AIN NEWS 1: दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हुए पहले एमसीडी उपचुनाव के नतीजों ने राजधानी की राजनीति का माहौल बदल दिया है। कुल 12 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर कब्जा जमाया। आम आदमी पार्टी सिर्फ 3 सीटों तक सीमित रह गई, जबकि कांग्रेस को एक सीट ने राहत का मौका दिया। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने तीनों बड़ी पार्टियों को चौंका दिया।
शालीमार बाग में भाजपा की सबसे बड़ी जीत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने गढ़ शालीमार बाग बी में भाजपा की ताकत को और मजबूत कर दिया। यहां आम आदमी पार्टी ने पूरी कोशिश की थी, लेकिन मुकाबला एकतरफा हो गया।
रेखा गुप्ता पहले इसी वार्ड से पार्षद थीं, लेकिन विधायक बनने के बाद सीट खाली हुई और उपचुनाव कराए गए।
इस सीट पर भाजपा की अनिता जैन ने 10,101 वोटों के बड़े अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
अनिता जैन (भाजपा): 16,843 वोट
बबीता राणा (AAP): 6,742 वोट
यह जीत साफ दिखाती है कि इस इलाके में भाजपा की पकड़ मजबूत होती जा रही है।
कांग्रेस के लिए थोड़ी राहत
लगातार तीन विधानसभा चुनावों में शून्य पर रही कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव राहत लेकर आया। संगम विहार ए वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश चौधरी ने भाजपा के सुब्रजीत गौतम को 3,628 वोटों से हराकर पार्टी का खाता खोला।
सुरेश चौधरी (कांग्रेस): 12,766 वोट
सुब्रजीत गौतम (भाजपा): 9,138 वोट
संगम विहार की इस जीत से कांग्रेस के पार्षदों की संख्या 8 से बढ़कर 9 हो गई है।
आम आदमी पार्टी की स्थिति—एक बार फिर निराशाजनक
विधानसभा चुनाव हारने के बाद एमसीडी की सत्ता भी खो चुकी आम आदमी पार्टी के लिए यह उपचुनाव अच्छे संकेत नहीं लेकर आया। पार्टी को सिर्फ तीन सीटों — मुंडका, दक्षिणपुरी और नारायणा — पर जीत मिली।
✔ दक्षिणपुरी
दक्षिणपुरी में AAP के राम स्वरूप कनौजिया ने सशक्त प्रदर्शन किया और पार्टी को एक महत्वपूर्ण जीत दिलाई।
✔ मुंडका
यहाँ आम आदमी पार्टी ने भाजपा से सीट छीन ली।
मुंडका में AAP के उम्मीदवार अनिल ने जीत दर्ज की, जबकि 2022 में यह सीट भाजपा के पास थी।
✔ नारायणा
नारायणा में आम आदमी पार्टी के राजन अरोड़ा ने 148 वोटों के बेहद कम अंतर से भाजपा की चंद्रकांता शिवानी को पछाड़ दिया।
यह सीट काफी करीबी मुकाबले वाली रही और अंतिम राउंड में जाकर फैसला हुआ।
किस पार्टी को कहाँ जीत मिली?
उपचुनाव में विभिन्न दलों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
भाजपा की जीत वाली सीटें:
शालीमार बाग बी
अशोक विहार
चांदनी चौक
द्वारका बी
दिचाऊं कलां
ग्रेटर कैलाश
विनोद नगर
आम आदमी पार्टी की सीटें:
दक्षिणपुरी
मुंडका
नारायणा
कांग्रेस:
संगम विहार ए
निर्दलीय:
चांदनी महल
चांदनी महल की सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने सभी दलों को चौंका दिया और स्थानीय राजनीति में नया समीकरण बनाया।
पहले क्या स्थिति थी?
एमसीडी में उपचुनाव से पहले पार्षदों की संख्या इस तरह थी—
भाजपा: 116
आम आदमी पार्टी: 98
आईवीपी: 15
कांग्रेस: 8
निर्दलीय: 1
अब नया समीकरण
उपचुनाव के नतीजों के बाद तस्वीर बदल गई है—
भाजपा: 123 पार्षद
AAP: 101 पार्षद
आईवीपी: 15 पार्षद (जैसे के तैसे)
कांग्रेस: 9 पार्षद
निर्दलीय: 2 पार्षद
ये बदलाव दिल्ली की एमसीडी में भविष्य की राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।
उपचुनाव से पहले की स्थिति
30 नवंबर को जिन 12 वार्डों में मतदान हुआ, उनमें से 9 वार्ड पहले भाजपा के पास थे और 3 वार्ड AAP के पास थे।
उपचुनाव में मतदान प्रतिशत सिर्फ 38.51% रहा, जो 2022 के 50.47% से काफी कम है। कम मतदान का सीधा असर नतीजों पर देखने को मिला, जिससे भाजपा को अधिक फायदा हुआ।
The Delhi MCD bypoll results highlight a significant shift in the political landscape, with the BJP securing a dominant victory by winning 7 out of 12 seats. The Aam Aadmi Party struggled, managing only 3 seats, while Congress gained a rare win in Sangam Vihar. The biggest highlight was Rekha Gupta’s stronghold in Shalimar Bagh, where BJP candidate Anita Jain won by a large margin. These Delhi municipal election results indicate changing voter preferences, reshaping the balance of power between BJP, AAP, and Congress.



















