AIN NEWS 1: दिल्ली और एनसीआर इन दिनों सर्दी के साथ-साथ एक और बड़ी चुनौती से जूझ रहे हैं। घना कोहरा (फॉग) और जहरीला धुआं (स्मॉग) मिलकर राजधानी की सुबहों को बेहद खतरनाक बना रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में सुबह के वक्त विजिबिलिटी लगभग जीरो तक पहुंच गई, जिससे आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई।
सुबह-सुबह कोहरे की मोटी चादर
बुधवार सुबह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। सड़कों पर चल रही गाड़ियां रेंगती नजर आईं। कई जगहों पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में हालात और खराब रहे। सुबह की ठंड के साथ जब स्मॉग भी कोहरे में घुला, तो दृश्यता और हवा की गुणवत्ता दोनों ही खतरनाक स्तर पर पहुंच गईं।
AQI बेहद खतरनाक स्तर पर
दिल्ली की हवा एक बार फिर ‘सीवियर’ कैटेगरी में पहुंच गई है। औसतन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 387 के आसपास दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में यह आंकड़ा 400 के पार चला गया। आनंद विहार, वजीरपुर, अशोक विहार, रोहिणी और बवाना जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्तर की हवा में सांस लेना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
फॉग और स्मॉग का खतरनाक कॉम्बिनेशन
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में हवा की रफ्तार कम होने और नमी बढ़ने की वजह से प्रदूषक तत्व नीचे ही फंस जाते हैं। यही कारण है कि फॉग और स्मॉग एक साथ मिलकर ‘डबल डैंजर’ बन जाते हैं। कोहरा विजिबिलिटी घटाता है, वहीं स्मॉग हवा को जहरीला बना देता है। इसका सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है।
फ्लाइट, ट्रेन और रोड ट्रैफिक प्रभावित
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर देखने को मिला। दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स देरी का शिकार हुईं, जबकि कुछ को डायवर्ट भी करना पड़ा। रेलवे सेवाओं पर भी असर पड़ा है और कई ट्रेनें अपने तय समय से घंटों देरी से चल रही हैं।
सड़कों पर हालात और भी चुनौतीपूर्ण हैं। एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहन चालकों को बेहद सावधानी से ड्राइव करनी पड़ रही है। कई जगहों पर छोटे-मोटे हादसों की खबरें भी सामने आई हैं।
IMD का येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के वक्त घना कोहरा बना रह सकता है। साथ ही हवा की गुणवत्ता में तुरंत सुधार के आसार कम नजर आ रहे हैं। IMD ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा सीधा असर
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। अस्थमा और फेफड़ों के मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिम भरी है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें और सुबह की सैर जैसी गतिविधियों को कुछ दिनों के लिए टाल दें।
प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती
प्रदूषण और कोहरे की यह स्थिति प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बनी हुई है। ग्रैप (GRAP) के तहत कई पाबंदियां लागू हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में बहुत बड़ा सुधार नजर नहीं आ रहा। निर्माण कार्य, वाहनों से निकलने वाला धुआं और पराली का असर मिलकर समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।
चंडीगढ़ और कानपुर में भी हालात खराब
दिल्ली के साथ-साथ उत्तर भारत के कई अन्य शहर भी इस समय फॉग और स्मॉग की चपेट में हैं। चंडीगढ़ और कानपुर में भी विजिबिलिटी कम होने और AQI के खराब स्तर पर पहुंचने की खबरें हैं। इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान गंभीर रूप ले चुकी है।
आम लोगों की परेशानी बढ़ी
ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग—सभी इस हालात से परेशान हैं। सुबह घर से निकलना जोखिम भरा हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम में बदलाव या तेज हवाओं से जल्द राहत मिले, लेकिन फिलहाल हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
आगे क्या?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जब तक तेज हवाएं नहीं चलतीं या बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण और कोहरे से पूरी राहत मिलना मुश्किल है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और प्रशासन प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू करे।
Delhi-NCR is facing a severe winter crisis due to dense fog and dangerous air pollution levels. Visibility has dropped below 100 meters in many areas, while the AQI has crossed 400, making the air extremely hazardous. The combination of fog and smog has disrupted flights, road traffic, and train services. IMD has issued a yellow alert, warning residents to stay cautious as weather and pollution conditions continue to worsen across the region.



















