AIN NEWS 1: दिल्ली के ऐतिहासिक इलाके तुर्कमान गेट पर स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र का माहौल गरमा दिया है। यह कार्रवाई अवैध निर्माण हटाने के लिए की गई थी, लेकिन रात के समय शुरू हुए इस अभियान के कारण स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। विरोध प्रदर्शन, हंगामा और झड़पों के बीच पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा, जिसमें कुछ जवान घायल भी हुए।
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क्या है पूरा मामला
MCD के अनुसार मस्जिद के आसपास के इलाके में कुछ हिस्सों में अवैध तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा था। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह निर्माण सरकारी जमीन और तय नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया था, जिसे हटाना जरूरी था। इसी को लेकर MCD की टीम ने जरूरी नोटिस और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद हटाने की कार्रवाई शुरू की।

हालांकि सबसे बड़ा विवाद इस बात पर हुआ कि यह अभियान देर रात चलाया गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना और संवाद के अचानक बुलडोजर लाकर तोड़फोड़ की गई। जैसे ही निगम की गाड़ियां और बुलडोजर मौके पर पहुंचे, बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
कोर्ट में लंबित है विषय
यह मामला पहले से ही दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जब अदालत में यह प्रकरण लंबित है, तो MCD को किसी भी तरह की तोड़फोड़ नहीं करनी चाहिए थी। इस बात को लेकर क्षेत्र के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए था।
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दूसरी ओर MCD का पक्ष है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है और अवैध निर्माण हटाने का अधिकार निगम के पास है। अधिकारियों के मुताबिक यदि अवैध निर्माण को समय रहते न रोका गया तो यह और बढ़ सकता था, इसलिए अभियान चलाना आवश्यक था।
विरोध और झड़पें
जैसे-जैसे रात में कार्रवाई तेज हुई, माहौल तनावपूर्ण बनता चला गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थल के पास इस तरह की कार्रवाई जानबूझकर की गई है। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आने लगीं। हालात बिगड़ते देख दिल्ली पुलिस ने मोर्चा संभाला।

पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस छोड़ी गई। इस दौरान हुई झड़पों में पुलिस के कई जवानों को चोटें आईं। कुछ निगम कर्मचारी भी डर के कारण असुरक्षित महसूस करते नजर आए।
FIR दर्ज, जांच शुरू
पत्थरबाजी और हिंसा की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने इस सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
जांच को आगे बढ़ाने के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों में रिकॉर्ड वीडियो भी सबूत के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन रिकॉर्डिंग के आधार पर पत्थर फेंकने और हिंसा करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद से तुर्कमान गेट और फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। ड्रोन और पेट्रोलिंग टीमों के जरिये लगातार नजर रखी जा रही है।
स्थानीय बाजारों और गलियों में भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखना पहली प्राथमिकता है और लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस प्रकरण पर अलग-अलग संगठनों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग MCD की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, तो कई इसे असंवेदनशील कदम बता रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों से बेहतर संवाद होना चाहिए था।
वहीं आम नागरिकों की चिंता यह है कि विवाद का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। दुकानदारों को डर है कि लगातार तनाव से कारोबार प्रभावित हो सकता है।
आगे क्या होगा
चूंकि मामला हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए सभी की निगाहें अब अदालत के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होंगे। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और MCD का कहना है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलते रहेंगे।
दिल्ली के तुर्कमान गेट पर फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए MCD ने रात में बुलडोजर कार्रवाई की. विरोध, पत्थरबाजी और आंसू गैस के बीच पुलिस के कुछ जवान घायल हुए, जबकि यह मामला हाई कोर्ट में लंबित है.
तुर्कमान गेट के पास फैज़-ए-इलाही मस्जिद के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है.
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तुर्कमान गेट के पास फैज़-ए-इलाही मस्जिद के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है.
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The incident at Delhi’s Turkman Gate near the Faiz-e-Ilahi Mosque has brought major attention to the MCD bulldozer action and the drive for illegal construction removal. Clashes and stone pelting led to injuries among Delhi Police personnel, after which an FIR was registered and investigation started using CCTV footage and body camera recordings. The matter is still pending in the Delhi High Court, making it a significant urban governance and law-and-order issue in the national capital. These developments highlight the role of municipal corporation enforcement, security measures in Delhi, and the continuing tension around encroachment removal actions.



















