AIN NEWS 1: मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुष्कर्म के आरोपी को जेल भेजने से पहले पुलिसकर्मियों द्वारा उसकी वीआईपी आवभगत की गई, जिसका फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस तस्वीर ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है और आम लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
दुष्कर्म के आरोपी के साथ पुलिस की मौज-मस्ती
जानकारी के अनुसार, आरोपी बसपा नेता का पुत्र है, जिस पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप है। लेकिन जब उसे जेल भेजने से पहले पुलिस हिरासत में रखा गया, तो वहां का नज़ारा किसी वीआईपी ट्रीटमेंट से कम नहीं था। फोटो में साफ़ देखा जा सकता है कि आरोपी गद्दे पर आराम से बैठा है, जबकि पुलिसकर्मी उसके सामने खड़े हैं। इतना ही नहीं, आरोपी को पुलिस ने एनर्जी ड्रिंक पिलाई और खुद भी वही ड्रिंक पीते हुए मौज-मस्ती करते नज़र आए।
यह दृश्य पुलिस थाने के अंदर का बताया जा रहा है। जिस जगह आरोपी को बंदी बनाकर रखा गया था, वहीं कुछ पुलिसकर्मी और होमगार्ड एक साथ बैठकर बातचीत करते और हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं।
फोटो वायरल होते ही मचा हड़कंप
जैसे ही यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आम नागरिकों से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है। सवाल उठ रहा है कि जब एक आम नागरिक को मामूली गलती पर भी कड़ी सजा दी जाती है, तो एक गंभीर अपराध के आरोपी को इतना विशेष सम्मान क्यों दिया गया?
फोटो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी की पहचान होमगार्ड प्रमोद के रूप में हुई है, जो कथित रूप से आरोपी के साथ कोल्ड ड्रिंक पीता हुआ दिखाई दे रहा है। वायरल फोटो में माहौल इतना सहज दिखता है मानो यह किसी पुलिस थाने की नहीं बल्कि किसी मित्र की मुलाकात हो।
जनता में आक्रोश और भरोसे पर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद आम लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस खुद कानून को इस तरह हल्के में लेगी तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?
एक स्थानीय नागरिक ने कहा – “अगर पुलिस ही आरोपी से इस तरह दोस्ताना व्यवहार करेगी तो पीड़िता को न्याय कौन दिलाएगा?”
सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर दाग बताया है, तो कुछ ने सीधे-सीधे सिस्टम की नाकामी कहा है।
जांच की मांग और प्रशासनिक हलचल
जैसे ही मामला वायरल हुआ, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है तो सभी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का ऐसा व्यवहार न केवल अनुशासनहीनता है बल्कि यह विभाग की छवि को भी धूमिल करता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बसपा नेता पर सवाल
क्योंकि आरोपी बसपा नेता का पुत्र बताया जा रहा है, इसलिए यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि राजनीतिक रसूख के चलते आरोपी को विशेष सुविधाएँ दी जा रही हैं।
बसपा नेता की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनके समर्थक सोशल मीडिया पर बचाव करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, जनता इस पूरे मामले को लेकर बेहद नाराज़ है और मांग कर रही है कि आरोपी को सख्त सजा मिले तथा संबंधित पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
पुलिस छवि पर फिर सवालिया निशान
पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कभी थानों में रिश्वतखोरी की खबरें, तो कभी हिरासत में मौत जैसी घटनाएँ चर्चा में रहती हैं। अब यह नया मामला पुलिस विभाग के निष्पक्षता और अनुशासन पर फिर से गंभीर सवाल खड़ा करता है।
अगर इस घटना पर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न केवल पुलिस की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाएगा बल्कि समाज में कानून के प्रति लोगों का विश्वास भी डगमगा सकता है।
चरथावल का यह मामला केवल एक आरोपी या पुलिसकर्मी का नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की उस सोच को उजागर करता है जिसमें अपराधी रसूखदार हो तो उसे सम्मान मिलता है, और आम आदमी न्याय की तलाश में दर-दर भटकता है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या सच में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
In a shocking incident from Charthawal, Muzaffarnagar, a rape accused, reportedly the son of a BSP leader, received VIP treatment from the police before being sent to jail. The viral photo shows police officers offering the accused an energy drink, while they themselves enjoyed the same beverage. The image has triggered massive public outrage, raising serious questions about police misconduct, corruption, and preferential treatment in Uttar Pradesh. Authorities have ordered an internal investigation, and if proven true, strict action is expected against the responsible officers.


















