AIN NEWS 1: गाज़ियाबाद में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने शहर भर में तेज़ी से अभियान चलाते हुए 300 से अधिक स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोगों और कॉलोनाइज़रों को चिह्नित किया है। प्राधिकरण का कहना है कि अब इस मामले में कड़े कदम उठाते हुए एक बार फिर से व्यापक सर्वे कराया जाएगा, ताकि शहर में अवैध रूप से बस रहीं कॉलोनियों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जा सके।

अवैध कॉलोनियों पर GDA का बड़ा अभियान
पिछले कुछ समय से शहर में अवैध निर्माण और बिना अनुमति के कॉलोनी बसाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए GDA ने विशेष टीमों के साथ कई इलाकों में निरीक्षण किया। जहां भी अवैध प्लॉटिंग या अनधिकृत निर्माण पाया गया, वहां तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। कई जगहों पर तो बुलडोज़र तक चलाया गया और अवैध निर्माण को हटाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों को ऐसी कॉलोनियों से सावधान करना बेहद ज़रूरी है, जहां बिना नक्शा पास कराए प्लॉट बेचे जा रहे हों। ऐसी कॉलोनियों में बाद में बिजली-पानी जैसी सरकारी सुविधाएँ मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे खरीदार मुसीबत में पड़ जाते हैं।
चार साल पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
GDA सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि करीब चार साल पहले भी प्राधिकरण ने शहर का एक बड़ा सर्वे कराया था। उस सर्वे में गाजियाबाद की कई बड़ी और छोटी कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया था।
पहले सर्वे में जिन कॉलोनियों को अवैध पाया गया था, उनमें शामिल हैं:
दुर्गा एंक्लेव, कैलाश पुरम-1 और 2, अक्षय एंक्लेव, कृष्ण एंक्लेव, रतन एंक्लेव, बालाजी एंक्लेव, कृष्णा गार्डन, राधा गार्डन, गोविंद विहार, गणेश वाटिका, सुधा सरोवर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, राधे एंक्लेव, न्यू शताब्दीपुरम, केशव कुंज, गंगापुरम, विष्णु एंक्लेव, पांडव नगर, शिवपुरी, शंकरपुरी, पंचवटी एक्सटेंशन, न्यू कोटगांव, महेंद्र एंक्लेव, राहुल विहार, रोजी कॉलोनी, माता कॉलोनी, चौधरी चरण सिंह कॉलोनी, श्याम विहार, किशन विहार, सेन विहार, शांति विहार, ओम विहार, सुदामापुरी, भीम नगर, बुद्ध विहार, नसबंदी कॉलोनी, बागू कॉलोनी, शहीद प्यारेलाल कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी, ओम नगर, सत्यम व गिरधर एंक्लेव सहित अन्य कई कॉलोनियाँ।
इनमें से कई इलाकों में आज भी लोग रह रहे हैं, लेकिन GDA का कहना है कि अगर कहीं भी अवैध प्लॉटिंग की गई है, तो उसे दोबारा से सूची में शामिल किया जाएगा और कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध निर्माण पूरी तरह हटाए गए स्थान भी शामिल होंगे
GDA अधिकारियों ने बताया कि पिछले सर्वे के बाद जहां-जहां अवैध निर्माण को हटाया जा चुका है, अब उन स्थानों को अपडेट सूची में साफ-साफ दिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि लोग संपत्ति खरीदने से पहले उस इलाके की स्थिति को अच्छी तरह समझ सकें।
नई सूची में:
अवैध घोषित कॉलोनियों का ताज़ा स्टेटस
जहां से निर्माण हट चुका है
नए अवैध निर्माण वाले इलाके
सब कुछ पोर्टल पर मौजूद रहेगा, ताकि नागरिक किसी भ्रम या धोखे का शिकार न हों।
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट, मकान या संपत्ति को खरीदने से पहले तीन चीज़ें ज़रूर जांच लें:
1. भू-उपयोग (Land Use) – जमीन residential, commercial या agricultural किस श्रेणी में आती है।
2. स्वीकृत नक्शा / यूनिट की अनुमति – क्या प्राधिकरण ने उस निर्माण को मंजूरी दी है?
3. मौके पर जाकर जांच – जमीन या मकान की वास्तविक स्थिति देखना बेहद ज़रूरी है।
GDA का कहना है कि अक्सर लोग कॉलोनाइज़र की बातों में आकर बिना इंजीनियर, नक्शा या परमिशन देखे प्लॉट खरीद लेते हैं, जिसके कारण बाद में उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ता है।
आने वाले दिनों में तेज़ होंगी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग रोकने के लिए शहर में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बेचना, बिना मंजूरी के सड़कें बनाना, नकली नक्शे दिखाना जैसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही GDA की नई डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली भी लागू की जा रही है, जिससे शहर में कहीं भी अवैध निर्माण होते ही उसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों तक पहुंच सकेगी।
Ghaziabad Development Authority (GDA) has initiated a major crackdown on illegal plotting in Ghaziabad, identifying over 300 unauthorized colonies across the city. The authority is conducting a fresh GDA survey to update the list of illegal constructions, ensuring that homebuyers do not fall into property fraud traps. This action highlights the growing concern over unauthorized colonies, illegal construction, and misleading property sales in Ghaziabad, urging citizens to verify land-use and approvals before purchasing any property.


















