AIN NEWS 1: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के पूर्व विधायक मोहम्मद आजम खान की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अस्वस्थ होने की वजह से उनके खिलाफ चल रहे कई मामलों की कोर्ट में सुनवाई स्थगित कर दी गई है।

कोर्ट में स्थगन की मांग
गुरुवार को चल रही सुनवाई के दौरान आजम खान के अधिवक्ता ने अदालत में एक स्थगन प्रार्थना पत्र (adjournment request) दाखिल किया। उन्होंने बताया कि आजम खान की तबीयत ठीक नहीं है और वे फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। अधिवक्ता ने खुद की तबीयत खराब होने का हवाला भी दिया। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी।
धोखाधड़ी के केस में सुनवाई टली
भाजपा नेता और रामपुर शहर के विधायक आकाश सक्सेना ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पर धोखाधड़ी (Fraud) का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि दोनों ने साजिश के तहत अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड बनवाए और उनका इस्तेमाल किया। इस मामले में गुरुवार को बहस होनी थी, लेकिन बचाव पक्ष की अनुपस्थिति और स्थगन आवेदन के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
एडीजीसी संदीप सक्सेना ने बताया कि अब इस केस की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है। फिलहाल अदालत आगे की कार्यवाही अगले सत्र में करेगी।
विवादित बयान और जमीन कब्जा मामले में भी सुनवाई स्थगित
आजम खान के खिलाफ सेना पर विवादित बयान देने और कस्टोडियन की जमीन कब्जाने से जुड़े केसों में भी सुनवाई टल गई है। सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज विवादित बयान मामले की सुनवाई अब 3 नवंबर को होगी, जबकि जमीन कब्जे के केस की नई तारीख भी अदालत ने तय कर दी है।
आजम खान की ओर से वकील ने दोनों मामलों में बीमारी का हवाला देते हुए अदालत से समय मांगा। अदालत ने मानवीय दृष्टि से यह आवेदन स्वीकार करते हुए मामलों की सुनवाई आगे बढ़ा दी।
गवाह की गैरमौजूदगी से एक और केस टला
इसी बीच, आजम खान के खिलाफ दर्ज एक और केस—गवाह को धमकाने के आरोप से जुड़ा—भी गुरुवार को नहीं चल सका। इस मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन मुख्य गवाह तनवीर अदालत में पेश नहीं हुए। परिणामस्वरूप अदालत ने सुनवाई को 6 नवंबर तक स्थगित कर दिया।
सपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट का नया विवाद
इस बीच, रामपुर से एक नया विवाद भी सामने आया है। सपा कार्यकर्ता और यादव उत्थान समिति के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मुकेश यादव के मुताबिक, कुछ दिन पहले जब आजम खान सीतापुर जेल से रिहा होकर रामपुर लौट रहे थे, तब वे उनका स्वागत करने के लिए धमोरा के पास बरेली-रामपुर हाईवे पर मौजूद थे। जैसे ही आजम खान का काफिला वहां से गुजरा, उन्होंने उनका स्वागत किया। आरोप है कि इसके बाद शहजाद नगर थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और थाने ले जाकर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
मुकेश यादव का कहना है कि पुलिसकर्मियों की इस कार्रवाई से उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है और न्याय की मांग की है।
लगातार स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं आजम खान
यह पहली बार नहीं है जब आजम खान को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। बीते कुछ महीनों में उनकी तबीयत कई बार बिगड़ी है। कभी शुगर लेवल बढ़ने की समस्या, तो कभी ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव के चलते उन्हें अस्पताल जाना पड़ा।
दिल्ली स्थित निजी अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल आजम खान को निगरानी में रखा गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों से घिरे आजम खान
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान लंबे समय से कानूनी विवादों और मुकदमों में उलझे हुए हैं। उन पर जमीन कब्जाने, सरकारी संपत्ति हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, भड़काऊ भाषण देने जैसे कई आरोप हैं। कई मामलों में वे जेल भी जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि लगातार मुकदमों और जांचों से आजम खान का राजनीतिक करियर प्रभावित हुआ है। हालांकि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उन्हें “राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार” बताते हैं।
आगे क्या?
अब अदालत में अगली सुनवाई की तारीखें तय हो चुकी हैं —
धोखाधड़ी मामला: नई तारीख जल्द तय होगी
विवादित बयान मामला: 3 नवंबर
गवाह धमकाने का मामला: 6 नवंबर
जमीन कब्जा मामला: अगली तारीख अदालत द्वारा घोषित की जाएगी
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि अस्पताल में इलाज के बाद आजम खान कितनी जल्दी ठीक होकर कोर्ट में पेश होते हैं।
Senior Samajwadi Party leader Azam Khan has been admitted to a private hospital in Delhi after his health deteriorated. Due to his illness, several court hearings, including cases related to fraud, land disputes, and controversial remarks, have been postponed. The court accepted his lawyer’s adjournment request citing health reasons. Meanwhile, a new controversy has emerged involving a Samajwadi Party worker allegedly beaten by police after welcoming Azam Khan. The veteran leader continues to face multiple legal challenges amid ongoing health concerns.


















