Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

प्रयागराज माघ मेले में आस्था का सैलाब: संगम तट पर पूजा-पाठ और श्रद्धालुओं की भारी भीड़!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: प्रयागराज में आयोजित हो रहा माघ मेला एक बार फिर आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति का भव्य संगम बनकर उभरा है। संगम तट पर इन दिनों हर ओर धार्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा-अर्चना, हवन, ध्यान और स्नान का सिलसिला लगातार जारी है।

माघ मेले के दौरान देश के कोने-कोने से आए संत-महात्मा, साधु-संत और श्रद्धालु संगम की रेती पर अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठानों में लीन नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में प्रसिद्ध संत मौनी महाराज ने भी संगम के समीप विधिवत पूजा-अर्चना की। मौनी महाराज की पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने शांत भाव से मंत्रोच्चारण और आरती में भाग लिया।

संगम तट पर गूंजते मंत्र, हर ओर दिखी श्रद्धा

सुबह के समय संगम क्षेत्र में विशेष रौनक देखने को मिलती है। सूर्योदय से पहले ही श्रद्धालु स्नान के लिए संगम की ओर बढ़ने लगते हैं। ठंड के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आती। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे—सभी संगम स्नान को पुण्य का अवसर मानते हुए पूरे विधि-विधान से पूजा करते दिखते हैं।

संगम तट पर वेद मंत्रों की ध्वनि, शंखनाद और घंटियों की आवाज पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है। कई श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं, जो पूरे माघ महीने तक संगम क्षेत्र में रहकर संयम, साधना और भक्ति का पालन करते हैं।

पोंटून पुल बने श्रद्धालुओं की राह

इस बार माघ मेले में संगम तक पहुंचने के लिए बनाए गए तैरते पोंटून पुल श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रहे हैं। सुबह से ही इन पुलों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पोंटून पुलों के जरिए संगम पहुंचना न सिर्फ आसान हुआ है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए यह एक अनोखा अनुभव भी बन गया है। चलते पानी के ऊपर बने इन पुलों से गुजरते हुए लोग संगम की दिव्यता को और करीब से महसूस कर पा रहे हैं।

संतों और अखाड़ों की मौजूदगी से बढ़ी मेले की गरिमा

माघ मेले की पहचान सिर्फ स्नान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संत-समागम का भी बड़ा केंद्र है। विभिन्न अखाड़ों के संत यहां प्रवचन, भजन और कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और जीवन के मूल्यों से जोड़ रहे हैं।

मौनी महाराज जैसे संतों की उपस्थिति से संगम क्षेत्र की आध्यात्मिक गरिमा और भी बढ़ गई है। उनके दर्शन और पूजा में शामिल होने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। संतों का कहना है कि माघ मास में संगम स्नान और साधना का विशेष महत्व है, जिससे आत्मिक शुद्धि और मानसिक शांति मिलती है।

प्रशासन की तैयारियां और व्यवस्थाएं

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा, सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जगह-जगह पुलिस बल और स्वयंसेवक तैनात हैं, जो लोगों को दिशा-निर्देश देते नजर आते हैं।

साफ-सफाई को लेकर भी प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र और पोंटून पुलों के आसपास नियमित सफाई की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

श्रद्धालुओं के लिए आस्था और अनुभव का संगम

माघ मेले में आए श्रद्धालुओं का कहना है कि संगम पर स्नान और पूजा करने से उन्हें अलग ही शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। कई लोग हर साल माघ मेले में आने को अपनी परंपरा मानते हैं।

कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि पोंटून पुल से संगम तक पहुंचना उनके लिए यादगार अनुभव रहा, वहीं संतों के प्रवचन सुनकर उन्हें जीवन के प्रति नई दिशा मिली।

माघ मेला: परंपरा और संस्कृति का जीवंत उदाहरण

माघ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण है। यहां आस्था, अनुशासन और सामूहिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। संगम की रेती पर बिताया गया हर पल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक यात्रा जैसा होता है।

जैसे-जैसे माघ मेला आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। आने वाले दिनों में संगम क्षेत्र में और अधिक धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलने की उम्मीद है।

Magh Mela 2026 in Prayagraj continues to attract thousands of devotees to the sacred Sangam, where religious rituals, holy bathing, and spiritual practices are performed daily. With saints like Mauni Maharaj offering prayers and devotees reaching the confluence through pontoon bridges, the Magh Mela remains a significant Hindu pilgrimage showcasing India’s rich religious traditions and spiritual heritage.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
34.7 ° C
34.7 °
34.7 °
10 %
0.6kmh
0 %
Sat
34 °
Sun
38 °
Mon
39 °
Tue
38 °
Wed
38 °
Video thumbnail
Ghaziabad : में कश्यप निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन | मंत्री नरेंद्र कश्यप
05:14
Video thumbnail
"किसान यूनियन...10 - 20 लोगो को लेके धरने पे बैठना" Rakesh Tikait पर क्या बोले RLD नेता Trilok Tyagi
15:19
Video thumbnail
अगर आपके कोई जानकार ईरान और इराक युद्ध में फंसे हैं तो यह सूचना आपके लिए है जरूर सुने
01:26
Video thumbnail
PM Modi के सामने S Jaishankar ने जो बोला सुनते रह गए Shashi Tharoor! S Jaishankar Speech Today
05:41
Video thumbnail
CM Yogi ने भरे मंच से बोल दी ऐसी बात मंच पर भौचक्के रह गए Ravi Kishan! | CM Yogi On Ravi Kishan
23:12
Video thumbnail
गाजियाबाद में भव्य होली मिलन समारोह | एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट का शानदार आयोजन
07:41
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 7 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
06:34:49
Video thumbnail
CM Yogi ने मंच से बोल दी ऐसी बात सुनते ही चौंक उठी मुस्लिम महिलाएं ! CM Yogi Lucknow Speech Today
17:28
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 6 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:39:35
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 5 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:06:18

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related