spot_imgspot_img

कम नींद बन रही है धीमी बीमारी का कारण: युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी रहें सावधान!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: पर्याप्त नींद लेना आज की व्यस्त जीवनशैली में सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। खासकर युवाओं में यह आदत तेजी से बढ़ रही है कि वे रात में केवल पाँच से छह घंटे सोकर अपने दिन को सामान्य मान लेते हैं। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना का एक वीडियो चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अधिकतम छह घंटे ही सो पाते हैं। सुनने में भले यह आम बात लगे, लेकिन विशेषज्ञ इस आदत को बेहद खतरनाक मानते हैं।

देशभर के प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि छह घंटे की नींद को सामान्य मानना एक भ्रम है। यह आदत धीरे-धीरे शरीर में ऐसी समस्याएँ पैदा करती है जो लंबे समय में गंभीर बीमारी बन जाती हैं। इंदौर में आयोजित न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की 73वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए बताया कि कम नींद शरीर और दिमाग पर “धीमे ज़हर” की तरह असर करती है।

क्यों ज़रूरी है 7–8 घंटे की नींद?

नींद सिर्फ आराम का समय नहीं है बल्कि शरीर और दिमाग दोनों की मरम्मत का सबसे अहम हिस्सा है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के वरिष्ठ प्रोफेसर और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. सुरेश्वर मोहंती बताते हैं कि रात की गहरी नींद के दौरान शरीर के महत्वपूर्ण अंग सक्रिय रूप से रिपेयर मोड में आते हैं।

जब कोई व्यक्ति कई दिनों या लगातार महीनों तक छह घंटे से कम नींद लेता है, तो सबसे पहले दिमाग और इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। इसका असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखने लगता है और कई तरह के जोखिम बढ़ जाते हैं — जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हाई बीपी, डिमेंशिया और यहाँ तक कि अल्जाइमर जैसी बीमारियाँ।

ICMR के अनुसार आदर्श नींद की अवधि

18–60 वर्ष के वयस्क: 7 से 9 घंटे

60+ वरिष्ठ नागरिक: 7 से 8 घंटे

किशोर (13–18 वर्ष): 8 से 10 घंटे

विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि छह घंटे की नींद किसी भी उम्र वर्ग के लिए पर्याप्त नहीं है।

कम नींद के शरीर पर खतरे—धीमी बीमारी कैसे बनती है?

1. दिमाग में टॉक्सिन का जमाव

हमारे दिमाग में एक सिस्टम होता है — Glymphatic System, जो नींद के दौरान दिमाग की सफाई करता है और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालता है।

जब नींद कम होती है, यह सिस्टम पूरी तरह काम नहीं कर पाता और समय के साथ जहरीले तत्व दिमाग में जमा होने लगते हैं। यह स्थिति अल्जाइमर जैसी बीमारियों की राह आसान करती है।

2. याददाश्त और एकाग्रता पर असर

कम नींद से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स, जो हमारी सोच, प्लानिंग और निर्णय क्षमता को नियंत्रित करता है, कमजोर पड़ने लगता है।

इससे होता है:

फोकस में कमी

भूलने की आदत

रिएक्शन टाइम स्लो होना

गलत फैसले लेना

कामकाजी युवाओं और छात्रों को इसका सबसे ज़्यादा असर झेलना पड़ता है।

3. भावनात्मक असंतुलन और मूड में बदलाव

सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे हार्मोन नींद के दौरान संतुलित रहते हैं।

कम नींद से इनके स्तर बिगड़ जाते हैं, जिसके कारण:

एंग्जायटी

चिड़चिड़ापन

तनाव

डिप्रेशन

जैसी समस्याएँ बढ़ने लगती हैं।

4. इम्यून सिस्टम कमजोर होना

नींद के दौरान शरीर साइटोकाइन्स बनाता है, जो संक्रमण से लड़ने वाले प्रोटीन हैं।

कम नींद वाले लोगों में ये प्रोटीन कम बनते हैं, जिससे शरीर जल्दी बीमार पड़ता है।

5. हार्ट और स्ट्रोक का बढ़ा जोखिम

कई अध्ययनों में साबित हुआ है कि जो लोग छह घंटे या उससे कम सोते हैं, उनमें स्ट्रोक और हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

