AIN NEWS 1: डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी के तरीके दिन-ब-दिन और चौंकाने वाले होते जा रहे हैं। ठग अब ऐसे झूठे ऑफर और विज्ञापनों के ज़रिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं, जिन पर यकीन करना भी मुश्किल लगता है। ऐसा ही एक अजीब मामला महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया है, जहाँ 44 वर्षीय एक कॉन्ट्रैक्टर को “प्रेग्नेंट जॉब” के नाम पर ₹11 लाख की ठगी का शिकार बना दिया गया।

क्या था पूरा मामला?
पुणे के रहने वाले इस कॉन्ट्रैक्टर ने इंटरनेट पर एक अजीब विज्ञापन देखा, जिसमें लिखा था—“किसी महिला को गर्भवती करने पर ₹25 लाख का इनाम।” पहले तो उसे लगा कि यह कोई मज़ाक या फेक पोस्ट है, लेकिन जब उसने जिज्ञासा में दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो वहीं से ठगी की शुरुआत हो गई।
कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को “प्रेग्नेंट एजेंसी” का प्रतिनिधि बताया और कहा कि यह एक वैध और गोपनीय प्रोजेक्ट है। ठगों ने भरोसे के साथ समझाया कि यह एक “मेडिकल रिसर्च प्रोग्राम” है जिसमें चयनित पुरुषों को महिलाओं के साथ कृत्रिम गर्भधारण (Artificial Pregnancy) की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है। बदले में ₹25 लाख तक की रकम दी जाती है।
रजिस्ट्रेशन और फॉर्मेलिटी के नाम पर वसूली
पीड़ित कॉन्ट्रैक्टर से कहा गया कि उसे पहले कुछ जरूरी फॉर्मेलिटीज़ पूरी करनी होंगी — जैसे “रजिस्ट्रेशन फीस”, “मेडिकल टेस्ट चार्ज”, “कानूनी प्रक्रिया शुल्क” आदि।
पहले तो ठगों ने ₹10,000 मांगे, फिर धीरे-धीरे “वेरिफिकेशन”, “अप्रूवल”, “सिक्योरिटी डिपॉजिट” के नाम पर रकम बढ़ती गई।
कुछ ही हफ्तों में कॉन्ट्रैक्टर ने कुल ₹11 लाख अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठग हर बार नए बहाने बनाते रहे — कभी कहा कि महिला से मैचिंग रिपोर्ट आनी बाकी है, कभी बताया कि एजेंसी का ऑथराइजेशन पेंडिंग है। जब ठगों ने अंतिम बार ₹2 लाख और मांगे, तब जाकर कॉन्ट्रैक्टर को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में खुलासा
पुणे साइबर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि ठगों ने जिस वेबसाइट और नंबर से संपर्क किया था, वह फर्जी थे। ठगों ने पीड़ित को भ्रमित करने के लिए एक नकली वेबसाइट तैयार की थी, जिसमें “मेडिकल रिसर्च प्रोग्राम”, “प्रेग्नेंसी प्रोजेक्ट”, “गोपनीय अनुबंध” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था ताकि यह सब वैध लगे।
पुलिस ने बताया कि इस तरह की ठगी अब एक नया ट्रेंड बनती जा रही है, जहाँ लोग “अनोखे ऑफर” देखकर अपने पैसे गंवा बैठते हैं। इस मामले में ठगों ने पीड़ित से कई बार वीडियो कॉल और ईमेल के जरिए संपर्क किया ताकि भरोसा बढ़ाया जा सके।
ठगों की चाल में कैसे फंसे लोग
साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स के अनुसार, ठगों की यह चाल “फाइनेंशियल टेम्पटेशन साइकोलॉजी” पर आधारित होती है। यानी, लोगों को लालच देकर उन्हें खुद पैसे भेजने पर मजबूर कर देना।
पीड़ित व्यक्ति ने यह सोचा कि ₹25 लाख के इनाम के बदले में कुछ लाख का निवेश नुकसान नहीं होगा। यही सोच उसे ठगी के जाल में खींच लाई।
पुलिस की चेतावनी
पुणे साइबर पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों को चेताया है कि वे ऐसे किसी भी ऑनलाइन विज्ञापन या ऑफर पर भरोसा न करें, जो “बहुत अच्छा लग रहा हो।”
पुलिस ने कहा कि किसी भी जॉब या ऑफर से पहले उसकी वैधता की जांच करें, वेबसाइट की साख देखें और किसी अजनबी को पैसे न भेजें।
पुलिस ने यह भी बताया कि अब ठग “रिसर्च”, “सर्वे”, “बायोलॉजिकल प्रोजेक्ट”, “पेड मेडिकल ट्रायल्स” जैसे नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि उनका जाल पेशेवर लगे।
बढ़ता साइबर क्राइम खतरा
देशभर में ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। डेटा के अनुसार, भारत में हर साल लाखों लोग साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं। पहले जहाँ ठग बैंक या लॉटरी के नाम पर लोगों को निशाना बनाते थे, अब वे “मॉडर्न साइकोलॉजिकल ट्रिक” का इस्तेमाल कर रहे हैं — जैसे कि डेटिंग साइट, जॉब ऑफर, मेडिकल ट्रायल्स, या रिसर्च प्रोजेक्ट्स।
सबक जो सीखना जरूरी है
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि किसी भी अजीबोगरीब या लालच भरे ऑफर पर बिना जांच-पड़ताल किए कदम न उठाएँ।
अगर आपको कोई ऐसी नौकरी या इनाम की बात कहे, जिसमें “बहुत कम मेहनत और बहुत ज्यादा पैसा” मिले — तो समझ जाइए कि मामला संदिग्ध है।
साइबर सेल ने लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी ऑनलाइन ठगी की शिकायत तुरंत cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएं।
A 44-year-old contractor from Pune lost ₹11 lakh after falling victim to a fake “pregnant job” scam promising ₹25 lakh for participating in a so-called medical research project. The fraudsters created a fake website, convincing the victim to pay registration and verification fees. This shocking cyber crime in Pune highlights the growing trend of online scams in India, where fraudsters use fake job offers and digital advertisements to cheat innocent people. Authorities have warned citizens to stay alert and verify any online job or offer before making payments.


















