AIN NEWS 1: हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला 2026 में शनिवार शाम एक भयावह हादसा हुआ, जिसने समारोह की खुशियों को अचानक दर्दनाक मोड़ पर ला खड़ा किया। मेले के मुख्य आकर्षणों में से एक विशाल झूला अचानक गिर गया, जिससे एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई और 13 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस दुखद घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और घायल लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है।
घटना कैसे हुई?
घटना शनिवार शाम लगभग 6 बजे के आसपास हुई, जब मेले के भीड़‑भाड़ वाले हिस्से में लगे एक बड़े झूले (जिसे “Tsunami Swing” के नाम से जाना जाता है) के संचालन के दौरान उसकी एक हिस्से की संरचना टूट गई और वह नीचे गिर गया। पुलिस और अन्य अधिकारी जो मौके पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का काम कर रहे थे, उसी समय बचाव प्रयास में जुटे, लेकिन इसी दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (58) गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
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आधिकारिक बयान के अनुसार झूले पर लगभग 15‑19 लोग सवार थे, जब उसकी एक तरफ की सपोर्टिंग संरचना ढह गई और झूला जमीन पर गिर गया। यह गिरना इतनी तेजी से हुआ कि उपस्थित लोगों के बीच दहशत फैल गई और अफरा‑तफरी मच गई।
घायल लोगों की स्थिति
इस हादसे में कुल 13 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें पुरुष, महिलाएँ और एक स्टॉल ऑपरेटर भी शामिल हैं। घायल कुछ लोगों को नजदीकी निजी अस्पतालों में और कुछ को BK सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने घायलों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई और उन्हें अस्पताल भेजा।
घटनास्थल से एक दूसरे घायल, स्टॉल संचालक “राघव” भी घायल हुए, जिनके कंधे पर झूले की धातु की ग्रिल लगने से चोटें आईं। उन्हें भी चिकित्सीय सहायता दी जा रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा, टूरिज्म विभाग के एमडी पार्थ गुप्ता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और घायलों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही इस दुर्घटना की एफ़आईआर दर्ज कर जांच की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों ने जताया शोक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार के प्रति संवेदनाएँ जताईं। उन्होंने घायल लोगों को बेहतर इलाज और सहायता देने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी किए। सरकार ने यह भी आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे से पहले भी आई थी चेतावनी
सोमवार तक मिली जानकारी के अनुसार, झूला हादसे से पहले भी मेले के गेट नंबर 2 का ढहना हुआ था, जिसमें दो लोग, एक वयस्क और एक बच्चा घायल हुए थे। यह हादसा झूला दुर्घटना से करीब एक घंटा पहले हुआ, जिससे यह साफ़ संकेत मिलता है कि मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं में मूलभूत खामियाँ थीं।
मेले की पार्श्वभूमि
सूरजकुंड मेला हर वर्ष जनवरी के अंत से फरवरी के मध्य तक आयोजित होता है और यह भारत का एक प्रमुख हस्तशिल्प और सांस्कृतिक उत्सव माना जाता है। इसमें देश‑विदेश से शिल्पकार अपने कला‑कारिगरियों को प्रदर्शित करते हैं, और लाखों लोगों की भीड़ यहाँ रोज़ाना घूमने आती है। इस वर्ष यह मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित है।
सुरक्षा और तैयारी पर बढ़े सवाल
इस दुर्घटना ने मेले में लगाए गए झूलों, सुरक्षा उपायों और रख‑रखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर आयोजित सार्वजनिक आयोजन — विशेषकर जहाँ झूलों जैसे आकर्षण होते हैं — पूर्व जांच, रख‑रखाव, और सख़्त मानकों की आवश्यकता होती है, ताकि इस तरह की घटनाएँ दुबारा न हों।
अफसरों ने भी यह कबूल किया है कि इस मामले की जांच गंभीर रूप से की जा रही है ताकि हादसे की वजह, लापरवाही के पहलू और सुरक्षा मानकों में बुनियादी खामियों का पता लग सके। दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रबंधकों और उपकरण संचालकों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद जो वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गईं, उनमें झूला गिरते और लोगों की चीखें सुनाई देती हैं। कई लोग प्रशासन से सुरक्षा के बेहतर इंतज़ामों की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इतने बड़े मेले में झूलों को लगाने से पहले पर्याप्त जांच‑पड़ताल हुई थी।
सूरजकुंड मेला 2026 का यह हादसा न सिर्फ एक व्यक्तिगत दर्द की कहानी है बल्कि यह एक चेतावनी भी है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी सार्वजनिक आयोजन में लापरवाही भारी पड़ सकती है। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की शहादत और घायल लोगों की स्थिति इस बात का ज़रिया है कि हमें आयोजनों की सुरक्षा मानकों पर फिर से ध्यान देना होगा। जांच जारी है और उम्मीद है कि इससे जुड़े निष्कर्ष भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में मदद करेंगे।
The Surajkund Mela 2026 accident in Faridabad was a tragic event where a giant amusement swing collapsed, resulting in the death of a police inspector and injuries to over 13 visitors, raising serious concerns about event safety and ride maintenance standards at the Surajkund International Crafts Mela. Immediate rescue operations, official investigations, and government responses highlighted the importance of stringent safety protocols to prevent similar accidents in future.


