क्योंकि कम नींद से:

ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं रहता

शरीर में सूजन बढ़ती है

हार्मोनल असंतुलन हृदय पर दबाव बढ़ाता है

6. दिमाग जल्दी बुढ़ाना (Early Brain Aging)

लगातार कम नींद से न्यूरॉन्स की क्षति तेज होती है और ग्रे मैटर की मात्रा घटने लगती है।

यह स्थिति समय से पहले दिमाग को बूढ़ा कर देती है।

क्या केवल छह घंटे की नींद पर्याप्त नहीं?

विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है — नहीं।

“सिर्फ नींद लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता वाली सात से आठ घंटे की नींद लेना उतना ही जरूरी है।”

बहुत से लोग मानते हैं कि वे कम नींद में भी अपने कार्य आसानी से कर लेते हैं, लेकिन यह सिर्फ एक भ्रम है। शरीर अंदर ही अंदर लगातार नुकसान सहता रहता है और इसकी कीमत आगे चलकर स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में चुकानी पड़ती है।

कैसे बढ़ाएँ अपनी नींद की गुणवत्ता?

सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन का उपयोग कम करें

सोने और जागने का समय तय करें

कैफीन और भारी खाना रात में न लें

नियमित व्यायाम करें

शांत और अंधेरा वातावरण बनाएं

छह घंटे की नींद भले ही आधुनिक जीवनशैली में सामान्य लग सकती है, लेकिन यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए धीमी बीमारी का कारण बनती है। विशेषज्ञों की एक ही राय है— हर व्यक्ति को 7–8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेनी ही चाहिए, ताकि भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचाव हो सके।

Adequate sleep is essential for maintaining strong immunity, better brain function, emotional balance, and long-term neurological health. Research shows that consistent sleep deprivation, especially sleeping only six hours a night, increases the risk of stroke, dementia, Alzheimer’s disease, and weakened hormonal balance. Understanding the importance of 7–8 hours of healthy sleep can help prevent chronic diseases and support overall well-being.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
scattered clouds
33.5 ° C
33.5 °
33.5 °
15 %
1.6kmh
45 %
Sun
32 °
Mon
33 °
Tue
32 °
Wed
36 °
Thu
35 °
Video thumbnail
संसद में PM Modi पर Rahul ने बोला हमला तो गुस्से में OM Birla ने तबीयत से धोया! Om Birla vs Rahul
10:40
Video thumbnail
''कुकर्म करो, कंडोम का इस्तेमाल..'' हरियाणवी ताऊ Ramchandra Jangra का भाषण सुनकर विपक्ष हैरान रह गए!
32:06
Video thumbnail
Amit Shah ने खोली Rahul Gandhi की पोल तो Mahua Moitra बौखला गईं, फिर देखिये क्या हुआ ?
14:20
Video thumbnail
"महात्मा गांधी की हत्या के बाद Nehru Edwina के साथ एक कमरे में बंद थे", Lok Sabha में जबरदस्त बवाल
09:09
Video thumbnail
Ghaziabad में हनुमान चालीसा चलाने पर, हिन्दू परिवार पर हमला ! | Nandgram News | Ghaziabad News
15:26
Video thumbnail
GDA का बड़ा फैसला: 2026 में गाज़ियाबाद में आएगा बड़ा बदलाव
32:16
Video thumbnail
Holi पर Delhi के Uttam Nagar के Tarun की कर दी हत्या,पिता ने लगाई गुहार | Top News | Delhi Crime
05:46
Video thumbnail
आम आदमी की जेब पर 'महंगाई बम'! LPG सिलेंडर ₹60 महंगा, मोदी सरकार पर बरसे अनुराग ढांडा
07:31
Video thumbnail
भोपाल के रायसेन किले से तोप चलाने का Video सामने आया। पुलिस ने गिरफ्तार किया
00:18
Video thumbnail
President Murmu on Mamta Banerjee
02:03

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

FASTag Annual Pass को लेकर बड़ा अपडेट, 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम!

AIN NEWS 1: देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर...