AIN NEWS 1: दिल्ली–NCR में हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा ज़हरीली होने लगती है। जैसे-जैसे AQI (Air Quality Index) का स्तर बढ़ता है, वैसे-वैसे लोगों की सेहत पर इसका सीधा असर दिखने लगता है। आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और सिर दर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि सरकार को स्कूल बंद करने और ट्रैफिक पर पाबंदियां लगाने जैसे सख्त फैसले लेने पड़ते हैं।
ऐसे में आम लोगों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि प्रदूषण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं। थोड़ी सी सावधानी न सिर्फ आपको बीमार होने से बचा सकती है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत की भी रक्षा कर सकती है।
AQI क्या होता है और यह खतरनाक क्यों है?
AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों का पैमाना होता है।
0–50: अच्छा
51–100: संतोषजनक
101–200: मध्यम
201–300: खराब
301–400: बहुत खराब
400+: गंभीर
जब AQI 300 के पार पहुंच जाता है, तब यह सिर्फ मरीजों के लिए नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी खतरनाक हो जाता है।
प्रदूषण बढ़ने पर क्या सावधानी रखनी चाहिए
1. बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें
जब AQI बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में हो, तो बाहर निकलना जितना कम होगा उतना बेहतर है। खासकर सुबह और देर रात के समय हवा ज्यादा प्रदूषित होती है।
2. बाहर जाना जरूरी हो तो सही मास्क पहनें
सिर्फ N95 या N99 मास्क ही प्रदूषित हवा के महीन कणों को रोकने में सक्षम होते हैं। सामान्य कपड़े या सर्जिकल मास्क कोई खास सुरक्षा नहीं देते।
3. घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
सुबह और शाम के समय खिड़कियां बंद रखना जरूरी है ताकि बाहर की गंदी हवा अंदर न आए।
4. एयर प्यूरीफायर का सही इस्तेमाल करें
अगर संभव हो तो घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों के कमरे में।
5. शरीर को हाइड्रेट रखें
ज्यादा पानी पीने से शरीर से हानिकारक तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है और गले की सूखापन भी कम होता है।
6. खानपान में बदलाव करें
हरी सब्जियां, फल, आंवला, हल्दी, अदरक और विटामिन-C युक्त चीजें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं।
7. बाहर से आने के बाद सफाई करें
घर लौटते ही हाथ-मुंह धोएं, नाक की सफाई करें और आंखों में जलन हो तो साफ पानी से धो लें।
8. बच्चों और बुजुर्गों पर खास ध्यान दें
इनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, इसलिए इन्हें बाहर जाने से रोकें।
9. AQI की जानकारी लेते रहें
मोबाइल ऐप या सरकारी वेबसाइट से रोज AQI चेक करें ताकि उसी हिसाब से दिनचर्या तय कर सकें।
10. पहले से बीमार लोग दवा नियमित लें
अस्थमा, हार्ट या फेफड़ों के मरीज डॉक्टर की सलाह से दवा लेते रहें और लक्षण बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रदूषण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए
1. मॉर्निंग वॉक और जॉगिंग से बचें
प्रदूषण में एक्सरसाइज करने से जहरीली हवा फेफड़ों में गहराई तक चली जाती है।
2. बच्चों को खुले में खेलने न भेजें
खुले मैदानों में खेलना इस समय बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
3. बिना मास्क बाहर न निकलें
खासकर ट्रैफिक वाले इलाकों में बिना सुरक्षा के निकलना जोखिम भरा है।
4. घर के अंदर धुआं न करें
अगरबत्ती, धूप या धूम्रपान से घर की हवा और ज्यादा खराब हो जाती है।
5. कचरा या पत्तियां न जलाएं
यह न सिर्फ सेहत के लिए खतरनाक है बल्कि कानूनन अपराध भी है।
6. लक्षणों को हल्के में न लें
लगातार खांसी, सांस फूलना, आंखों में जलन या सीने में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
⚠️ विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि अगर AQI 400 से ऊपर बना रहता है तो यह लंबे समय में फेफड़ों, दिल और दिमाग पर गंभीर असर डाल सकता है। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
Rising AQI levels in Delhi NCR have become a major public health concern. High air pollution can cause breathing problems, asthma attacks, eye irritation, and long-term lung damage. Following air pollution precautions, using N95 masks, air purifiers, and limiting outdoor exposure during severe AQI can significantly reduce health risks, especially for children, elderly people, and patients.



















