AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को दुनिया के बेहतरीन राज्यों की तरह मजबूत करने के लिए सरकार लगातार बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसी कड़ी में अब एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रयागराज से मेरठ तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे को अब सीधे हरिद्वार से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। यह फैसला उन लाखों यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा, जो उत्तर प्रदेश से हरिद्वार और उत्तराखंड के अन्य धार्मिक स्थलों की नियमित यात्रा करते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट है, और इसके पूरा होने के बाद राज्य के एक बड़े हिस्से की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। लेकिन अब इसमें हरिद्वार को जोड़ने का निर्णय यात्रा समय को और भी कम कर देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिद्वार से इसे जोड़ने के लिए लगभग 110 किलोमीटर लंबा नया 6-लेन हाईवे बनाया जाएगा। यह मार्ग आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा मानकों और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण के साथ तैयार किया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह विस्तार?
हरिद्वार देश के सबसे बड़े धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल करोड़ों भक्त गंगा नदी के दर्शन करने, गंगा स्नान करने और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने यहां पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए भी हरिद्वार काफी महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है, लेकिन अभी तक यूपी से हरिद्वार जाने के लिए नेशनल हाईवे 58 या अन्य मुख्य सड़कों पर अत्यधिक ट्रैफिक मिल जाता है।
गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार से जुड़ना इन सभी समस्याओं को काफी हद तक कम कर देगा। नई सड़क बनने के बाद यात्रियों को घंटों का समय बच सकता है और लंबी दूरी तय करना काफी सहज हो जाएगा।
कैसा होगा नया हाईवे?
प्रोजेक्ट के तहत 110 किलोमीटर लंबा 6-लेन हाईवे बनाने की योजना है। जरूरत पड़ने पर इसे 8 लेन तक बढ़ाने की भी क्षमता रखी जाएगी। हाईवे को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि भारी यातायात होने पर भी सड़क पर भीड़ का असर न पड़े।
यह मार्ग गंगा एक्सप्रेसवे का प्राकृतिक विस्तार होगा, यानी यात्री मेरठ से सीधे हरिद्वार तक एक ही हाईवे पर आसानी से पहुंच सकेंगे। सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड, इमरजेंसी लेन, एम्बुलेंस रूट और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा।
यात्री और स्थानीय लोगों के लिए बड़ा लाभ
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जिन्हें अक्सर हरिद्वार या ऋषिकेश जाना पड़ता है। अभी तक यूपी से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को कई जगह ट्रैफिक जाम, संकरी सड़कें और धीमी गति का सामना करना पड़ता है। लेकिन नया हाईवे बनने के बाद यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।
इसके अलावा आसपास के शहरों और कस्बों को भी इस सड़क से फायदा मिलेगा। स्थानीय व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट, ट्रैवल कंपनियों और छोटे कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
आर्थिक गतिविधियों में तेजी
गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से जोड़ना सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाने का प्रोजेक्ट नहीं है। यह कदम क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी तेज करेगा। हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे शहरों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों की दूरी काफी कम हो जाएगी। इससे व्यापारिक आदान-प्रदान में वृद्धि होगी और नए निवेशकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा।
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को उत्तराखंड से जोड़ने वाला सबसे तेज और आधुनिक मार्ग बन सकता है। पर्यटन उद्योग में बड़ा सुधार होगा और गंगा के किनारे बसे क्षेत्रों का विकास नई गति पकड़ सकता है।
निर्माण के बाद कितना समय बचेगा?
वर्तमान में मेरठ से हरिद्वार पहुंचने में 2 से 3 घंटे लग जाते हैं। लेकिन नया एक्सप्रेस रूट बनने के बाद यह यात्रा 1 घंटे से भी कम समय में पूरी होने की उम्मीद है। वहीं प्रयागराज और लखनऊ से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए भी समय में भारी कटौती होगी।
यूपी सरकार का लक्ष्य — बेहतर रोड नेटवर्क
पिछले कुछ वर्षों में यूपी सरकार ने सड़क विकास पर बेहद तेजी से काम किया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे—इन सभी ने राज्य की छवि को बदल दिया है। हरिद्वार लिंक होने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे न सिर्फ उत्तर भारत का सबसे महत्वपूर्ण हाइवे बनेगा बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
The extension of the Ganga Expressway directly to Haridwar through a new 110 km six-lane highway will significantly enhance road connectivity in northern India. This major infrastructure upgrade will connect Prayagraj, Meerut, and Haridwar more smoothly, reduce travel time, improve traffic flow, and boost tourism and economic activities across Uttar Pradesh and Uttarakhand. Important keywords include Ganga Expressway extension, Haridwar highway, six-lane road project, Uttar Pradesh connectivity, and Expressway development in India.



















