गाजियाबाद। समाज सेवा और मानवाधिकारों के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आलोक गुप्ता को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा उन्हें “ह्यूमन राइट्स एम्बेसडर” (Honorary & Voluntary Position) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति फरवरी 2026 में संस्था के अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व की अनुशंसा पर की गई, जिसे सामाजिक क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता और योगदान का सम्मान माना जा रहा है।

मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में नई जिम्मेदारी
डॉ. आलोक गुप्ता लंबे समय से मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। संस्था द्वारा जारी नियुक्ति पत्र में उनके सामाजिक कार्यों, जनहित के मुद्दों पर सक्रियता और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति समर्पण को इस सम्मान का मुख्य आधार बताया गया है।
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स वेलफेयर ट्रस्ट विश्व स्तर पर मानवाधिकारों के संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्य करने वाली संस्था है। ट्रस्ट के अनुसार, डॉ. गुप्ता की नियुक्ति से संगठन की गतिविधियों को भारत में नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
समाज सेवा को बताया जीवन का उद्देश्य
इस अवसर पर विशेष बातचीत में डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाना उनका जीवन उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि यह पद सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है, जिसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग अपने अधिकारों से अनजान रहते हैं। ऐसे लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में कार्य करना उनकी प्राथमिकता होगी।
जागरूकता अभियान चलाने की योजना
डॉ. गुप्ता ने बताया कि आने वाले समय में संस्था के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों में मानवाधिकार जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, संवाद और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। इसके लिए स्थानीय संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
संस्था का उद्देश्य और कार्यक्षेत्र
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स वेलफेयर ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर सहयोग स्थापित करना है। संस्था विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों, सेमिनारों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करती है।
ट्रस्ट के प्रतिनिधियों का मानना है कि भारत जैसे विविधता वाले देश में मानवाधिकारों की समझ और संवेदनशीलता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभिन्न राज्यों में एम्बेसडर नियुक्त किए जा रहे हैं।
सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी
नियुक्ति प्रमाणपत्र के अनुसार यह पद पूर्णतः मानद और स्वैच्छिक है। इसका उद्देश्य समाज सेवा को प्रोत्साहित करना और मानवाधिकारों से जुड़े प्रयासों को मजबूत करना है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि एम्बेसडर का कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और लोगों को न्याय के प्रति जागरूक करना होगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि वे इस अवसर को समाज के लिए सेवा के रूप में देखते हैं और आने वाले समय में जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर
डॉ. आलोक गुप्ता की नियुक्ति के बाद गाजियाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक संगठनों और उनके समर्थकों के बीच खुशी का माहौल है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. गुप्ता लंबे समय से सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं और उनकी नियुक्ति से क्षेत्र के लोगों को मानवाधिकार संबंधी समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी।
युवाओं को जोड़ने पर रहेगा फोकस
डॉ. गुप्ता ने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक कार्यों में आगे आने और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
उनका मानना है कि नई पीढ़ी यदि सामाजिक जिम्मेदारियों को समझे तो देश में न्याय और समानता की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।
भविष्य की योजनाएं
आने वाले समय में मानवाधिकार विषय पर कार्यशालाएं, कानूनी जागरूकता कार्यक्रम और सामाजिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों तक जानकारी पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकारों की जानकारी पहुंचे और कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे।


















