AIN NEWS 1: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता पेट सिर्फ दिखने में खराब नहीं लगता, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ भी बन जाता है। पेट के अंदरूनी हिस्सों में जमा विसरल फैट (Visceral Fat) सबसे खतरनाक माना जाता है। यह चर्बी न सिर्फ आपकी कमर बढ़ाती है बल्कि हार्ट डिजीज, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती है।
अमेरिका के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप जमनदास (Dr. Pradip Jamnadas) ने बताया है कि इस फैट को गलाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका क्या है।
विसरल फैट क्या होता है?
हमारे शरीर में दो तरह की चर्बी होती है—
1. सबक्यूटेनियस फैट (Subcutaneous Fat): जो त्वचा के नीचे होती है।
2. विसरल फैट (Visceral Fat): जो आंतों और अंगों के आसपास जमा होती है।
दूसरी प्रकार की चर्बी यानी विसरल फैट सबसे खतरनाक होती है क्योंकि यह दिल, लिवर और ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करती है। यही कारण है कि यह फैट “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है।
डॉ. प्रदीप के अनुसार – चर्बी जलाने का सबसे आसान तरीका ‘फास्टिंग’
डॉ. जमनदास कहते हैं कि फास्टिंग (Intermittent Fasting) या उपवास विसरल फैट को जलाने का सबसे प्राकृतिक और तेज तरीका है।
उनका कहना है कि जब हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते हैं तो शरीर में इंसुलिन लेवल घटने लगता है।
जब इंसुलिन कम होता है, तब शरीर को ऊर्जा की जरूरत पड़ती है और वह पेट में जमा फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।
शरीर में यह प्रक्रिया कैसे काम करती है?
जब आप भोजन करते हैं तो शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन बढ़ जाते हैं।
इंसुलिन का काम है उस ऊर्जा को फैट के रूप में स्टोर करना।
लेकिन जब आप कुछ समय तक नहीं खाते, तो इंसुलिन गिरता है और शरीर स्टोर की हुई चर्बी को ऊर्जा में बदलना शुरू कर देता है।
फास्टिंग के पहले 12 घंटों में शरीर ग्लाइकोजन (शुगर एनर्जी) का उपयोग करता है।
लेकिन 12 घंटे बाद ग्लाइकोजन खत्म होने पर शरीर विसरल फैट जलाना शुरू कर देता है।
सिर्फ फास्टिंग नहीं, डाइट कंट्रोल भी जरूरी
डॉ. जमनदास के मुताबिक सिर्फ उपवास करने से काम नहीं चलेगा। आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल दोनों में बदलाव लाना होगा।
वे कहते हैं:
“जब तक आप प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और एक्स्ट्रा शुगर को बंद नहीं करेंगे, तब तक फैट जलाने की प्रक्रिया अधूरी रहेगी।”
इसलिए ध्यान रखें –
प्रोसेस्ड फूड और मीठा कम करें।
प्राकृतिक भोजन जैसे फल, सब्जियां, दालें और फाइबरयुक्त चीजें खाएं।
पर्याप्त पानी पिएं और सोने-जागने का समय नियमित रखें।
एक्सरसाइज और नींद का भी बड़ा रोल
अगर आप फास्टिंग के साथ हल्की-फुल्की वॉक या योग करते हैं, तो फैट बर्निंग की प्रक्रिया और तेज होती है।
पर्याप्त नींद (7–8 घंटे) लेना भी जरूरी है क्योंकि नींद की कमी से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है और इंसुलिन बढ़ जाता है।
साथ ही, स्ट्रेस कम करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ज्यादा तनाव भी शरीर में फैट जमा करने का कारण बनता है।
क्यों जरूरी है शरीर को “आराम” देना?
डॉ. जमनदास बताते हैं कि जब हम बार-बार खाते रहते हैं, तो इंसुलिन बार-बार बढ़ता है, और हर बार शरीर चर्बी स्टोर करता है।
इसलिए यह जरूरी है कि खाने के बीच कम से कम 12 से 14 घंटे का अंतराल रखा जाए।
इससे शरीर को मौका मिलता है कि वह जमा हुई चर्बी को जलाकर ऊर्जा में बदले।
फास्टिंग से न केवल पेट की चर्बी घटती है, बल्कि यह –
दिल को मजबूत बनाती है,
लिवर को स्वस्थ रखती है,
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है,
और इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाती है।
डॉक्टर की सलाह जरूर लें
फास्टिंग हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होती।
डायबिटीज़, हार्ट डिजीज या किसी अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
हर शरीर का मेटाबॉलिज्म अलग होता है, इसलिए फास्टिंग का पैटर्न भी व्यक्ति अनुसार तय होना चाहिए।
विसरल फैट कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है – फास्टिंग, संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल।
अगर आप नियमित रूप से इंटरमिटेंट फास्टिंग करें, प्रोसेस्ड फूड छोड़ें, नींद और एक्सरसाइज पर ध्यान दें, तो कुछ ही हफ्तों में फर्क महसूस कर सकते हैं।
यह तरीका किसी दवाई या सप्लिमेंट से नहीं बल्कि शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया से चर्बी गलाता है — और यही इसे सबसे सुरक्षित और टिकाऊ उपाय बनाता है
Visceral fat, the deep belly fat around internal organs, is one of the most dangerous types of body fat. According to American cardiologist Dr. Pradip Jamnadas, intermittent fasting is the most effective way to burn visceral fat naturally. When you fast, your insulin levels drop, allowing your body to use stored fat for energy. Combining fasting with reduced sugar intake, regular exercise, and sufficient sleep helps reduce belly fat and improve heart health. Always consult your doctor before starting any fasting routine.


















