AIN NEWS 1: देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने हाईवे यात्रा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। 1 अप्रैल से देश के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर अब कैश स्वीकार नहीं किया जाएगा। टोल टैक्स चुकाने के लिए सिर्फ FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यम ही मान्य होंगे।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद सिर्फ भुगतान व्यवस्था बदलना नहीं है, बल्कि हाईवे यात्रा को तेज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त बनाना है। लंबे समय से टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम, पैसे को लेकर होने वाली बहस और समय की बर्बादी को खत्म करने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था।
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🚧 क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सचिव वी. उमाशंकर के मुताबिक, भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। सरकार पहले ही कई सेवाओं को कैशलेस कर चुकी है और टोल प्लाजा इसका अगला बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि पहले FASTag को अनिवार्य किया गया, जिससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम हुई। इसके बाद UPI आधारित भुगतान की सुविधा शुरू की गई, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। अब इन दोनों डिजिटल विकल्पों की सफलता को देखते हुए सरकार ने कैश पेमेंट को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है।
⏱️ यात्रियों को क्या होगा फायदा?
इस नई व्यवस्था से आम यात्रियों को कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं:
टोल प्लाजा पर जाम कम होगा
कैश देने और छुट्टे पैसे लेने में जो समय लगता था, वह पूरी तरह बचेगा।
ईंधन की बचत होगी
बार-बार रुकने और स्टार्ट करने से जो फ्यूल बर्बाद होता था, वह नहीं होगा।
पारदर्शी भुगतान व्यवस्था
डिजिटल पेमेंट से हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी।
तेज और सुगम सफर
हाईवे पर यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान और आरामदायक हो जाएगी।
📲 FASTag और UPI: कैसे करें तैयारी?
अगर आप नियमित रूप से हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह जरूरी है कि:
आपके वाहन पर FASTag लगा हो और वह एक्टिव हो
FASTag खाते में पर्याप्त बैलेंस मौजूद हो
स्मार्टफोन में कोई न कोई UPI ऐप (PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) इंस्टॉल हो
सरकार और बैंकों की ओर से FASTag को रिचार्ज करने और UPI से लिंक करने की प्रक्रिया पहले से ही बेहद आसान बना दी गई है।
🚗 अगर FASTag या UPI नहीं हुआ तो?
1 अप्रैल के बाद यदि किसी वाहन चालक के पास न तो FASTag होगा और न ही वह UPI से भुगतान कर पाएगा, तो उसे टोल प्लाजा पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में या तो वाहन को अलग लेन में रोका जा सकता है या फिर नियमों के तहत जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सरकार का साफ संदेश है कि अब डिजिटल भुगतान ही एकमात्र विकल्प होगा।
🇮🇳 डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम
यह फैसला प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूती देता है। पहले रेलवे टिकट, बिजली बिल, टैक्स और सरकारी सेवाएं ऑनलाइन हुईं, अब हाईवे यात्रा भी पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न सिर्फ ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर होगा, बल्कि टोल कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।
🛣️ भविष्य में क्या हो सकते हैं बदलाव?
सरकार आने वाले समय में GPS आधारित टोल सिस्टम पर भी काम कर रही है, जिसमें टोल प्लाजा की जरूरत ही खत्म हो सकती है। वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उसी हिसाब से टोल अपने-आप कट जाएगा। मौजूदा फैसला उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश बंद होने का फैसला देश की सड़क यात्रा को नए युग में ले जाने वाला कदम है। FASTag और UPI के जरिए न सिर्फ सफर तेज होगा, बल्कि समय, पैसा और ईंधन तीनों की बचत भी होगी। अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं, तो अभी से डिजिटल भुगतान के लिए खुद को तैयार कर लेना ही समझदारी है।
India is moving towards a fully cashless highway system as cash payments at toll plazas will be banned from April 1. With FASTag and UPI becoming mandatory for toll payments on national highways, the new rule aims to reduce congestion, save fuel, and ensure seamless digital toll collection. This initiative strengthens India’s digital infrastructure and enhances the overall highway travel experience for commuters.


















