Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

देहरादून में पीएम मोदी की एआई जनरेटेड आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल, 18 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर केस दर्ज!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एआई जनरेटेड आपत्तिजनक वीडियो और फोटो वायरल होने का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर फैल रही इन भ्रामक और अनुचित पोस्ट्स ने न सिर्फ पुलिस और प्रशासन को सतर्क कर दिया है बल्कि राजनीतिक माहौल में भी तनाव पैदा कर दिया है। भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने इसे पीएम मोदी की छवि खराब करने की सुनियोजित कोशिश बताया है।

मामला कैसे सामने आया?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब भाजयुमो (भारतीय जनता युवा मोर्चा) के महानगर अध्यक्ष देवेंद्र बिष्ट ने बसंत विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को ऐसे 18 सोशल मीडिया अकाउंट्स की सूची दी, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एआई से बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वायरल किए जा रहे थे।

बिष्ट ने अपनी शिकायत में कहा कि ये पोस्ट सिर्फ सामान्य एडिटिंग नहीं हैं, बल्कि पीएम मोदी को लेकर समाज में भ्रम फैलाने और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि एआई से तैयार किए गए इन कंटेंट में प्रधानमंत्री को कई अनुचित और गलत रूपों में पेश किया गया है—कहीं उन्हें चाय बेचते दिखाया गया, कहीं कमीज उतारकर बॉडी-बिल्डर जैसा रूप दिया गया, और कहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पीछे सुरक्षा गार्ड के रूप में दिखाया गया।

सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट की साजिश?

देवेंद्र बिष्ट का आरोप है कि इन पोस्ट्स के जरिए न केवल पीएम मोदी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि समाज में द्वेष की भावना बढ़ाने की भी कोशिश की गई है। उनका कहना है कि यह पूरी साजिश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी, भ्रामक और अशोभनीय कंटेंट फैलाकर लोगों की भावनाएं भड़काने के उद्देश्य से रची गई है।

उन्होंने बताया कि इस तरह की पोस्ट्स से राजनीतिक माहौल खराब हो सकता है और समाज में विवाद या उपद्रव भी भड़क सकता है। इसी वजह से उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की तथा आईटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की बात कही।

पुलिस की कार्रवाई – 18 अकाउंट्स पर FIR दर्ज

शिकायत मिलने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले में FIR दर्ज कर ली। एसओ अशोक राठौर ने बताया कि यह मामला संवेदनशील होने के कारण साइबर सेल को इसकी जांच सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि साइबर टीम इन 18 अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये पोस्ट कहाँ से बनाए गए, किस उद्देश्य से वायरल किए गए और इनके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

राठौर ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला सिर्फ आपत्तिजनक कंटेंट का नहीं है, बल्कि यह शांतिभंग करने, उकसाने और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने से संबंधित है। ऐसे में आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

भाजपा समर्थकों में गुस्सा, पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग

यह मामला सामने आते ही भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। उनका कहना है कि इस तरह की एआई जनरेटेड गलत सामग्री न सिर्फ प्रधानमंत्री की छवि खराब करती है, बल्कि इससे समाज में गलत संदेश जाता है। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश है।

बिष्ट ने कहा कि यदि इस तरह की गलत तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते रहे तो इससे समाज में अविश्वास, तनाव और अशांति फैल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उदाहरण पेश किया जाना चाहिए।

एआई जनरेटेड कंटेंट – एक बड़ा खतरा?

हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। एआई से बनाए गए फेक वीडियो, फोटो और ऑडियो ने दुनिया भर में चिंता पैदा की है। ऐसे मामले लोगों को भ्रमित कर सकते हैं, किसी की भी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकते हैं और समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं।देहरादून में सामने आया यह मामला इस बात की ओर संकेत करता है कि एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस और साइबर टीमें लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती फेक सामग्री पर रोक लगाना भी बड़ी चुनौती है।

आगे क्या?

साइबर सेल 18 सोशल मीडिया अकाउंट धारकों से जुड़े डेटा, लोकेशन, IP एड्रेस और कंटेंट निर्माण स्रोत की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस से यह भी मांग की है कि भविष्य में इस तरह के फेक एआई कंटेंट को रोकने के लिए कड़े कानून लागू किए जाएं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को और अधिक जिम्मेदार बनाया जाए।

AI-generated fake images and objectionable videos of PM Narendra Modi went viral on social media, triggering a major controversy in Dehradun. The police have registered an FIR against 18 social media accounts involved in circulating manipulated content created through AI technology. The Cyber Cell investigation aims to identify the origin of these AI-generated photos, which allegedly attempted to damage PM Modi’s reputation and provoke public unrest. This incident highlights the rising threat of misinformation and misuse of artificial intelligence in India.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
mist
13.1 ° C
13.1 °
13.1 °
82 %
1kmh
0 %
Sun
28 °
Mon
29 °
Tue
29 °
Wed
29 °
Thu
30 °
Video thumbnail
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सदन में पहली बार दहाड़े Yogi,दे दिया जवाब, हिल जाएंगे Akhilesh Yadav
09:24
Video thumbnail
Yati Narsinghanand #viral #shorts
02:17
Video thumbnail
Yogi Adityanath : हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता..
01:45
Video thumbnail
Mahamandleshwer Dr. Rajeshwar Das: “धरती पर किसान है.., सनातन पर क्या खूब बोले महामंडलेश्वर राजेश्वर
15:38
Video thumbnail
Swati Maliwal on Arvind Kejriwal :पंजाब में चार्टड जेट से लेकर आलीशान महल में निवास करता है केजरीवाल
01:37
Video thumbnail
Akhilesh Yadav on Yogi Adityanath : उन्होंने अगर बाटी चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा
01:02
Video thumbnail
#shorts #shortvideo
00:26
Video thumbnail
AKhilesh Yadav : अभी समय है इलेक्शन में, आप समय क्यों नहीं देना चाहते हैं?
01:32
Video thumbnail
सदन में सवाल पूछ रही थी कांग्रेस की महिला सांसद, हल्ला मचाने लगा पूरा विपक्ष, सभापति ने क्या कहा?
07:58
Video thumbnail
‘बार्डर 2’ देखकर भावुक हुईं अभिनेत्री श्वेता चौहान
02:43

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता: विधानसभा में बोले सीएम योगी!

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की विधानसभा में एक...