AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो खुद को रॉ (RAW) का अधिकारी, सेना का मेजर और कभी-कभी कर्नल बताकर लोगों को धोखा देता था। आरोपी लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे विभिन्न जगहों पर अपना प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा था। उसके खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद STF ने निगरानी बढ़ाई और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

कैसे हुआ खुलासा?
STF को सूचना मिली थी कि नोएडा में एक व्यक्ति काफी समय से खुद को खुफिया एजेंसी RAW का अधिकारी बताकर लोगों पर दबाव बना रहा है। वह अपने आपको आर्मी के मेजर और कभी-कभी कर्नल के पद पर तैनात बताकर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा था। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए STF ने उसे ट्रैक किया और टीम ने एक विशेष ऑपरेशन चलाकर आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के समय क्या-क्या मिला?
गिरफ्तारी के दौरान STF ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी और संदिग्ध दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और पहचान पत्रों की प्रतिलिपियां बरामद कीं। बरामदगी की सूची काफी लंबी है, जो इस बात का प्रमाण है कि आरोपी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े में शामिल था।
STF द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, उसके पास से निम्न सामान बरामद किया गया:
03 लैपटॉप
02 टैबलेट
05 पैन कार्ड की प्रतियां
03 वोटर आईडी कार्ड की प्रतियां
02 फर्जी पहचान पत्र
17 अलग-अलग नामों पर तैयार किए गए कूटरचित रेंट एग्रीमेंट
20 चेकबुक
01 फर्जी दिल्ली पुलिस वेरिफिकेशन लेटर
08 क्रेडिट और डेबिट कार्ड
02 आधार कार्ड की प्रतियां
इन दस्तावेजों से साफ है कि आरोपी कई पहचान लेकर लगातार धोखाधड़ी कर रहा था। रेंट एग्रीमेंट से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन तक—हर दस्तावेज को उसने बेहद चालाकी से तैयार किया था ताकि कोई भी उसकी असलियत पर शक न कर सके।
कई पहचान बनाकर लोगों को देता था धोखा
जांच टीम के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल लोगों को डराने-धमकाने और अपने काम निकालने में करता था।
कभी वह RAW अधिकारी बन जाता, तो कभी आर्मी का मेजर या कर्नल। उसके पास फर्जी आईडी होने की वजह से कई बार लोग उसकी बातों में आ जाते और उसे असली सरकारी अधिकारी समझकर भरोसा कर लेते।
आरोपी ने कई किराए के मकानों में भी फर्जी नामों से रहकर अपनी गतिविधियां जारी रखीं। STF को मिले 17 फर्जी रेंट एग्रीमेंट यह साबित करते हैं कि वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था ताकि पकड़ से बचा रहे।
STF ने क्यों अपनाई Zero Tolerance की नीति?
UP STF ने इस कार्रवाई को ‘Zero Tolerance Against Fraudsters’ अभियान के तहत अंजाम दिया। राज्य में बढ़ते साइबर अपराध और फर्जीवाड़े को देखते हुए STF लगातार ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे लोग न केवल आम नागरिकों को धोखा देते हैं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सेना, पुलिस और RAW जैसे संवेदनशील संस्थानों की फर्जी पहचान बनाना बड़ा अपराध है, और इससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
सोशल मीडिया पर एक्टिव था आरोपी
प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया पर भी अपनी फर्जी पहचान को बढ़ावा देने की कोशिश करता था। वह अपनी तस्वीरों और पोस्ट में खुद को वर्दीधारी अधिकारी की तरह पेश करता था ताकि लोगों पर प्रभाव जम सके।
कई बार वह अपने परिचितों को यह कहकर डराता था कि उसकी RAW में उच्च स्तर पर पहुँच है और वह किसी के खिलाफ भी कार्रवाई करा सकता है। STF की जांच के अनुसार, उसके निशाने पर ऐसे लोग होते थे जिन्हें आसानी से भ्रमित किया जा सके।
STF की टीम की सतर्कता से पकड़ में आया आरोपी
जैसे ही STF को इन फर्जी गतिविधियों की जानकारी मिली, टीम ने तारों को जोड़ना शुरू किया। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ग्राउंड इंटेलिजेंस और शिकायतों के आधार पर STF ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और उसे नोएडा में गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद STF ने उसके कब्जे से मिले सभी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। कई दस्तावेज इतनी सफाई से तैयार किए गए हैं कि एक सामान्य व्यक्ति असली-नकली का फर्क समझ ही नहीं सकता।
क्या हो सकता है आगे?
अब STF आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अकेले काम करता था या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था। इतनी बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेजों का मिलना इस बात की ओर संकेत करता है कि उसके पीछे एक नेटवर्क भी हो सकता है।
आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
UP STF की सख्त कार्रवाई की सराहना
इस पूरे ऑपरेशन में STF की तेज कार्रवाई की काफी सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर भी #WellDoneSTF और #UPPAgainstCrime जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि समाज में डर का माहौल खत्म हो और कानून का सम्मान बना रहे।
UP STF’s arrest of a fake RAW officer in Noida highlights a major crackdown against fraud and identity forgery. With multiple forged documents, laptops, tablets, and fake IDs recovered, this operation strengthens the fight against impersonation crimes, fraud networks, and security-related deception in Uttar Pradesh. Keywords such as UP STF arrest, fake RAW officer, Noida crime news, Army Major impersonation, and forged documents case significantly enhance the article’s SEO performance.


















