AIN NEWS 1: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध कब्जों को हटाने पहुंची एमसीडी की टीम पर हुई पत्थरबाजी का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है. इस घटना में अब उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम सामने आया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि जल्द ही सांसद से इस संबंध में पूछताछ की जाएगी.
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क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की एक टीम तुर्कमान गेट के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी. इलाके में लंबे समय से सड़कों और गलियों में अवैध निर्माण और कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं. इसी के तहत पुलिस सुरक्षा के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई.
लेकिन जैसे ही बुलडोजर और एमसीडी कर्मचारी काम पर लगे, अचानक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. आरोप है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि 30–35 लोगों के समूह ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके गए.
इस हिंसा के कारण एमसीडी की कार्रवाई कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी. पुलिस ने इस संबंध में चांदनी महल थाने में एफआईआर दर्ज की थी. शिकायत में कहा गया कि उपद्रवियों ने सरकारी काम में बाधा डाली और जानलेवा हमला किया.
सांसद पर भड़काने का आरोप
अब पुलिस जांच में एक नया मोड़ आया है. स्थानीय लोगों और पुलिस के बयानों के आधार पर सामने आया है कि देर रात इस घटनास्थल पर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी मौजूद थे. उन पर आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद लोगों को उकसाया और एमसीडी टीम के खिलाफ भड़काऊ बातें कहीं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांसद ने लोगों से कहा कि “यह कार्रवाई गलत है” और उन्हें इसका डटकर विरोध करना चाहिए. इसके बाद ही भीड़ आक्रामक हुई और पत्थरबाजी जैसी घटना हुई.
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह आरोप शुरुआती जांच का हिस्सा हैं और सच्चाई का पता पूछताछ के बाद ही चलेगा.
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कौन हैं मोहिबुल्लाह नदवी?
मोहिबुल्लाह नदवी उत्तर प्रदेश के रामपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं. राजनीति में आने से पहले वह धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं. वह संसद के पास स्थित एक मस्जिद के इमाम भी हैं, जिसे आम बोलचाल में पार्लियामेंट्री गली की मस्जिद कहा जाता है.
उनकी दोहरी भूमिका – एक धार्मिक नेता और एक जनप्रतिनिधि – इस मामले को और संवेदनशील बना देती है. यही कारण है कि पुलिस बेहद सावधानी से कदम उठा रही है.
पुलिस क्या कार्रवाई करेगी?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून सभी के लिए बराबर है. चाहे आम आदमी हो या सांसद, अगर किसी ने हिंसा भड़काने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने में भूमिका निभाई है तो उससे सवाल-जवाब जरूर होंगे.
फिलहाल पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है—
सांसद किस समय मौके पर पहुंचे
वहां उनकी गतिविधियां क्या थीं
क्या उन्होंने सच में लोगों को भड़काया
उनके साथ और कौन-कौन मौजूद था
क्या उनके बयान के वीडियो या अन्य सबूत मौजूद हैं
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हिंसा पहले से सुनियोजित थी या अचानक उपजे गुस्से का नतीजा.
राजनीति भी हुई तेज
जैसे ही सांसद का नाम इस मामले में सामने आया, राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई. विपक्षी दलों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.
वहीं दिल्ली के स्थानीय नेताओं और कुछ सामाजिक संगठनों का आरोप है कि समाजवादी पार्टी सांसद ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया और दिल्ली की शांति भंग करने की कोशिश की.
एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक कार्रवाई थी और इसका मकसद केवल अवैध निर्माण हटाना था.
स्थानीय लोगों में डर का माहौल
इस घटना के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. गलियों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो.
कई स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हिंसा के कारण उनका काम प्रभावित हुआ. कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “अगर नेता इस तरह बीच में आकर लोगों को भड़काएंगे तो आम आदमी कहां जाएगा.”
कानून व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली जैसे संवेदनशील और वीवीआईपी इलाके के पास हिंसा होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है. हाई कोर्ट में भी यह मामला लंबित बताया जा रहा है. ऐसे में पथराव की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस विशेषज्ञों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को भीड़ के बीच संयम और शांति का संदेश देना चाहिए, न कि विरोध को हिंसा की ओर मोड़ना चाहिए.
आगे क्या होगा?
दिल्ली पुलिस जल्द ही मोहिबुल्लाह नदवी को पूछताछ के लिए बुला सकती है. अगर उनके खिलाफ ठोस सबूत मिले तो कानूनी कार्रवाई भी संभव है.
एमसीडी ने संकेत दिए हैं कि पुलिस सुरक्षा मिलने के बाद अतिक्रमण हटाने का अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा.
The Turkman Gate incident in Delhi violence has become a major talking point after illegal encroachment removal by the MCD team turned into stone pelting. Delhi Police investigation is now focusing on Samajwadi Party MP Mohibullah Nadvi from Rampur, who was allegedly present during the MCD bulldozer action. The inquiry from Chandni Mahal police station and the FIR filed by Delhi Police will determine whether the Rampur MP played any role in provoking the crowd. This case highlights the challenges of illegal occupation removal in Delhi and the importance of maintaining law and order during anti-encroachment drives.



















