AIN NEWS 1: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनॉमी” कहते हुए टिप्पणी की थी। लेकिन ज़मीन पर तस्वीर इससे बिल्कुल उलट दिख रही है। दुनिया की बड़े से बड़ी टेक कंपनियां भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और विशाल मार्केट की क्षमता को देखते हुए लगातार निवेश बढ़ा रही हैं।
इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट, कॉग्निजेंट, टेस्ला, अमेज़न — ये सभी कंपनियां आने वाले वर्षों में भारत में अरबों डॉलर लगाने की घोषणा कर चुकी हैं। सवाल यह है कि आखिर भारत में ऐसा क्या है जो दुनिया की दिग्गज कंपनियों को इतनी बड़ी मात्रा में आकर्षित कर रहा है?
1. माइक्रोसॉफ्ट का एशिया में सबसे बड़ा निवेश भारत में
माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में घोषणा की है कि वह एशिया में अपना सबसे बड़ा निवेश भारत में करेगी। कंपनी AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर्स और रिसर्च के क्षेत्र में बड़ी रकम खर्च करने जा रही है।
यह निवेश न सिर्फ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देगा, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम बताता है कि टेक सेक्टर की नजर में भारत अब विकसित देशों से कमतर नहीं, बल्कि एक प्रमुख नवाचार बाजार बन चुका है।
2. अमेज़न का 35 अरब डॉलर का बड़ा दांव
ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न ने 35 अरब डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया है, जो भारत में उसकी सबसे बड़ी निवेश योजनाओं में से एक है।
ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, क्लाउड सेवाएं (AWS), और डिजिटल पेमेंट्स जैसे क्षेत्रों में यह निवेश भारत को टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी में और आगे ले जाएगा।
अमेज़न का यह कदम साफ दिखाता है कि भारत आने वाले सालों में दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बन सकता है।
3. टेस्ला और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की नज़र भारत पर
टेस्ला लंबे समय से भारत में प्रवेश करने की तैयारियों में है। भारत की तेजी से बढ़ती EV डिमांड और सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नीतियों से कंपनी को एक बड़ा अवसर दिख रहा है।
भारत में सस्ते श्रम, कम लागत वाली उत्पादन स्थिति और विशाल बाजार टेस्ला जैसी कंपनियों को यहां मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
4. इंटेल और कॉग्निजेंट भी बढ़ा रहे हैं निवेश
इंटेल भारत में चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी से निवेश बढ़ा रही है।
कॉग्निजेंट ने भी भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करै बड़े पैमाने पर हायरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की घोषणा की है।
इन सभी निवेशों का मकसद साफ है—भारत की टेक टैलेंट वाली आबादी दुनिया में सबसे बड़ी और सबसे सस्ती है। कंपनियों को यहां हाई स्किल्ड इंजीनियर्स और डेवलपर्स आसानी से मिल जाते हैं।
5. आखिर दुनिया भारत में पैसा क्यों लगा रही है?
इसके कई प्रमुख कारण हैं:
✔ भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
IMF और विश्व बैंक लगातार भारत की GDP ग्रोथ को दुनिया में सबसे तेज़ बताते हैं।
✔ बड़ा और युवा उपभोक्ता बाजार
भारत की जनसंख्या बड़ी है और उसके साथ नया मध्यम वर्ग तेज़ी से बढ़ रहा है।
✔ डिजिटल इंडिया ने बदल दिया खेल
UPI, डिजिटल भुगतान, डिजिटल पहचान (आधार), इंटरनेट की बढ़ती पहुंच — इन सबने भारत को टेक कंपनियों के लिए स्वर्ग बना दिया है।
✔ सरकार की नीतियां विदेशी निवेश के लिए अनुकूल
PLI स्कीम, टैक्स प्रोत्साहन, और स्टार्टअप-फ्रेंडली नीतियों ने ग्लोबल कंपनियों के लिए निवेश आसान बना दिया है।
6. ट्रंप के बयान के बाद भी भारत क्यों आकर्षक बना हुआ है?
डोनाल्ड ट्रंप का बयान राजनीतिक संदर्भ में था। लेकिन कंपनियां राजनीतिक बयानों पर नहीं, बल्कि आर्थिक वास्तविकताओं पर भरोसा करती हैं।
भारत की ग्रोथ, स्थिरता, बाजार और डिजिटल इकोसिस्टम ने साबित कर दिया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था न सिर्फ जीवंत है, बल्कि भविष्य में वैश्विक नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
7. भारत में निवेश का मतलब क्या है?
इन बड़े निवेशों के कई फायदे होंगे:
लाखों रोजगार
नई टेक्नोलॉजी का विकास
स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती
मैन्युफैक्चरिंग में भारत की ताकत बढ़ना
AI, क्लाउड और डिजिटल सेक्टर में तेजी
यह साफ है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया का प्रमुख टेक और निवेश हब बन सकता है।
Global tech giants like Intel, Microsoft, Cognizant, Amazon, and Tesla are increasing their investments in India due to the country’s booming digital economy, fast-growing consumer market, and strong technology workforce. Despite Donald Trump calling India a “dead economy,” the real economic indicators show rapid growth, making India one of the most attractive destinations for foreign investment. With large-scale projects in AI, cloud computing, manufacturing, and e-commerce, India is emerging as a global hub for the world’s leading companies.



















