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गाजियाबाद में 6 नवंबर को होगी महिला जनसुनवाई और जागरूकता चौपाल, डॉ. हिमानी अग्रवाल करेंगी महिलाओं से संवाद

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AIN NEWS 1 | महिलाओं को न्याय और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में “जागरूकता चौपाल एवं महिला जनसुनवाई कार्यक्रम” आयोजित किए जा रहे हैं। इस कड़ी में गाजियाबाद जिले में 6 नवंबर 2025 को यह कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता माननीय सदस्य डॉ. हिमानी अग्रवाल करेंगी।

यह पहल उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) के दिशा-निर्देश पर शुरू की गई है, ताकि महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके।

कार्यक्रम का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना, महिला उत्पीड़न की रोकथाम और महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जनपद में इस कार्यक्रम को चौपाल शैली में, यानी जनता से सीधा संवाद करते हुए आयोजित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इससे जुड़ सकें।

गाजियाबाद में कार्यक्रम का आयोजन

गाजियाबाद जिले में यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के तत्वावधान में आयोजित होगा।
डॉ. हिमानी अग्रवाल, जो कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की माननीय सदस्य हैं, स्वयं इस महिला जनसुनवाई की अध्यक्षता करेंगी।
वे महिलाओं की समस्याएं सीधे सुनेंगी और संबंधित विभागों को समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देंगी।

कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, त्वरित सहायता, और सरकारी योजनाओं की उपलब्धता पर विशेष चर्चा की जाएगी।

प्रमुख अधिकारी रहेंगे मौजूद

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। इनमें —

  • जिलाधिकारी (DM) गाजियाबाद की ओर से नामित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी,

  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अथवा उनके द्वारा नामित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी,

  • महिला थानाध्यक्ष,

  • और संबंधित क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी (CO) उपस्थित रहेंगे।

इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि महिलाओं की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।

जागरूकता चौपाल का स्वरूप

यह चौपाल एक खुले संवाद मंच के रूप में आयोजित की जाएगी, जहां महिलाएं अपनी बात खुलकर रख सकेंगी।
साथ ही, सरकारी विभागों के प्रतिनिधि वहां उपस्थित रहेंगे जो यह बताएंगे कि कैसे महिलाएं सरकारी योजनाओं जैसे—महिला कल्याण योजना, विधिक सहायता योजना, महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर आदि से लाभ उठा सकती हैं।

इस दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि हर महिला अपने अधिकारों को जान सके और संकट की स्थिति में तुरंत मदद मांग सके।

विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) का उद्देश्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति, विशेष रूप से महिला, को मुफ्त कानूनी सहायता और त्वरित न्याय मिल सके।
इस जनसुनवाई के दौरान DLSA की टीम मौके पर ही शिकायतों को दर्ज करेगी और गंभीर मामलों में तुरंत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं को कानूनी दस्तावेज, आवेदन पत्र, शिकायत प्रक्रियाओं और हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी जाएगी।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम केवल एक दिन की पहल नहीं है, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रत्येक जिले में नियमित रूप से ऐसे महिला जनसंवाद कार्यक्रम, जागरूकता शिविर और कानूनी सहायता चौपालें आयोजित की जाएंगी।

गाजियाबाद जिला प्रशासन ने भी इस पहल को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति महिलाएं हैं, और उन्हें सशक्त, सुरक्षित और जागरूक बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

महिलाओं की आवाज बनेगी सुनाई

इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि महिलाएं अपनी समस्याओं को सीधे मंच पर रख सकेंगी — चाहे वह घरेलू हिंसा, कानूनी सहायता, धोखाधड़ी, संपत्ति विवाद या सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी से जुड़ी हो।
हर शिकायत को दर्ज किया जाएगा और संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा कि वे निश्चित समय सीमा में उसका समाधान करें।

इसके अलावा, कार्यक्रम में महिलाओं को यह भी बताया जाएगा कि वे कैसे ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कर सकती हैं और राज्य महिला आयोग या विधिक सेवा प्राधिकरण से सीधे संपर्क कर सकती हैं।

कार्यक्रम का संदेश

इस कार्यक्रम का मूल संदेश है —

“हर महिला को उसका अधिकार, हर पीड़िता को न्याय।”

राज्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों का मानना है कि महिला सुरक्षा और न्याय के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
इसी उद्देश्य से 6 नवंबर को आयोजित होने वाली यह चौपाल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय के प्रति विश्वास और संवेदना का प्रतीक है।

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