AIN NEWS 1: दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजधानी में लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने रेखा गुप्ता सरकार पर सीधा हमला बोला है। सोमवार को दिल्ली विधानसभा परिसर में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
विधानसभा में क्यों हुआ प्रदर्शन?
दिल्ली में पिछले कई हफ्तों से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। सुबह-शाम धुंध और स्मॉग ने आम लोगों की सांस लेना तक मुश्किल कर दिया है। इसके बावजूद, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि रेखा गुप्ता सरकार न तो कोई ठोस नीति बना पा रही है और न ही ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठा रही है।
AAP विधायकों का कहना है कि प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह जनस्वास्थ्य आपातकाल का रूप ले चुका है।
AAP विधायकों के नारे और संदेश
विधानसभा के भीतर और बाहर AAP विधायकों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर लिखा था—
“दिल्ली की हवा ज़हरीली, सरकार मौन क्यों?”
“प्रदूषण पर राजनीति नहीं, समाधान चाहिए”
“दिल्ली के बच्चों की सांसें बचाओ”
विधायकों ने नारेबाज़ी करते हुए सरकार से जवाब मांगा कि जब हालात इतने गंभीर हैं, तो ठोस एक्शन प्लान कहां है।
सरकार पर क्या आरोप लगाए गए?
आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए—
प्रदूषण नियंत्रण में पूरी तरह विफलता
AAP का कहना है कि सरकार के पास न तो लॉन्ग टर्म प्लान है और न ही शॉर्ट टर्म समाधान।
इमरजेंसी उपायों की अनदेखी
GRAP (Graded Response Action Plan) को समय पर लागू नहीं किया गया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
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निर्माण कार्य और इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन पर ढील
अवैध निर्माण और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर कोई सख्ती नहीं बरती गई।
जनता को गुमराह करने का आरोप
AAP विधायकों का दावा है कि सरकार केवल आंकड़ों से खेल रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत कुछ और है।
AAP नेताओं का बयान
प्रदर्शन के दौरान AAP के एक वरिष्ठ विधायक ने कहा—
“दिल्ली की हवा ज़हर बन चुकी है और रेखा सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ अपराध है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती, तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को सड़क से सदन तक और ज़ोर से उठाएगी।
दिल्ली की जनता पर प्रदूषण का असर
दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा असर—
बच्चों की सेहत पर
अस्थमा और सांस के मरीजों पर
बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर
पिछले कुछ दिनों में अस्पतालों में सांस की तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। AAP का कहना है कि सरकार इन आंकड़ों को नजरअंदाज कर रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
हालांकि, प्रदर्शन पर रेखा गुप्ता सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही। सरकार का कहना है कि—
प्रदूषण एक राष्ट्रीय समस्या है
केंद्र और पड़ोसी राज्यों के सहयोग के बिना समाधान संभव नहीं
आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं
लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस दलील को “जिम्मेदारी से भागने” जैसा बताया।
राजनीति या जनहित?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदूषण दिल्ली की राजनीति का स्थायी मुद्दा बन चुका है। हर सर्दी में यह सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार कौन है—राज्य सरकार, केंद्र सरकार या पड़ोसी राज्य।
AAP का दावा है कि वह इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर जनता की आवाज़ बनकर उठा रही है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक स्टंट बता रहा है।
आगे क्या?
AAP ने साफ कर दिया है कि—
विधानसभा में यह मुद्दा लगातार उठाया जाएगा
जरूरत पड़ी तो जन आंदोलन किया जाएगा
सरकार से टाइम-बाउंड एक्शन प्लान की मांग की जाएगी
पार्टी का कहना है कि अगर अब भी सरकार नहीं जागी, तो दिल्ली की जनता को इसका खामियाजा और गंभीर रूप में भुगतना पड़ेगा।
दिल्ली में प्रदूषण अब सिर्फ मौसम से जुड़ा संकट नहीं रहा, बल्कि यह नीतिगत असफलता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की परीक्षा बन चुका है। आम आदमी पार्टी का विधानसभा में प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तीखा होगा।
अब देखना यह है कि रेखा गुप्ता सरकार इस दबाव के बाद कोई ठोस और प्रभावी कदम उठाती है या नहीं।
The Aam Aadmi Party protest in the Delhi Assembly against the Rekha Gupta government highlights the growing political and public concern over Delhi’s air pollution crisis. AAP MLAs accused the government of failing to implement effective pollution control measures, calling the situation a public health emergency. With rising AQI levels, smog, and health risks, the Delhi pollution issue has once again taken center stage in Delhi politics, making the Delhi Assembly protest a key development in current political news.


















