AIN NEWS 1: दिल्ली जा रहे यूपी कैडर के पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर को आधी रात पुलिस ने चलती ट्रेन से हिरासत में ले लिया। यह घटना शाहजहांपुर स्टेशन के पास तब हुई, जब ट्रेन रात करीब 1:50 बजे वहां पहुंची। उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद संदिग्ध बताते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आधी रात ट्रेन में चढ़े सादे कपड़ों में लोग
नूतन ठाकुर के अनुसार, अमिताभ ठाकुर दिल्ली किसी निजी कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। वे हमेशा की तरह फोन पर अपनी पत्नी से संपर्क में थे। लेकिन अचानक रात में कुछ लोग सादे कपड़ों में उनकी ट्रेन की बोगी में चढ़े और उन्हें अपने साथ ले गए।
नूतन बताती हैं कि उन्होंने जब पति से फोन पर बात करनी चाही तो लाइन तो लगी, लेकिन उधर से सामान्य बातचीत नहीं हो पा रही थी। उन्हें ऐसा लगा जैसे कोई अमिताभ को जबरदस्ती खींच रहा हो। फोन पर कुछ सेकंड तक खींचतान और गाड़ियों की आवाज सुनी गई, फिर अचानक मोबाइल बंद हो गया। इस स्थिति ने उनके मन में चिंता और भय दोनों बढ़ा दिए।
पत्नी की खोजबीन—रेलवे से लेकर SSP ऑफिस तक
घटना के तुरंत बाद नूतन ठाकुर ने खुद से खोजबीन शुरू कर दी। उन्होंने सबसे पहले रेलवे अधिकारियों, RPF और संबंधित विभागों को फोन कर जानकारी मांगी। फिर उन्होंने शाहजहांपुर SSP को कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में SSP कार्यालय के PRO ने बात करते हुए सिर्फ इतना कहा कि वह जानकारी निकालकर बताएंगे।
हालांकि कई घंटों तक किसी भी विभाग से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, जिससे नूतन की चिंता और बढ़ गई।
सुबह पुलिस की कॉल—देवरिया ले जाने की पुष्टि
कई घंटों की अनिश्चितता के बाद सुबह 9:40 बजे नूतन को तालकटोरा थाने से SHO का फोन आया। SHO ने बताया कि अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें देवरिया ले जाया जा रहा है। यह वही जगह है जहां करीब तीन महीने पहले अमिताभ पर एक केस दर्ज किया गया था।
पुलिस का कहना है कि इस केस की जांच में अमिताभ ने पर्याप्त सहयोग नहीं किया, इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि पत्नी नूतन का कहना है कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी नहीं थी और परिवार को पहले से जानकारी नहीं दी गई।
किडनैपिंग की खबरों से फैला भ्रम
क्योंकि गिरफ्तारी आधी रात को बिना वर्दी वाले लोगों द्वारा की गई और परिवार से संपर्क टूट गया, इसलिए शुरुआती घंटों में सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से फैल गई कि अमिताभ ठाकुर का किडनैप कर लिया गया है। यह खबर कई प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की और इसे गिरफ्तारी बताया।
सोशल मीडिया अकाउंट भी सस्पेंड
घटना के बाद एक और बड़ा कदम यह सामने आया कि पुलिस ने अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को भी सस्पेंड करा दिया। पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, नूतन ने इसे अपनी आवाज दबाने का प्रयास बताया है।
देवरिया केस—क्या है मामला?
देवरिया पुलिस के अनुसार तीन महीने पहले एक मामले में अमिताभ के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस का दावा है कि कई बार नोटिस भेजे गए लेकिन उनकी ओर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। इसलिए आगे की कार्रवाई आवश्यक समझी गई।
लेकिन परिवार का कहना है कि मामले से जुड़ी कई बातें संदिग्ध हैं और गिरफ्तारी के तरीके ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार की चिंता अभी भी बरकरार
नूतन ठाकुर का कहना है कि जब किसी पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को इस तरह अचानक उठाकर ले जाया जा सकता है, तो सामान्य व्यक्ति की सुरक्षा कितनी कमजोर होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
मामले पर बढ़ती राजनीतिक और सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
यह घटना सोशल मीडिया पर तेज़ी से चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आधी रात को बिना स्पष्ट सूचना के इस तरह गिरफ्तारी क्यों की गई। कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ रहे हैं, तो कुछ लोग इसे कानून-व्यवस्था का सामान्य हिस्सा बता रहे हैं।
आगे क्या?
फिलहाल अमिताभ ठाकुर को देवरिया ले जाया जा चुका है, जहां आगे कानूनी कार्रवाई होगी। परिवार और समर्थकों की नजरें अब पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही पर हैं।
Former IG Amitabh Thakur’s arrest from a moving train has created significant buzz across Uttar Pradesh, raising questions about UP Police action, legal procedures, and transparency in the Deoria case. As his wife alleges mishandling and a lack of formal communication, public attention has intensified around the Amitabh Thakur arrest news, police response, and the sequence of events that unfolded during the late-night operation. This incident continues to trend as people seek clarity on the UP police’s role and the reasons behind this sudden detention.



















