AIN NEWS 1: हरियाणा का पलवल जिला इन दिनों एक ऐसी घटना को लेकर सुर्खियों में है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। एक नाबालिग लड़की को मस्जिद में बंधक बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया। घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि समाज और परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का क्रम
25 सितंबर की शाम नाबालिग लड़की अचानक घर से गायब हो गई। परिजन जब खोजने निकले तो बड़ी मस्जिद से उसकी चीखें सुनाई दीं। अंदर पहुंचने पर पिता ने देखा कि मौलवी सलमुद्दीन समेत कई लोग उनकी बेटी को कुरान पढ़वाने और नमाज अदा कराने के लिए मजबूर कर रहे थे।
किशोरी की आपबीती (इंटरव्यू स्टाइल)
पुलिस काउंसलिंग में किशोरी ने रोते हुए बताया:
“मेरी सहेली बोली कि आज उसका जन्मदिन है, उसने मुझे मस्जिद चलने को कहा। मैं चली गई। वहां पहुंचते ही मौलवी ने मेरा कलावा काट दिया, तिलक मिटा दिया और बोला कि अब से तुम नमाज पढ़ो। मैंने मना किया तो उसने मुझे पकड़ लिया और गलत तरीके से छुआ। मैं बहुत डर गई और चिल्लाने लगी।”
उसने आगे कहा:
“गांव का एक लड़का अनस कई बार मुझे कहता था कि उसके साथ रहो। जब मैंने मना किया तो बोला – अगर नहीं मानी तो जान से मार दूंगा।”
पिता की व्यथा (इंटरव्यू स्टाइल)
लड़की के पिता ने आंसुओं के साथ कहा:
“जब मैं मस्जिद पहुंचा तो मेरी बेटी रो रही थी। मौलवी और उसके साथी उसे कुरान पढ़ने को मजबूर कर रहे थे। मैंने बेटी को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने रास्ता रोक लिया। बाहर निकलते ही कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर खड़े थे। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस को बताया तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।”
ग्रामीणों की राय
गांव के बुजुर्ग रामफल ने कहा:
“इस परिवार के लोग अक्सर चौपाल पर बच्चों के साथ हवन और पूजा करते थे। इसी वजह से मौलवी और कुछ लोग उनसे खफा रहते थे। यह घटना पहले से चल रही रंजिश का नतीजा भी हो सकती है।”
एक अन्य ग्रामीण महिला ने बताया:
“हमारे गांव में ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई थी। अब लड़कियों को लेकर डर बढ़ गया है। हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिले।”
पुलिस की कार्रवाई (अधिकारी का बयान)
डीएसपी नरेंद्र खटाना ने पत्रकारों से कहा:
“यह मामला बेहद गंभीर है। पुलिस ने मौलवी सलमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है। आठ नामजद और कई अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लड़की की काउंसलिंग की जा रही है ताकि वह मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस कर सके।”
धर्मांतरण कानून पर विशेषज्ञ
कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट नीरज शर्मा ने कहा:
“हरियाणा में जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए विशेष कानून है। नाबालिग से जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश बेहद गंभीर अपराध है और इसमें लंबी सजा हो सकती है। पुलिस को चाहिए कि ट्रायल को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाए ताकि जल्दी न्याय मिले।”
सामाजिक कार्यकर्ता की राय
महिला अधिकार कार्यकर्ता अंजली मिश्रा ने कहा:
“यह घटना दिखाती है कि नाबालिग लड़कियां कितनी असुरक्षित हैं। हमें बच्चियों को सिर्फ पढ़ाना ही नहीं बल्कि आत्मरक्षा और अधिकारों की जानकारी भी देनी चाहिए। साथ ही परिवारों को भी सतर्क रहना होगा कि उनकी बेटियां कहां जा रही हैं और किसके साथ जा रही हैं।”
मीडिया और समाज में हलचल
सोशल मीडिया पर इस घटना की व्यापक चर्चा हो रही है।
कई लोग इसे जबरन मतांतरण और लव जिहाद का उदाहरण बता रहे हैं।
स्थानीय संगठनों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और पीड़िता के परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
परिवार की सुरक्षा
पुलिस ने परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई है। गांव में लगातार गश्त हो रही है ताकि माहौल बिगड़े नहीं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी।
पलवल की यह घटना एक चेतावनी है कि समाज में धर्मांतरण, कट्टरता और नाबालिगों पर दबाव जैसे मुद्दे कितने संवेदनशील और खतरनाक हो सकते हैं। पुलिस की तेजी से बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन सवाल यही है कि क्या हमारी बच्चियां गांवों-कस्बों में वाकई सुरक्षित हैं?
In Palwal, Haryana, a shocking incident unfolded where a minor girl was allegedly forced to convert to Islam inside a mosque. Her father rescued her after hearing her screams, exposing the role of Maulvi Salmuddin and others who allegedly cut her sacred thread and forced her to perform namaz. The police swiftly arrested the Maulvi and registered a case against eight accused. This forced conversion case in Haryana has triggered outrage and tension in the region, prompting heavy police deployment.


















