Modi and Italian Deputy PM Antonio Tajani highlighted growing India–Italy relations, strategic cooperation, economic partnerships, and diplomatic engagement. This upcoming visit is expected to strengthen bilateral ties, boost trade, enhance defense collaboration, and open new avenues for global cooperation between India and Italy.


















