AIN NEWS 1: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा है, अपने निर्माण के अंतिम चरण में पहुँच चुका है। हाल ही में इस एयरपोर्ट के रनवे नंबर 10 पर सफल टेकऑफ और लैंडिंग परीक्षण किए गए हैं। इस सफलता के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर 2025 तक यहां से घरेलू उड़ानों की शुरुआत हो सकती है।
जेवर एयरपोर्ट को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) दोनों ही तेजी से काम कर रहे हैं ताकि निर्धारित समय पर इसकी शुरुआत की जा सके। यह एयरपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर के हवाई ट्रैफिक का दबाव कम करना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नई उड़ान सुविधा प्रदान करना है।
सफल ट्रायल की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, रनवे 10 पर तीन बार टेकऑफ और लैंडिंग का सफल परीक्षण किया गया। इस दौरान विमान ने अलग-अलग परिस्थितियों में उड़ान भरने और उतरने की प्रक्रिया पूरी की। सभी तकनीकी पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए ट्रायल किया गया, और हर बार विमान ने पूरी तरह सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ किया।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और संबंधित तकनीकी टीमों ने इस ट्रायल को “सफल और संतोषजनक” बताया है। अब आने वाले सप्ताह में रनवे 28 पर भी इसी तरह का ट्रायल किया जाएगा। यदि वह भी सफल रहता है, तो दिसंबर में घरेलू उड़ानों की औपचारिक शुरुआत का रास्ता साफ हो जाएगा।
निर्माण कार्य अंतिम चरण में
जेवर एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में 80% से अधिक काम पूरा हो चुका है। टर्मिनल बिल्डिंग का इंटीरियर, रनवे मार्किंग, लाइटिंग सिस्टम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग एरिया, पहुंच मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था का भी परीक्षण किया जा रहा है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के सीईओ ने बताया कि एयरपोर्ट के पहले चरण में प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। बाद के चरणों में यह क्षमता बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक की जाएगी।
कनेक्टिविटी होगी मजबूत
जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, और प्रस्तावित बुलंदशहर-खुर्जा रेल लाइन से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो का विस्तार भी यहां तक लाने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रियों को दिल्ली, नोएडा, आगरा और अलीगढ़ जैसे शहरों से सीधी और तेज़ पहुंच मिलेगी।
आर्थिक और क्षेत्रीय विकास
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल यात्रा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का नया द्वार साबित होगा। एयरपोर्ट के आसपास कई एविएशन, लॉजिस्टिक्स, होटल और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स विकसित किए जा रहे हैं।
इससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय व्यवसायों को नई पहचान मिलेगी।
घरेलू उड़ानों की संभावनाएं
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो दिसंबर 2025 तक इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी घरेलू एयरलाइंस यहां से अपनी उड़ानें शुरू कर सकती हैं। शुरुआती चरण में दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु और कोलकाता के लिए सीधी उड़ानें मिलने की संभावना है।
सुरक्षा और तकनीकी मानक
टेकऑफ और लैंडिंग परीक्षण के दौरान सभी आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया। रनवे में इन्स्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS), रनवे एज लाइट्स, और सर्फेस मूवमेंट रडार लगाए गए हैं, जिससे रात या खराब मौसम में भी विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ सुचारु रूप से हो सके।
पर्यावरण और स्थिरता पर जोर
यह एयरपोर्ट भारत का पहला नेट-जीरो एमिशन एयरपोर्ट बनने की दिशा में काम कर रहा है। इसमें सोलर एनर्जी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा, साथ ही वर्षा जल संचयन, वायु शुद्धिकरण और कचरा प्रबंधन की अत्याधुनिक प्रणाली भी स्थापित की गई है।
रनवे 10 पर सफल परीक्षण के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपने सफर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है। अब जब रनवे 28 का परीक्षण भी सफल हो जाएगा, तो दिसंबर 2025 में पहली घरेलू उड़ान भरने का सपना हकीकत बन जाएगा। यह एयरपोर्ट न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि भारत के उड्डयन क्षेत्र में एक नई ऊंचाई जोड़ेगा।
The Noida International Airport in Jewar has successfully completed takeoff and landing tests on Runway 10, marking a major milestone in India’s aviation sector. With over 80% of the construction completed, the airport is expected to begin domestic flight operations by December 2025. This project will enhance connectivity across Delhi NCR, Uttar Pradesh, and western India, while boosting regional development, tourism, and job opportunities. The Jewar Airport, managed by YIAPL, aims to become a green, world-class aviation hub featuring advanced runway systems, eco-friendly infrastructure, and seamless passenger experience.


















